NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फ़ैक्ट-चेक : RSS कार्यालय या ताहिर हुसैन का घर, कहां से बरामद हुआ हथियारों का भंडार?
दिल्ली हिंसा के चलते सोशल मीडिया में कई सारी ऐसी गलत जानकारियां फैलाई गई जिससे दिल्ली में तनाव की स्थिति बरकरार रखी जा सके। इसी बीच फ़ेसबुक पर कुछ तस्वीरें शेयर की गई हैं जिसे दो दावों के साथ सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।
किंजल
12 Mar 2020
fact check

दिल्ली हिंसा के चलते सोशल मीडिया में कई सारी ऐसी गलत जानकारियां फैलाई गई जिससे दिल्ली में तनाव की स्थिति बरकरार रखी जा सके. कई ऐसे पुराने वीडियो और तस्वीरें शेयर कर लोगों के बीच तनाव बढ़ाने का प्रयास किया गया. ऑल्ट न्यूज़ ने ऐसे कई दावों की जांच कर उनकी सच्चाई लोगों के सामने रखा है.

इसी बीच फ़ेसबुक पर कुछ तस्वीरें शेयर की गई हैं जिसे दो दावों के साथ सोशल मीडिया वायरल किया जा रहा है.

पहला दावा 

एक दावा तो ये है कि दिल्ली में आरएसएस कार्यालय से हथियारों का भंडार बरामद किया गया है. फ़ेसबुक यूज़र हबीब आर खान आज़मी ने ये तस्वीरें इन्हीं दावों के साथ शेयर की है. तस्वीरें शेयर करते हुए आज़मी ने लिखा है -“#दिल्ली में, #आरएसएस के एक स्थानीय #कार्यालय से बरामद #हथियारों का #भंडार।????” उनकी पोस्ट को ये आर्टिकल लिखते वक़्त तक 1000 बार शेयर किया जा चुका है. (आर्काइव किया हुआ पोस्ट)

Image

दावा 2

दूसरे दावे के मुताबिक ये तस्वीरें आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन के घर की है. लोगों ने आरोप लगाया है कि हुसैन के घर से हथियारों का जत्था बरामद किया गया है. एक यूज़र ने ये तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा है – “दिल्ली के तथाकथित शांतिदूत कहे जाने वाले ताहिर हुसैन के घर से हथियारों जखीरा मिला.. यह तो एक घर की तस्वीरें है, सोचो ऐसे कितने घर होंगे?आतंकी #ताहिर_हुसैन को फांसी दो।” इन दावों के साथ ये तस्वीरें फ़ेसबुक और ट्विटर पर वायरल हैं.

image 2

इन तस्वीरों की सच्चाई जानने के लिए कुछ यूज़र्स ने ऑल्ट न्यूज़ के ऑफ़िशियल ऐप पर भी रिक्वेस्ट भेजी है.

image 3

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ इन तस्वीरों की जांच पिछले साल कर चुका है जब इन्हें गुजरात के मदरसों से मिले हुए हथियारों का बताकर शेयर किया जा रहा था.

पहली तस्वीर

image 4

ये तस्वीर राजकोट क्राइम ब्रांच द्वारा एक होटल से अवैध हथियारों के रैकेट का पर्दाफाश की घटना की है. अहमदाबाद-राजकोट हाईवे पर इंडिया पैलेस होटल से तलवार और चाकू सहित 250 से अधिक घातक हथियारों को ज़ब्त किया गया था। इस छापेमारी में होटल के मालिक सहित पांच लोगों की गिरफ़्तारी हुई थी. गुजराती अख़बार ‘दिव्य भास्कर‘ ने भी इस घटना की ख़बर दी थी.

दूसरी तस्वीर

image 5

इसे रिवर्स सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को मार्च 2016 का ‘गुजरात हैडलाइन’ पोर्टल का आर्टिकल मिला. आर्टिकल के मुताबिक, इन हथियारों को गुजरात के राजकोट की एक दुकान से ज़ब्त किया गया था।

 

image 6

इस तरह ये तस्वीर भी मार्च 2016 में गुजरात के होटल में छापेमारी की घटना के बाद बरामद किये गए हथियारों की है.

