NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गढ़वाल विवि में भी पकड़ा गया एबीवीपी का फर्जीवाड़ा, छात्रसंघ अध्यक्ष संदीप राणा का चुनाव रद्द
नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर हुई पुनर्मतगणा में 71 मत अवैध पाए गए जो संदीप राणा के पक्ष में पड़े थे। इसके बाद विवि ने अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव को निरस्त कर दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Jan 2019
ABVP SANDEEP RANA
File Photo. Image Courtesy: jagran.com

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर, उत्तराखण्ड के छात्रसंघ में दिल्ली विश्वविद्यालय का इतिहास दोहराया गया है। जी हां, यहां भी अध्यक्ष पद पर काबिज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के संदीप राणा का फर्जीवाड़ा पाया गया है, जिस वजह से ये चुनाव रद्द कर दिया गया है।

लेकिन यहां भी इस पूरे प्रकरण की जांच में दो महीने से ज़्यादा समय बीत चुका है और यहां भी अब दोबारा चुनाव नहीं होंगे। लिंगदोह कमेटी के निर्देशानुसार यहां भी उपाध्यक्ष पद पर विजयी प्रत्याशी को अध्यक्ष पद सौंपना होगा। दिलचस्प ये है गढ़वाल विश्वविद्लाय में एबीवीपी दिल्ली विश्वविद्यालय की तरह भाग्यशाली नहीं है, जहां छात्र संघ के उपाध्यक्ष पद पर भी उसी का प्रत्याशी विजयी हुआ था। इसलिए डूसू का अध्यक्ष पद खोकर भी कमान एबीवीपी के हाथ में रही। गढ़वाल विवि में अध्यक्ष पद की कमान अब आइसा के हाथ आ जाएगी, क्योंकि यहां उपाध्यक्ष पद पर आइसा का प्रत्याशी विजयी हुआ था।

छात्रों का कहना है कि एचएनबी गढ़वाल विवि में छात्रसंघ अध्यक्ष के चुनाव में फर्जी मतदान की पुष्टि होना ये दर्शाता है कि आरएसएस से जुड़ा छात्र संगठन एबीवीपी किस तरह बीजेपी सरकार का फायदा उठा रहा है। छात्रों ने मांग की है कि इस मामले में उन सभी विभागीय अधिकारियों को भी निलंबित किया जाना चाहिए जो इसमें शामिल रहे हैं। 

HNB garhwal university.jpg

क्या है पूरा मामला?

एचएनबी गढ़वाल विवि में 7 सितम्बर 2018 को छात्र संघ के चुनाव हुए। इसमें अध्यक्ष  पद पर 3 प्रत्याशी थे। अध्यक्ष पद पर विद्यार्थी परिषद के संदीप राणा और ‘जय हो’ छात्र संगठन के अमित प्रदाली के बीच मुख्य मुकाबला रहा। 7 सितम्बर को आए परिणाम में विद्यार्थी परिषद के संदीप राणा विजयी घोषित किए गए। लेकिन बाद में दूसरे प्रत्याशी ने चुनाव में धांधली के आरोप लगाए। और सूचना के अधिकार के तहत जवाब मांगा कि कि कुल कितने वोट पड़े और उन्हें कितने वोट मिले। इसका जवाब विश्वविद्लाय ने जो दिया उसमें 41 वोट, कुल वोटों से अधिक पड़े थे। जिससे ये साफ हुआ कि छात्रसंघ चुनाव  में फर्जी मतदान हुआ है। इसी जवाब के आधार पर अमित प्रदाली ने उच्च न्यायालय नैनीताल में याचिका दायर की। उच्च न्यायालय ने पुनर्मतगणना के आदेश दिए लेकिन पहली बार में एबीवीपी के दबाव में विवि पुनर्मतगणना नहीं करा पाया। दोबारा जब कोर्ट ने सख्ती की तो 18 जनवरी को डीएम-एसपी की सुरक्षा देखरेख में पुनर्मतगणा हुई। जिसमें 71 मत अवैध पाए गए जो संदीप राणा के पक्ष में पड़े थे। इसके बाद विवि ने अध्यक्ष पद हुए चुनाव को निरस्त कर दिया है।

