NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कश्मीर : व्यापारियों के लिए जीएसटी रिटर्न दाख़िल करना मुश्किल
"असुविधा काफ़ी ज़्यादा है और जब तक ब्रॉडबैंड सेवाओं को बहाल नहीं किया जाता है समस्या हल नहीं हो पाएगी।"
अनीस ज़रगर
14 Dec 2019
kashmir
Image courtesy: MediaNama

चूंकि कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं, ऐसे में सरकार द्वारा वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) रिटर्न दाख़िल करने के लिए सुविधा केंद्रों को स्थापित किए जाने के बावजूद व्यापारियों को यहां भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस इलाक़े में इंटरनेट सेवाओं को 5 अगस्त के दिन बंद कर दिया गया था क्योंकि सरकार ने धारा 370 को निरस्त कर दिया और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया। इंटरनेट सेवाओं के बंद होने से नए बने संघशासित प्रदेश में एक बड़ा संकट पैदा हो गया है। इसके कारण व्यापारी तीन महीने से अधिक समय से अपना जीएसटी रिटर्न दाख़िल नहीं कर पा रहे हैं।

चूंकि व्यवसायी जुलाई के बाद से अपना जीएसटी रिटर्न दाख़िल करने में सक्षम नहीं थे इसलिए सभी क्षेत्रीय ज़िला प्रशासन ने इंटरनेट सुविधा कियोस्क प्रदान करके जीएसटी रिटर्न दाख़िल करने की सुविधा शुरू की है।

हालांकि नागरिक प्रशासन को रिटर्न दाख़िल करने की तारीख़ को कई बार बढ़ाना पड़ा और इस महीने की शुरुआत में समय सीमा फिर से 18 नवंबर से 20 दिसंबर तक बढ़ा दी गई।

श्रीनगर में बिक्री एवं कर विभाग के कार्यालय में व्यापारियों को अपने रिटर्न दाख़िल करने के लिए लगभग 60 कंप्यूटर हैं। विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "पिछले सप्ताह में औसतन 100 व्यापारियों ने अपने रिटर्न दाख़िल किए हैं।"

इस परिसर में व्यापारी केवल जीएसटी रिटर्न दाख़िल करने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं और अपना ईमेल इस्तेमाल कर सकते हैं। इन स्थानों पर अन्य चीज़ों के इस्तेमाल के लिए इंटरनेट पर प्रतिबंध है।

अधिकारी ने आगे कहा, "व्यापारियों को पांच रिटर्न दाख़िल करने में आधे घंटे से एक घंटे तक का समय लगता है। हमने समय के लिए कोई सीमा तय नहीं की है।

विभाग ने इस इलाक़े को 31 सर्किल में विभाजित किया है जिनमें से 16 शहर में है जबकि शेष ग्रामीण क्षेत्रों में है। एक वरिष्ठ बिक्री एवं कर विभाग के अधिकारी के अनुसार कश्मीर क्षेत्र में लगभग 48,000 व्यापारी हैं जिन्हें अपना जीएसटी रिटर्न जमा करना था। सुविधा केंद्रों की स्थापना के बाद से 5 दिसंबर को प्रति दिन 1200 व्यापारी अपने रिटर्न दाख़िल करने में सफल रहे हैं। अधिकांश व्यापारियों को अभी भी अपना रिटर्न दाख़िल करना है।

केवल 40% व्यापारी ही अब तक अपना रिटर्न दाख़िल करने में सक्षम हैं। व्यापारियों का कहना है कि यह संभावना नहीं है वे सरकार द्वारा निर्धारित रिटर्न दाख़िल की समय सीमा को पूरा करने में सक्षम होंगे।

कश्मीर चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़(केसीसीआई) के अध्यक्ष शेख़ आशिक़ पर्याप्त समय और विशेषज्ञता की कमी का हवाला देते हुए 20 दिसंबर की समय सीमा को लेकर चिंतित हैं।

आशिक़ कहते हैं, "बड़े पैमाने पर असुविधा है और जब तक ब्रॉडबैंड सेवाओं को बहाल नहीं किया जाता है तब तक समस्या हल नहीं हो सकती है। रिटर्न दाख़िल करना एक बार की प्रक्रिया नहीं है और समय सीमा पर पूरा करने में विफल रहने पर व्यवसायियों को जुर्माना जमा करना पड़ता है; यह एक दबाव डालने वाला मामला है।”

