NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गांधी मैदान में खेत और ग्रामीण मज़दूरों का जुटान, मोदी सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान
“आज साढ़े चार साल में पूरा देश भयावह त्रासदी व पीड़ा से गुजर रहा है। मोदी सरकार देश के लिए हादसा साबित हुई है।”
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Nov 2018
KHEGRAMAS CPI ML

‘भाजपा भगाओ-गरीब बचाओ’ के नारे के साथ बिहार के जहानाबाद के ऐतिहासिक गांधी मैदान में सोमवार को गरीब- मजदूरों का बड़ा जुटान हुआ। मौका था अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के छठे राष्ट्रीय सम्मेलन का। इसमें जहानाबाद, अरवल, गया और अन्य इलाकों से हजारों की संख्या में दलित-गरीब-मेहनतकश जहानाबाद पहुंचे थे। 

रैली को संबोधित करते हुए भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि जहानाबाद दलित-गरीबों के ऐतिहासिक व जुझारू आंदोलनों की सरजमीं रही है। यह वह जमीं रही है जहां हमने शाह चांद व मंजू देवी तथा वीरेन्द्र विद्रोही जैसे सैंकड़ों साथियों की शहादत दी है। सांप्रदायिक-सामंती ताकतों ने सोचा था कि दमन करके गरीबों की आवाज दबा दी जाएगी लेकिन गांधी मैदान में यह दसियों हजार की संख्या कह रही है कि गरीबों का आंदोलन रूकने वाला नहीं है। 

उन्होंने कहा कि आज देश के गांव-गांव में नारा लग रहा है - भाजपा भगाओ-गरीब बचाओ क्योंकि ऐसी गरीब विरोधी सरकार आज तक इस देश ने नहीं देखी थी। आज साढ़े चार साल में पूरा देश भयावह त्रासदी व पीड़ा से गुजर रहा है। मोदी सरकार देश के लिए हादसा साबित हुई है। इस सरकार ने देश के गरीबों का हक छीनने का काम किया है। मनरेगा जैसे जो कानून बने थे, आज उन्हें पूरी तरह खत्म किया जा रहा है। आदिवासियों को जमीन से उजाड़ा जा रहा है। खाद्य सुरक्षा कानून का मजाक उड़ गया है। राशन को आधार कार्ड से जोड़ा जा रहा है और इसलिए लोग आज भूख से मर रहे हैं। पूरे देश में 60-70 लोग भूख से मर गए। 

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार 2022 की बात करती है, आज की बात क्यों नहीं करती? अब कोई मुद्दा नहीं मिल रहा तो एक बार फिर से राम मंदिर का राग अलाप रही है। इसलिए हमने तय किया कि देश के साथ जो यह हादसा हुआ है, उससे देश को उबारना होगा। आज हमारी आजादी, संविधान के साथ जो हादसा हुआ है वह कोई सामान्य बात नहीं है। यह सरकार सबकुछ खत्म करना चाहती है, इसलिए पहले इस सरकार को ही उखाड़ फेंकना होगा। इसके लिए मजदूर-किसानों, आशाकर्मियों, आंगनबाड़ियों, सफाईकर्मी, मेहनतकशों की बड़ी एकता का निर्माण करना होगा।  

सभा को संबोधित करते हुए किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव राजाराम सिंह ने खेत मजदूरों व किसानों के आंदोलनों की एकता पर बल दिया और कहा कि आगामी 29-30 नवंबर को अपने सवालों पर दिल्ली जा रहे हैं और सरकार को झुकाने का काम करेंगे। सभा को माले विधायक दल के नेता महबूब आलम, विधायक सुदामा प्रसाद, विधायक सत्यदेव राम, ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, राज्य सचिव शशि यादव, जहानाबाद की महिला नेता कुंती देवी, महानंद आदि नेताओं ने संबोधित किया। मंच पर बिहार के बाहर के श्रीराम चौधरी, तिरूपति मेंमांगो, आदि भी उपस्थित थे। सभा की अध्यक्षता पूर्व सांसद रामेश्वर प्रसाद व संचालन गोपाल रविदास ने किया।

इस मौके पर वरिष्ठ नेता प्रताप दास ने झंडा उत्तोलन किया और फिर सभी शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। निर्माही ने जनगीत पेश किए।

रैली के पहले बिहार में संगठित किसान आंदोलन के नेता स्वामी सहजानंद सरस्वती व बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर प्रख्यात अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज भी मौजूद रहे।

KHEGRAMAS
KHET MAZDOOR
CPI(ML)
Bihar
Modi Govt
Anti Labour Policies
anti farmer

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

सरकारी एजेंसियाँ सिर्फ विपक्ष पर हमलावर क्यों, मोदी जी?

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 


बाकी खबरें

  • किसान राष्ट्रीय सम्मेलन में आंदोलन को अखिल भारतीय विस्तार देने पर हुई चर्चा
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसान राष्ट्रीय सम्मेलन में आंदोलन को अखिल भारतीय विस्तार देने पर हुई चर्चा
    26 Aug 2021
    सम्मेलन में नेताओं ने किसान तीन कॉर्पोरेट-समर्थक, किसान-विरोधी केंद्रीय कानूनों को पूरी तरह से निरस्त करने पर क्यों जोर दे रहे हैं, और  संशोधनों के साथ छेड़छाड़ करने से क्यों काम नहीं चलेगा उसका तर्क…
  • तमिलनाडु : कथित सेक्स चैट से बीजेपी को बड़ा झटका
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु : कथित सेक्स चैट से बीजेपी को बड़ा झटका
    26 Aug 2021
    जहाँ एक तरफ़ पार्टी राज्य में अपनी साख जमाना चाह रही है, वहीं तमिलनाडु बीजेपी के जनरल सेक्रेटी ने इस्तीफ़ा दे दिया है।
  • गुजरात उच्च न्यायालय ने धर्मांतरण विरोधी क़ानून की धारा 5 हटवाने वाली राज्य सरकार की अर्ज़ी खारिज़ की
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    गुजरात उच्च न्यायालय ने धर्मांतरण विरोधी क़ानून की धारा 5 हटवाने वाली राज्य सरकार की अर्ज़ी खारिज़ की
    26 Aug 2021
    गुजरात सरकार ने नए धर्मांतरण रोधी कानून की धारा पांच के क्रियान्वयन पर रोक के संबंध में अदालत के हालिया फैसले में संशोधन का अनुरोध करने वाली राज्य सरकार की अर्जी बृहस्पतिवार को खारिज कर दी।
  • ओडिसा: जबरन जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रही आदिवासी महिला नेता को किया नज़रबंद
    अनिल अंशुमन
    ओडिसा: जबरन जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रही आदिवासी महिला नेता को किया नज़रबंद
    26 Aug 2021
    ओडिसा में आदिवासी महिला हॉकी खिलाड़ियों का हुआ स्वागत और जबरन ज़मीन अधिग्रहण का विरोध कर रही आदिवासी महिला नेता को किया नज़रबंद ! 
  • श्रम मोलभावों के लिए आईआरसी एक ग़ैरज़रूरी कानून है
    डॉ के आर श्याम सुंदर
    श्रम मोलभावों के लिए आईआरसी एक ग़ैरज़रूरी कानून है
    26 Aug 2021
    औद्योगिक संबंध संहिता (इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड-आईआरसी) औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा मोलभाव के लिए बनाई गई परिषदों/संघों और कर्मचारियों के बीच सेवा-शर्तों से संबंधित बातचीत/मोलभावों के ऊपर नियम बना रहा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License