NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
उत्पीड़न
कानून
कृषि
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
ग़ाज़ीपुर धरना स्थल खाली करने के आदेश, पुलिस और किसान आमने सामने; राकेश टिकैत ने कहा धरना जारी रहेगा
गाज़ीपुर बॉर्डर पर पिछले 60 से अधिक दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों को गाज़ियाबाद पुलिस ने आज रात धरना स्थल छोड़ने की चेतवानी दी है। इससे पहले कल बुधवार रात को वहां की बिजली काट दी गई थी और पानी सप्लाई भी रोक दी गई थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Jan 2021
farmers protest

दिल्ली: बुधवार रात और गुरवार के दिन में अचानक पुलिस प्रशासन के लोग किसान आंदोलन को समाप्त करने पर तुले हुए हैं। गाजीपुर बॉर्डर पर पिछले 60 से अधिक दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों को गाज़ियाबाद पुलिस ने आज रात में धरना स्थल छोड़ने की चेतवानी दी है। इससे पहले कल बुधवार रात को वहां की बिजली काट दी ,पानी सप्लाई को रोक दिया और सुबह कुछ रिपोर्ट के मुतबिक शौचालयों को भी बंद कर दिया था।  

इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन के नेता और इस मोर्चे के नेतृत्वकारी राकेश टिकैत के खिलाफ नोटिस दिया गया है। साथ ही उनके गिरफ़्तारी की भी उम्मीद की जा रही है। परन्तु राकेश टिकैत ने साफ किया कुछ भी हो जाए वो धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे। उनके साथ अभी वहां हज़ारों किसान बैठे हुए हैं। सभी का कहना है कि  पुलिस जेल में डाल दे लेकिन हम अपना आंदोलन नहीं छोड़ेंगे।

राकेश टिकैत ने कहा कि बीजेपी के लोग गुंडागर्दी कर रहे हैं, आंदोलन जारी रखो।  उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए गुरुवार की शाम को कहा कि कुछ हुआ तो प्रशासन जिम्मेदार होगा। राकेश टिकैत ने कहा कि बीजेपी के लोग गुंडागर्दी कर रहे हैं।
वहां स्थति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है , लेकिन  आंदोलनकारी किसानों के हौसलें पूरी तरह बुलंद है। उनका कहना है पुलिस अगर  गिरफ़्तार करेगी तो इससे बड़ा जनसैलब पीछे गाँवो से यहां आएगा।

यह सिर्फ गाजीपुर पर नहीं हुआ है बल्कि उत्तर प्रदेश के बागपत में 40 दिनों से शांतपूर्ण रूप से प्रदर्शन कर रहे  किसानों को  बुधवार रात बल प्रयोग करके हटा दिया गया। 

इसी तरह हरियाणा पुलिस ने भी सिंघु और टिकरी बॉर्डर को छोड़कर पुरे राज्य के टोल और बाकि अन्य जगहों पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को हटाने का काम कर रही है।  वहां भी टिकरी बार्डर और सिंघु पर इस वक़्त दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्सेज की संख्या को बढ़ा दिया गया है। बड़ी संख्या में BSF, CRPF के जवान तैनात हैं।

इस सबके पीछे केंद्र सरकार 26 जनवरी के दिन हुए लाल क़िले की घटना की आड़ ले रही है।  किसान नेताओं ने उसी दिन साफ कर दिया था कि हिंसा से उनका कोई लेना देना नहीं है। सभी किसानों ने उस घटना की निंदा की थी।  हालांकि इस पूरे घटना को लेकर पुलिस और केंद्र सरकार पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। 

आपको बता दे ये किसान पांच महीने तक पंजाब और पिछले दो महीने से अधिक से दिल्ली के बॉर्डर पर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे थे।  इसमें कोई भी हिंसा नहीं हुई, जो झुटपुट घटना भी हुई, उसमें पुलिस से झड़प थी।  26 जनवरी के दिन की ही बात करें तो पूरे देश में ऐतिहसिक किसान परेड हुई और दिल्ली में लाखों ट्रैक्टरों द्वारा मार्च किया गया।  इतने बड़े आंदोलन में एक लाल किले के अपवाद को छोड़ दें तो पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण ही रहा है।  

Ghazipur protest site
Power Cut Ghazipur Border
farmers protest
Anti Farm Laws

Related Stories

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे

ऐतिहासिक किसान विरोध में महिला किसानों की भागीदारी और भारत में महिलाओं का सवाल

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला

लखीमपुर कांड की पूरी कहानी: नहीं छुप सका किसानों को रौंदने का सच- ''ये हत्या की साज़िश थी'’

इतवार की कविता : 'ईश्वर को किसान होना चाहिये...

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

जीत कर घर लौट रहा है किसान !

किसान आंदोलन की ऐतिहासिक जीत , 11 को छोड़ेंगे मोर्चा


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 861 नए मामले, 6 मरीज़ों की मौत
    11 Apr 2022
    देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 11 हज़ार 58 हो गयी है।
  • nehru
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या हर प्रधानमंत्री एक संग्रहालय का हक़दार होता है?
    10 Apr 2022
    14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेहरू स्मृति संग्रहालय और पुस्तकालय की जगह बने प्रधानमंत्री संग्रहालय का उद्घाटन करेंगेI यह कोई चौकाने वाली घटना नहीं क्योंकि मौजूदा सत्ता पक्ष का जवाहरलाल…
  • NEP
    नई शिक्षा नीति का ख़ामियाज़ा पीढ़ियाँ भुगतेंगी - अंबर हबीब
    10 Apr 2022
    यूजीसी का चार साल का स्नातक कार्यक्रम का ड्राफ़्ट विवादों में है. विश्वविद्यालयों के अध्यापक आरोप लगा रहे है कि ड्राफ़्ट में कोई निरंतरता नहीं है और नीति की ज़्यादातर सामग्री विदेशी विश्वविद्यालयों…
  • imran khan
    भाषा
    पाकिस्तान में नए प्रधानमंत्री का चयन सोमवार को होगा
    10 Apr 2022
    पीएमएल-एन के शहबाज शरीफ, पीटीआई के कुरैशी ने प्रधानमंत्री पद के लिए नामांकन पत्र जमा किया। नए प्रधानमंत्री का चुनाव करने के लिए सोमवार दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी।
  • Yogi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: भाजपा में नंबर दो की लड़ाई से लेकर दिल्ली के सरकारी बंगलों की राजनीति
    10 Apr 2022
    हर हफ़्ते की प्रमुख ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License