चुनाव में जिस तरह से धांधली हुई है उससे यह स्पष्ट है कि चुनाव में कोई पारदर्शिता नहीं रही। छात्रों का आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से ही यह संभव हो पाया है। छात्र नेताओं ने कहा कि चुनाव रद्द होना सभी छात्र-छात्राओं की जीत है। छात्र संगठन आइसा ने आज इस संबंध में कुलपति को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें चुनाव समिति द्वारा कराए गए चुनाव में किसी प्रकार की गोपनीयता न रहने व फर्ज़ीवाड़ा कराने के कारण मुख्य चुनाव अधिकारी पर कार्रवाई तथा भविष्य में किसी भी जिम्मेदारी के पद न सौंपने की मांग की तथा अब अध्यक्ष पद के चुनाव के बाद रिक्त होने के चलते लिंगदोह की सिफारिशों के अनुरूप उपाध्यक्ष अंकित उछौली को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपने की मांग की।

Hemwati Nandan Bahuguna Garhwal University
Garhwal University
student union election
ABVP
SANDEEP RANA
AISA
ANKIT UCHHOLI
AMIT PRADALI

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

अलीगढ़ : कॉलेज में नमाज़ पढ़ने वाले शिक्षक को 1 महीने की छुट्टी पर भेजा, प्रिंसिपल ने कहा, "ऐसी गतिविधि बर्दाश्त नहीं"

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

लखनऊ: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत के साथ आए कई छात्र संगठन, विवि गेट पर प्रदर्शन

लखनऊ विश्वविद्यालय: दलित प्रोफ़ेसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा, हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं!

लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी

नई शिक्षा नीति से सधेगा काॅरपोरेट हित

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    उत्तर प्रदेश: पेपर लीक की रिपोर्ट करने वाले पत्रकार गिरफ्तार
    02 Apr 2022
    अमर उजाला के बलिया संस्करण ने जिस दिन दोपहर 2 बजे से परीक्षा होनी थी उस दिन सुबह लीक पेपर प्रकाशित किया था।
  • इलियट नेगिन
    समय है कि चार्ल्स कोच अपने जलवायु दुष्प्रचार अभियान के बारे में साक्ष्य प्रस्तुत करें
    02 Apr 2022
    दो दशकों से भी अधिक समय से कोच नियंत्रित फ़ाउंडेशनों ने जलवायु परिवर्तन पर सरकारी कार्यवाई को विफल बनाने के लिए 16 करोड़ डॉलर से भी अधिक की रकम ख़र्च की है।
  • DU
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूजीसी का फ़रमान, हमें मंज़ूर नहीं, बोले DU के छात्र, शिक्षक
    01 Apr 2022
    नई शिक्षा नीति के तहत UGC ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों को कई कदम लागू करने के लिए कहा है. इनमें चार साल का स्नातक कोर्स, एक प्रवेश परीक्षा और संस्थान चलाने के लिए क़र्ज़ लेना शामिल है. इन नीतियों का…
  • रवि शंकर दुबे
    इस साल यूपी को ज़्यादा बिजली की ज़रूरत
    01 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश की गर्मी ने जहां बिजली की खपत में इज़ाफ़ा कर दिया है तो दूसरी ओर बिजली कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ आंदोलन छेड़े हुए हैं। देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी के बीच कैसे समन्वय होता है।
  • सोनिया यादव
    राजस्थान: महिला डॉक्टर की आत्महत्या के पीछे पुलिस-प्रशासन और बीजेपी नेताओं की मिलीभगत!
    01 Apr 2022
    डॉक्टर अर्चना शर्मा आत्महत्या मामले में उनके पति डॉक्टर सुनीत उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि कुछ बीजेपी नेताओं के दबाव में पुलिस ने उनकी पत्नी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया, जिसके चलते उनकी पत्नी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License