NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
"डॉ. गेल ओमवेट: भारतीय लोकतांत्रिक परम्पराओं और बहुजन आंदोलन की एक गहन अध्येता विदुषी का जाना
बुद्ध, फुले, आंबेडकर, मार्क्स और स्त्री-मुक्तीवादी विचारक, संत साहित्य और वारकरी तत्वज्ञान की शोधकर्ता-लेखिका, परित्यक्ता स्त्री और स्त्री मुक्ति आंदोलन, आदिवासी, दलित, श्रमिक के लिए लड़ने वाली डॉ. गेल ऑमवेट का आज 25 अगस्त 2021 को 81 साल की उम्र में निधन हो गया।
सबरंग इंडिया
26 Aug 2021
"डॉ. गेल ओमवेट: भारतीय लोकतांत्रिक परम्पराओं और बहुजन आंदोलन की एक गहन अध्येता विदुषी का जाना

बुद्ध, फुले, आंबेडकर, मार्क्स और स्त्री-मुक्तीवादी विचारक, संत साहित्य और वारकरी तत्वज्ञान की शोधकर्ता-लेखिका, परित्यक्ता स्त्री और स्त्री मुक्ति आंदोलन, आदिवासी, दलित, श्रमिक के लिए लड़ने वाली डॉ. गेल ऑमवेट का आज 25 अगस्त 2021 को 81 साल की उम्र में निधन हो गया।



2 अगस्त 1941 को अमेरिका के मिनीपोलिस-मिनेसोटा शहर में जन्मी सुश्री गेल ओमवेट ने कैलिफोर्निया स्थिति बर्कले विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।

एक शोध के अध्ययन के लिए वे भारत आईं और फिर यहीं की होकर रह गईं। पूँजीवादी, साम्राज्यवादी और नस्लीय सोच रखने वाले अमेरिका के बजाय लोकतांत्रिक भारत में रहना पसंद करते हुए उन्होंने भारत के महाराष्ट्र राज्य को अपनी कर्मस्थली के रूप में चुना। उन्होंने बाक़ायदा भारत की नागरिकता ली और उस समय अपनी एम.डी.की पढ़ाई छोड़ सामाजिक कार्य करने वाले डॉ. भरत पाटणकर से प्रेम विवाह किया और 1978 से वे उन्ही के साथ भारत में रह रही थीं। उनकी एक बेटी प्राची पाटणकर हैं जो इस समय अमेरिका में रहती हैं।

अकाल और बांध निर्माण के साथ विभिन्न गतिविधियों में बढ़ चढ़कर सहभागी बनने वाली डॉ. गेल पश्चिम महाराष्ट्र की क्रांति वीरांगना इंदूताई पाटणकर के नेतृत्व में परित्यक्ता स्त्रियों के आंदोलन की सक्रिय हिस्सेदार बनीं।

डॉ. गेल ने देशभर के विविध विद्यापीठ में प्राध्यापक बनकर पढ़ाया। पुणे विद्यापीठ में फुले- आंबेडकर चेअर प्रमुख, समाजशास्त्र विभाग की प्राध्यापक, निस्वास, उड़ीसा में आंबेडकर चेअर की प्रोफेसर, नोर्डीक में अतिथि प्राध्यापक, इन्स्टिट्यूट ऑफ एशियन स्टडीज कोपनहेगन, नेहरू मेमोरिअल म्युझियम और लाइब्रेरी नवी दिल्ली, शिमला के इन्स्टिट्यूट में बतौर प्रोफेसर काम किया। FAO, UNDP, NOVIB की सलाहकार रहीं। ICSSR के माध्यम से भक्ति, विषय पर शोध किया। शोध पत्र और लेख लिखती रहीं।

डॉ. गेल की 25 से अधिक किताबें प्रकाशित हैं। ‘कल्चरल रीवोल्ट इन कोलोनियल सोसायटी- द नॉन ब्राम्हीण मूवमेंट इन वेस्टर्न इंडिया’, ‘सिकिंग बेगमपुरा’, ‘बुद्धिज़म इन इंडिया’, ‘डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर’, ‘महात्मा जोतीबा फुले’, ‘दलित एंड द डेमॉक्रॅटिक रिव्ह्यूलेशन’, ‘अंडरस्टँडिंग कास्ट’, ‘वुई विल स्मॅश दी प्रिझन’, ‘न्यू सोशल मूवमेंट इन इंडिया।