आशिक़ कहते हैं कि इससे पहले सभी व्यापारी अपने जीएसटी रिटर्न को अपने दम पर दाख़िल नहीं करते थे। वे आगे कहते हैं, “ट्रेडर्स रिटर्न दाख़िल करने के लिए विशेषज्ञों को शामिल करते, लेकिन उनमें से अधिकांश ने घाटी छोड़ दी है और अब कई व्यापारियों को पहली बार अपने दम पर फ़ाइल करने के लिए मजबूर किया जाता है। ऐसे में ग़लत तरीक़े से रिटर्न दाख़िल करने की संभावना ज़्यादा है।"

इससे पहले जुलाई से तय की गई समय सीमा को पूरा करने में विफलता के कारण घाटी के कई व्यापारियों का जीएसटीआईएन नंबर बंद कर दिया गया था। एक बार लेनदेन के विवरण को करदाता के जीएसटी पोर्टल खाते में डालने के बाद जीएसटीआईएन को ई-वे बिल बनाने से रोक दिया गया। इस बिल के बिना लेनदेन का रिकॉर्ड नहीं रखा जा सकता है।

नवंबर महीने की एक विज्ञप्ति में इस क्षेत्र के अधिकारियों ने स्वीकार किया कि पिछले चार महीनों से राजस्व संग्रह में इस वर्ष दाख़िल किए गए रिटर्न का प्रतिशत काफ़ी कम है।

अंग्रेजी में लिखा मूल आलेख आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

Filing GST Returns a Herculean Task for Kashmir Traders, Likely to Miss Another Deadline

Jammu and Kashmir
GSTIN
GST returns
Kashmir Chamber of Commerce and Industries
Abrogation of Article 370
GST Portal

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद

जम्मू में आप ने मचाई हलचल, लेकिन कश्मीर उसके लिए अब भी चुनौती

जम्मू-कश्मीर परिसीमन से नाराज़गी, प्रशांत की राजनीतिक आकांक्षा, चंदौली मे दमन


बाकी खबरें

  • इक्कीसवीं सदी में अठारहवीं सदी का जीवन जी रहे कारगिल शहीद के गांव वासी
    अजीत सिंह
    इक्कीसवीं सदी में अठारहवीं सदी का जीवन जी रहे कारगिल शहीद के गांव वासी
    27 Aug 2021
    आज भी कारगिल शहीद अनिल रावत के गाँव कुंडयू वासी बिना सड़क और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहे हैं।
  • एमनेस्टी ने हज़ारों श्रमिकों की मौतों की पर्याप्त जांच करने में कतर की विफलता को उजागर किया
    पीपल्स डिस्पैच
    एमनेस्टी ने हज़ारों श्रमिकों की मौतों की पर्याप्त जांच करने में कतर की विफलता को उजागर किया
    27 Aug 2021
    संगठन ने 2022 विश्व कप के इस मेजबान देश से विदेशी श्रमिकों की मौतों की सटीक और अंतर्निहित कारणों की जांच करने और पहचान करने का आह्वान किया है।
  • काबुल हवाई अड्डे के पास दो विस्फोटों में 100 से अधिक लोगों की मौत
    पीपल्स डिस्पैच
    काबुल हवाई अड्डे के पास दो विस्फोटों में 100 से अधिक लोगों की मौत
    27 Aug 2021
    इन धमाकों के कुछ घंटे पहले अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने चेतावनी जारी कर लोगों को 'आईएसआईएस-के' के ख़तरे के चलते हवाईअड्डे से दूर रहने को कहा। इसने बाद में इन विस्फोटों की जिम्मेदारी ली।
  • काबुल हवाई अड्डे पर धमाकों में कम से कम 95 अफ़ग़ानों की मौत : अधिकारी
    एपी/भाषा
    काबुल हवाई अड्डे पर धमाकों में कम से कम 95 अफ़ग़ानों की मौत : अधिकारी
    27 Aug 2021
    ‘इस्लामिक स्टेट-खुरासान प्रांत’ (आईएसकेपी) ने काबुल हवाईअड्डे के बाहर हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है।
  • विशेष: गिनने और न गिनने के बीच जीती जागती जाति
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    विशेष: गिनने और न गिनने के बीच जीती जागती जाति
    27 Aug 2021
    हम सब जाति के पाखंड के शिकार हैं। अगर उसे समाज के स्तर पर तोड़ते हैं तो राजनीति के स्तर पर अपना लेते हैं और अगर राजनीति के स्तर पर तोड़ते हैं तो समाज के स्तर पर बना रहने देते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License