तीसरी तस्वीर

image 7

ये तस्वीर अहमदाबाद-राजकोट हाईवे पर मौजूद एक होटल में मार्च 2016 में की गई छापेमारी की है. पुलिस ने होटल से बड़ी संख्या में हथियारों को ज़ब्त किया था.

चौथी तस्वीर

image 8

इसे गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने से ‘इंडिया टुडे’ का एक आर्टिकल मिला. आर्टिकल में बताया गया है कि ये तस्वीर पंजाब के पटियाला में स्थित एक ‘किरपान’ कारखाने की है. इस कारखाने का नाम ‘खालसा किरपान’ बताया गया है. ऑल्ट न्यूज़ ने कारखाने के मालिक से संपर्क कर इस बात की पुष्टि की थी कि ये वहां की ही तस्वीरें हैं.

इसके अलावा, ट्विटर पर की-वर्ड्स सर्च से हमें गुजरात हैडलाइन का एक ट्वीट मिला. 5 मार्च, 2016 के इस ट्वीट में राजकोट हाईवे की होटल में छापेमारी के बारे में बताया गया है.

#Rajkot: stock of #lethal #weapons found from #Novelty #store; 5 persons arrested https://t.co/oJrQBHE7Sp #Gujarat pic.twitter.com/A9jRB77W2r

— GujaratHeadline News (@GujaratHeadline) March 5, 2016

2016 में गुजरात की एक होटल से हथियारों का जत्था बरामद करने की तस्वीरें झूठे दावों से शेयर की जा रही है. इस तरह सोशल मीडिया में चल रहे दावे कि दिल्ली में आरएसएस कार्यालय या ताहिर हुसैन के घर से हथियार बरामद किये गए है, दोनों ही गलत साबित होते हैं.

साभार : ALTnews 

punjab
Gujarat
Delhi riots
weapons
RSS

Related Stories

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कांग्रेस का संकट लोगों से जुड़ाव का नुक़सान भर नहीं, संगठनात्मक भी है

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...

पीएम मोदी को नेहरू से इतनी दिक़्क़त क्यों है?


बाकी खबरें

  • ऋचा चिंतन
    WHO की कोविड-19 मृत्यु दर पर भारत की आपत्तियां, कितनी तार्किक हैं? 
    25 Apr 2022
    भारत ने डब्ल्यूएचओ के द्वारा अधिक मौतों का अनुमान लगाने पर आपत्ति जताई है, जिसके चलते इसके प्रकाशन में विलंब हो रहा है।
  • एजाज़ अशरफ़
    निचले तबकों को समर्थन देने वाली वामपंथी एकजुटता ही भारत के मुस्लिमों की मदद कर सकती है
    25 Apr 2022
    जहांगीरपुरी में वृंदा करात के साहस भरे रवैये ने हिंदुत्ववादी विध्वंसक दस्ते की कार्रवाई को रोका था। मुस्लिम और दूसरे अल्पसंख्यकों को अब तय करना चाहिए कि उन्हें किसके साथ खड़ा होना होगा।
  • लाल बहादुर सिंह
    वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव को विभाजनकारी एजेंडा का मंच बनाना शहीदों का अपमान
    25 Apr 2022
    ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध हिन्दू-मुस्लिम जनता की एकता की बुनियाद पर लड़ी गयी आज़ादी के लड़ाई से विकसित भारतीय राष्ट्रवाद को पाकिस्तान विरोधी राष्ट्रवाद (जो सहजता से मुस्लिम विरोध में translate कर…
  • आज का कार्टून
    काश! शिक्षा और स्वास्थ्य में भी हमारा कोई नंबर होता...
    25 Apr 2022
    SIPRI की एक रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार ने साल 2022 में हथियारों पर जमकर खर्च किया है।
  • वसीम अकरम त्यागी
    शाहीन बाग़ की पुकार : तेरी नफ़रत, मेरा प्यार
    25 Apr 2022
    अधिकांश मुस्लिम आबादी वाली इस बस्ती में हिंदू दुकानदार भी हैं, उनके मकान भी हैं, धार्मिक स्थल भी हैं। समाज में बढ़ रही नफ़रत क्या इस इलाक़े तक भी पहुंची है, यह जानने के लिये हमने दुकानदारों,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License