 
गेल के निधन से हमने एक बेहतरीन लेखक, मानवीय मूल्यों, बहुजन समाज और फुले अंबेडकर विचारधारा के लिए पूरी तरह से समर्पित विद्वान को खो दिया है।

गेल ओमवेट अपने असाधारण काम के लिए भारतीय क्षितिज पर हमेशा एक चमकते सितारे की तरह चमकती रहेंगी। फुले अम्बेडकर-भक्ति परंपराओं में रुचि रखने वाले किसी भी अध्येता के लिए उनका लिखा निश्चय ही सबसे महत्वपूर्ण रहेगा..."

साभार : सबरंग 

Dr. Gail Omvedt
Indian democracy
Bahujan movement

Related Stories

भारत में संसदीय लोकतंत्र का लगातार पतन

भारतीय लोकतंत्र: संसदीय प्रणाली में गिरावट की कहानी, शुरुआत से अब में कितना अंतर?

डराये-धमकाये जा रहे मीडिया संगठन, लेकिन पलटकर लड़ने की ज़रूरत

लोकतंत्र के सवाल: जनता के कितने नज़दीक हैं हमारे सांसद और विधायक?

विचार: योगी की बल्ले बल्ले, लेकिन लोकतंत्र की…

'व्यापक आज़ादी का यह संघर्ष आज से ज़्यादा ज़रूरी कभी नहीं रहा'

वोटर-आईडी को आधार से जोड़ना निराधार, चुनाव-बिगाड़ को मत कहें सुधार

कार्टून क्लिक: आह लोकतंत्र!, वाह लोकतंत्र!

‘सदन में डी. राजा’: दलितों-वंचितों-महिलाओं की आवाज़ उठाने वाला नेता

आज़ादी@75: लोकतंत्र को फिर से जीवित करने का संघर्ष हो


बाकी खबरें

  • राजेंद्र शर्मा
    सुंदरता का पता नहीं, लेकिन अच्छे दिन देखने वाले की आंखों में बसते हैं
    13 Mar 2022
    छप्पन इंच जी के प्रताप से, इतनी मिसाइलें जमा हो चुकी हैं कि दीवाली के रॉकेटों वाला हाल है। दो-चार इधर-उधर टहल भी जाएं तो खास फर्क नहीं पड़ता है। पड़ोसी के घर में जा भी पड़ी तो क्या? वोट पड़ चुके होंगे…
  • Aap
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: केजरीवाल मॉडल ऑफ़ गवर्नेंस से लेकर पंजाब के नए राजनीतिक युग तक
    13 Mar 2022
    हर हफ़्ते की महत्वपूर्ण ख़बरों और उनके पीछे की मंशाओं को समझाने के लिए “ख़बरों के आगे पीछे” लेकर आए हैं लेखक अनिल जैन
  • vidhansabha
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव नतीजे: कई सीटों पर 500 वोटों से भी कम रहा जीत-हार का अंतर
    13 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी की अगुवाई वाले गठबंधनों के बीच बेहद कांटे का मुकाबला रहा। 53 सीटें ऐसी रहीं जहां हार-जीत का अंतर 200 से लेकर 5000…
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: चुनाव सेवक का अश्वमेध यज्ञ
    13 Mar 2022
    बीजेपी सरकार चलाने में जितनी मेहनत करती है उससे अधिक मेहनत सरकार बनाने में करती है। सरकार जब एक बार बन जाए तो चल तो रामभरोसे जाती ही है।
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'जीते हुए लश्कर के सिपाही, ऐसे कैसे हो जाते हैं?'
    13 Mar 2022
    बमबारी, हमले और जंग के शोर के बीच इतवार की कविता में पढ़िये स्वप्निल तिवारी की लिखी नज़्म 'शेल-शॉक्ड'...
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License