NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
हुकूमत से उलझे दिवानों की जय हो...
कृषि बिल के विरोध में चल रहे किसानों के ऐतिहासिक आंदोलन के मद्देनज़र पेश है शायर इरशाद ख़ान सिकंदर की यह कविता, जो किसानों के जज़्बे को सलाम करते हुए लिखी गई है।
न्यूज़क्लिक डेस्क
02 Dec 2020
हुकूमत से उलझे दिवानों की जय हो...

कृषि बिल के विरोध में चल रहे किसानों के ऐतिहासिक आंदोलन के मद्देनज़र पेश है शायर इरशाद ख़ान सिकंदर की यह कविता, जो किसानों के जज़्बे को सलाम करते हुए लिखी गई है।

किसान

जड़ों से जुड़े नौजवानों की जय हो
नयी सोच वाले पुरानों की जय हो 
हुकूमत से उलझे दिवानों की जय हो 
जवानों की जय हो किसानों की जय हो

लड़ेंगे नहीं बात रक्खेंगे अपनी
तिरे आगे दिन! रात रक्खेंगे अपनी
अगर तू न माना तो हम ये करेंगे
है मरना ही तो तेरे दर पर मरेंगे
अहिंसा में डूबे बयानों की जय हो
जवानों की जय हो किसानों की जय हो

मिरे लाल कुछ दिन मिरे गाँव आओ
मिरे साथ खेतों में फ़सलें उगाओ
अगर बाढ़ सूखे की नौबत न आई
तो ख़ुद जान जाओगे मेरी कमाई
सो इन खेतियों के ख़ज़ानों की जय हो 
जवानों की जय हो किसानों की जय हो

जो तुम खा रहे हो वो मैंने उगाया
मगर देख लो क्या मिरे हाथ आया
फलें-फूलें सब लोग ऐसा सबक़ दो
मिरी इल्तिजा है मुझे मेरे हक़ दो
तुम्हारी हवाई उड़ानों की जय हो 
जवानों की जय हो किसानों की जय हो 

सुनो लाला अपनी जो ये दादियाँ हैं 
यही धरती की अस्ल शाहज़ादियाँ हैं
कमर झुक के बेशक कमाँ हो गयी है
मगर इनकी हिम्मत जवाँ ही गयी है
तो झुर्री भरी दास्तानों की जय हो 
जवानों की जय हो किसानों की जय हो

-इरशाद ख़ान सिकंदर

farmers protest
DILLI CHALO
farmers protest 26 nov
poetry on farmers

Related Stories

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे

ऐतिहासिक किसान विरोध में महिला किसानों की भागीदारी और भारत में महिलाओं का सवाल

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला

लखीमपुर कांड की पूरी कहानी: नहीं छुप सका किसानों को रौंदने का सच- ''ये हत्या की साज़िश थी'’

इतवार की कविता : 'ईश्वर को किसान होना चाहिये...

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

जीत कर घर लौट रहा है किसान !

किसान आंदोलन की ऐतिहासिक जीत , 11 को छोड़ेंगे मोर्चा


बाकी खबरें

  • मोदी “सुरक्षा चूक” मामला: “हाकिमों को इन रस्तों पर रोकना हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है”
    पावेल कुस्सा
    मोदी “सुरक्षा चूक” मामला: “हाकिमों को इन रस्तों पर रोकना हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है”
    08 Jan 2022
    इस सारी बहस में प्रधानमंत्री की सुरक्षा के तकनीकी नुक्तों के अलग-अलग पहलुओं पर जवावदेही तय करने का अपना स्थान है। पर यह लोगों के रोष प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार से ऊपर नहीं है। देश के…
  • corona
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है कोरोना, 24 घंटों में 1,41,986 नए मामले
    08 Jan 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 1.34 फ़ीसदी यानी 4 लाख 72 हज़ार 169 हो गयी है।
  • rasoi
    सेजल पटेल, स्नेहा रिछारिया
    बाल विवाह विधेयक: ग़ैर-बराबरी जब एक आदर्श बन जाती है, क़ानून तब निरर्थक हो जाते हैं!
    08 Jan 2022
    बाल विवाह के ख़िलाफ़ क़ानूनों की व्यर्थता पर भारतीय ग्रामीण महिलाओं का एक लेखा-जोखा।
  • Escalating Violence in Kazakhstan and Increasing Spread of Omicron
    न्यूज़क्लिक टीम
    कज़ाकिस्तान में हिंसा और कूटनीतिक दांव और ओमिक्रोन का ख़तरनाक फैलाव
    07 Jan 2022
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने सेंट्रल एशिया के अहम देश कज़ाकिस्तान में फैली हिंसा और गहराती कूटनीति पर न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकास्यथ से बातचीत की। साथ ही दुनिया…
  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    सिर्फ 8 % महिलाओं के पास है रोज़गार
    07 Jan 2022
    भारत में 15 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं में सिर्फ 8 % के पास रोज़गार है। हालांकि कुछ लोगो का मानना है कि जैसे जैसे देश में निम्न वर्ग के पास पैसे आ रहे हैं , वहां महिलाओं को काम करने की जरुरत नहीं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License