NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
गंगा नदी का पानी सीधे पीने और नहाने लायक नहीं: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक कुल 86 स्थानों पर स्थापित किए गए लाइव निरीक्षण केंद्रों में से केवल सात इलाके ऐसे पाए गए जहां का पानी शुद्ध करने की प्रक्रिया के बाद पीने योग्य है जबकि 78 अयोग्य पाए गए।
भाषा
30 May 2019
फाइल फोटो
Image Courtesy: The week

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने कहा है कि गंगा नदी का पानी सीधे पीने के लिए अनुपयुक्त है और उसके गुजरने वाले स्थान में केवल सात जगहें ऐसी हैं जहां का पानी शुद्धिकरण के बाद पिया जा सकता है। 

सीपीसीबी के हालिया आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल तक गंगा नदी का पानी पीने एवं नहाने के लिए ठीक नहीं है। बोर्ड की तरफ से जारी एक मानचित्र में नदी में ‘कोलिफोम’ जीवाणु का स्तर बहुत बढ़ा हुआ दिखाया गया है।

ganga 1.JPG

कुल 86 स्थानों पर स्थापित किए गए लाइव निरीक्षण केंद्रों में से केवल सात इलाके ऐसे पाए गए जहां का पानी शुद्ध करने की प्रक्रिया के बाद पीने योग्य है जबकि 78 अयोग्य पाए गए।

नदी के पानी की गुणवत्ता को जांचने के लिए देश भर में गंगा नदी घाटी में लाइव निरीक्षण केंद्रों की ओर से डेटा एकत्रित किए गए।

ऐसा देश जहां सैकड़ों लोग भारत की जीवनरेखा मानी जाने वाली गंगा में डुबकी लगाने के लिए एकत्रित होते हैं, सीपीसीबी ने कहा कि नदी का पानी इतना प्रदूषित है कि यह पीने तो क्या नहाने के लिए भी अनुपयुक्त है।
    

CPCB
Central Pollution Control Board
Ganga River
ganga river pollution

Related Stories

कोरोना से संबंधित कचरे का सही निस्तारण कितनी बड़ी समस्या है?

भोपाल गैस त्रासदी : उस रात की सुबह अभी भी नहीं!

दिल्ली : हवा में प्रदूषण स्तर कुछ कम हुआ लेकिन एक्यूआई अब भी ‘गंभीर’

सावधान! प्रदूषण बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंचा : दिल्ली-एनसीआर में जन स्वास्थ्य आपातकाल की घोषणा

बुड्ढा नाला: मौसमी जल स्त्रोत से बदबूदार नाले में बदला


बाकी खबरें

  • भाषा
    मोहाली में पुलिस मुख्यालय पर ग्रेनेड हमला
    10 May 2022
    मोहाली पुलिस ने एक बयान में कहा, ''शाम 7.45 बजे सेक्टर 77, एसएएस नगर में पंजाब पुलिस खुफिया मुख्यालय परिसर में एक मामूली विस्फोट की सूचना मिली। किसी नुकसान की सूचना नहीं है। वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल…
  • पीपल्स डिस्पैच
    अनिश्चितता के इस दौर में रौशनी दिखाता श्रमिकों का संघर्ष  
    10 May 2022
    पोटेरे अल पोपोलो के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं ने 6 से 8 मई तक इटली के रोम में आयोजित वर्ल्ड फ़ेडरेशन ऑफ़ ट्रेड यूनियन्स की 18वीं कांग्रेस को संबोधित किया।
  • शाओनी दास
    ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून और न्याय की एक लंबी लड़ाई
    10 May 2022
    ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून, 1967 [यूएपीए] को 14 सितंबर, 2020 को हुए दिल्ली दंगों में कथित साज़िशकर्ताओं के ख़िलाफ़ इस्तेमाल गया है।
  • अजय कुमार
    क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?
    10 May 2022
    मौजूदा वक़्त की हालत यह है कि वित्तीय बाजार की पूरी दुनिया पर डॉलर का दबदबा है। लंदन, न्यूयॉर्क से वित्तीय बाजार नियंत्रित हो रहा है लेकिन दुनिया के उत्पादन श्रृंखला पर अमेरिका का दबदबा नहीं है।
  • राज वाल्मीकि
    मेरे लेखन का उद्देश्य मूलरूप से दलित और स्त्री विमर्श है: सुशीला टाकभौरे
    10 May 2022
    सुशीला टाकभौरे ने कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक आदि कई विधाओं में लेखन किया है। कई कहानियां, कविता और उपन्यास, आत्मकथा विभिन्न राज्यों के पाठ्यक्रम में लगी हुई हैं। आपको कई पुरस्कारों से सम्मानित किया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License