NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
रफ़ाल सौदे के मामले में फ्रांस ने न्यायिक जांच आरंभ की: फ्रांसीसी मीडिया
‘मीडिया पार्ट’ के अनुसार, दो सरकारों के बीच हुए इस सौदे को लेकर जांच गत 14 जून को औपचारिक रूप से आरंभ हुई। इस सौदे पर फ्रांस और भारत के बीच 2016 में हस्ताक्षर हुए थे।
भाषा
03 Jul 2021
रफ़ाल सौदे के मामले में फ्रांस ने न्यायिक जांच आरंभ की: फ्रांसीसी मीडिया

नयी दिल्ली: भारत के साथ 59,000 करोड़ रुपये के रफ़ाल विमान सौदे में कथित ‘भ्रष्टाचार और लाभ पहुंचाने’ के मामले में फ्रांस के एक न्यायाधीश को ‘बहुत संवेदशील’ न्यायिक जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

फ्रांस की समाचार वेबसाइट ‘मीडिया पार्ट’ ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है।

इस रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह सामने आएं और ‘रफ़ाल घोटाले’ की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने का आदेश दें।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ फ्रांस में जो ताजे खुलासे हुए हैं, उनसे साबित होता है कि रफ़ाल सौदे में भ्रष्टाचार हुआ। कांग्रेस और राहुल गांधी की बात सही साबित हुई। अब यह घोटाला सबके सामने आ चुका है।’’

बहरहाल, इस मामले पर सरकार या भाजपा की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

‘मीडिया पार्ट’ के अनुसार, दो सरकारों के बीच हुए इस सौदे को लेकर जांच गत 14 जून को औपचारिक रूप से आरंभ हुई। इस सौदे पर फ्रांस और भारत के बीच 2016 में हस्ताक्षर हुए थे।

इस वेबसाइट की रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘भारत को 36 रफ़ाल विमान बेचने के लिए 2016 में हुए 7.8 अरब यूरो के सौदे को लेकर फ्रांस में संदिग्ध भ्रष्टाचार की न्यायिक जांच आरंभ हुई है।’’

उसने कहा कि फ्रांस के राष्ट्रीय वित्तीय अभियोजक कार्यालय (पीएनएफ) की ओर से जांच की पहल की गई है।

सौदे में कथित अनियमितताओं को लेकर अप्रैल में ‘मीडिया पार्ट’ की एक रिपोर्ट सामने आने और फ्रांसीसी एनजीओ ‘शेरपा’  की ओर शिकायत दर्ज कराने के बाद पीएनएफ की ओर से जांच का आदेश दिया गया है।

इस फ्रांसीसी वेबसाइट ने कहा, ‘‘दो सरकारों के बीच हुए इस सौदे को लेकर 14 जून को बहुत ही संवेदनशील न्यायिक जांच औपचारिक रूप से आरंभ हुई।’’

‘मीडिया पार्ट’ से संबंधित पत्रकार यान फिलिपीन ने कहा कि 2019 में दायर की गई पहली शिकायत को पूर्व पीएनएफ प्रमुख की ओर से ‘दबा दिया गया था।’

अप्रैल महीने में इस वेबसाइट ने फ्रांस की भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी की जांच का हवाला देते हुए दावा किया था कि रफ़ाल विमान बनाने वाली कंपनी दसॉं एविशन ने एक भारतीय बिचौलिए को 10 लाख यूरो दिए थे।

दसॉं एविएशन ने इस आरोप को खारिज कर दिया था और कहा था कि अनुबंध को तय करने में कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।

भाजपा की अगुवाई वाली राजग सरकार ने इस विमान सौदे पर 23 सितंबर, 2016 को हस्ताक्षर किया था।

कांग्रेस का आरोप है कि इस सौदे में बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई है और 526 करोड़ रुपये के एक विमान की कीमत 1670 करोड़ रुपये अदा की गई। उसने 2019 के लोकसभा चुनाव में इसे बड़ा मुद्दा बनाया था।

भाजपा और सरकार की तरफ से आरोपों को कई मौकों पर खारिज किया गया और यह कहा गया कि उच्चतम न्यायालय इस मामले में क्लीन चिट दे चुका है।

Rafale deal
rafale scam
Dassault Aviation
François Hollande
Emmanual Macron
Narendra modi
Reliance Group
Anil Ambani
Mediapart Investigation

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 


बाकी खबरें

  • अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को बोलते हुए सुनते अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन। बाइडेन रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के साथ 16 जून 2021 को स्विटजरलैंड के जिनेवा में शिखर सम्मेलन के बाद मीडिया से मुखातिब हुए।
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन-पुतिन शिखर सम्मेलन का होहल्ला  ख़त्म
    22 Jun 2021
    अमेरिकी-रूस के बीच जब भी संबंध की बात आती है तो एक ठहराव का लौट आना अवश्यम्भावी हो जाता है। इसके कुछ आरंभिक संकेत पहले से मौजूद हैं। अफगानिस्तान और म्यांमार को लेकर बाइडेन को रूस से कुछ मदद मिलने की…
  • तस्वीर में जयप्रकाश नारायण (बाएं), महात्मा गांधी (मध्य में), विनोबा भावे (दाएं)। इन तीनों नेताओं ने हमेशा कश्मीर में प्यार और सद्भाव के साथ हस्तक्षेप की वकालत की।
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    “मज़हब और सियासत से हल नहीं होगा कश्मीर का मसला”
    22 Jun 2021
    पिछले सात सालों और विशेषकर दो सालों में कश्मीर के मसले पर शेष भारत में कश्मीर विजय का जो आख्यान चलाया गया वह गहरी सियासत के साथ बदले की भावना से प्रेरित था।  
  • इज़रायली सेटलर्स व सुरक्षा बलों ने फिर शेख़ जर्राह पर हमला किया
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायली सेटलर्स व सुरक्षा बलों ने फिर शेख़ जर्राह पर हमला किया
    22 Jun 2021
    इज़रायल की हिंसा के परिणामस्वरूप कम से कम 20 फिलिस्तीनियों को चोटें आईं, जिसमें इज़रायली सुरक्षा बलों ने उन पर बदबुदार पानी, काली मिर्च स्प्रे, आंसू गैस के साथ-साथ रबर कोटेड मेटल की गोलियों से हमला…
  • कोविड-19 : शीर्ष वैज्ञानिकों ने बताया कैसे भारत तीसरी लहर से निपट सकता है
    संदीपन तालुकदार
    कोविड-19 : शीर्ष वैज्ञानिकों ने बताया कैसे भारत तीसरी लहर से निपट सकता है
    22 Jun 2021
    विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में बड़े स्तर पर महामारी के फैलाव को रोकने के लिए भारत को कोरोना जांच, आइसोलेशन और जीनोम सीक्वेंसिंग में तेज़ी लानी होगी। इसके अलावा टीकाकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं के…
  • बाल अधिकार उल्लंघनकर्ताओं की सूची से इज़रायल और सऊदी गठबंधन को बाहर रखने पर यूएन की आलोचना
    पीपल्स डिस्पैच
    बाल अधिकार उल्लंघनकर्ताओं की सूची से इज़रायल और सऊदी गठबंधन को बाहर रखने पर यूएन की आलोचना
    22 Jun 2021
    बाल अधिकार उल्लंघन के सत्यापित मामले होने के बावजूद यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन व इज़रायल और अफगानिस्तान में कई गुटों को इस वर्ष की संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में इस सूची में शामिल नहीं किया गया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License