NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गोरखपुर, फूलपुर उपचुनाव:मुख्य मुकाबला एसपी-बसपा गठबंधन और भाजपा के बीच
इन चुनावों के परिणाम 201 9 आम चुनावों के पर गहरा प्रभाव डालेंगे I
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Mar 2018
Translated by मुकुंद झा
GORAKHPUR

उत्तर प्रदेश के दो लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में, 11 मार्च को उपचुनाव होने जा रहे हैं - गोरखपुर और फूलपुर में , राज्य के राजनीतिक घटनाक्रम देखा जाया तो , यह महत्वपूर्ण है कि बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और राष्ट्रीय लोक दल ( आरएलडी) सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने के एकमात्र एजेंडा के साथ समाजवादी पार्टी (एसपी) के उम्मीदवारों को समर्थन कर रही है |इनकें परिणाम 14 मार्च को घोषित किए जाएंगे।

ये दो सीट  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (गोरखपुर) और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (फूलपुर) ने खाली की , जब वो पिछले साल सितंबर में उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सदस्य चुने गए थे। यद्यपि इन चुनावों में जीतने वाले उम्मीदवार 2019 के आम चुनाव तक सांसद के रूप में सेवा करेंगे,इन उपचुनाव को  लोग राज्य में मौजूदा बीजेपी शासन पर लोगों के जनादेश का  प्रतिबिंबि माना जा रहा है। इसके अलावा, इन चुनावों के परिणाम का 201 9 के आम चुनावो पर भी गहरा प्रभाव पडेगा ।

गोरखपुर में 10 उम्मीदवारो  और फूलपुर सीट से 22 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन किया है, हालांकि बीजेपी, सपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय प्रतियोगिता की उम्मीद है|

table_2_0.JPG

1991 से, गोरखपुर भाजपा का गढ़ रहा है  जहां से योगी आदित्यनाथ को पिछले पांच चुनावों में जीते हैं ,हालांकि, इस क्षेत्र में  82.3% की औसत साक्षरता दर है इसके बावजूद इस क्षेत्र के प्रमुख समस्या दिमागी बुखार( Encephalitis )और उच्च बेरोजगारी दर है जिस के करण  यहाँ भाजपा के खिलाफ महौल देखने को मिल रहा है। अगस्त 2017 में, गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कुल 290 बच्चो की मौत हुई थी| मुख्य रूप से इन मौतों का कारण  ऑक्सीजन आपूर्ति न होना और दिमागी बुखार( Encephalitis)की बीमारी थी |


यद्यपि 2017 विधानसभा चुनावों में गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र में आने वाली सभी पांच विधानसभा सीटों में बीजेपी जीती, हालांकि सपा और बसपा  (दोनों सीटों के उम्मीदवारों की सीटों पर) के वोट जोडे जाये तो वो भाजपा की तुलना में अधिक हैं ।


इस बार 2014 चुनावों में कांग्रेस के गढ़ (पूर्व प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इस संसदीय क्षेत्र  द्वारा प्रतिनिधित्व्  किया है ), फूलपुर संसदीय क्षेत्र पर भाजपा ने कब्जा कर लिया था। हालांकि, 2017 के विधानसभा चुनावों में फूलपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में विधानसभा सीटों में सपा और बसपा के संयुक्त वोट को जोडा जाये तो वो भाजपा के वोट से ज्यादा हैं। इस क्षेत्र में साक्षरता दर  60% की औसत है , पिछले चुनावो में परिणामों में जाति के समीकरणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।  इस संसदीय क्षेत्र में उच्च जाति के ब्राह्मण, ओबीसी और मुस्लिम मतदाता हैं।

राज्य में कांग्रेस पार्टी ने 2017 के विधानसभा चुनावों में एसपी के साथ किये अपने पुराने गठबंधन को जारी रखने में नाकाम रही | रिपोर्टें हैं कि पार्टी बसपा के साथ गठजोड़ करने में विफल रही, जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस पार्टी  इस बार अकेले ही चुनाव लड़ रही है | ।

इन चुनावों में विपक्षी दलों की राजनीतिक रणनीति, ये न केवल उत्तर प्रदेश में बल्कि पूरे देश में आगामी 2019 के आम चुनावों में राजनीतिक दलों के भविष्य के दृष्टिकोण का फैसला करेंगी |

गोरखपुर
योगी आदित्यनाथ
बीजेपी
BSP
SP
RLD
फूलपुर
उपचुनाव
कांग्रेस

Related Stories

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

रालोद के सम्मेलन में जाति जनगणना कराने, सामाजिक न्याय आयोग के गठन की मांग

‘साइकिल’ पर सवार होकर राज्यसभा जाएंगे कपिल सिब्बल

बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा

आज़म के परिवार से जयंत की मुलाकात के क्या मायने निकाले जाएं?

मुसलमानों के ख़िलाफ़ हो रही हिंसा पर अखिलेश व मायावती क्यों चुप हैं?

यूपी एमएलसी चुनाव: भाजपा-सपा की सीधी टक्कर

एमएलसी चुनाव: बनारस में बाहुबली बृजेश सिंह की पत्नी के आगे दीन-हीन क्यों बन गई है भाजपा?

हार के बाद सपा-बसपा में दिशाहीनता और कांग्रेस खोजे सहारा

विश्लेषण: विपक्षी दलों के वोटों में बिखराव से उत्तर प्रदेश में जीती भाजपा


बाकी खबरें

  • शिरीष खरे
    कोरोना लॉकडाउन के दो वर्ष, बिहार के प्रवासी मज़दूरों के बच्चे और उम्मीदों के स्कूल
    16 Apr 2022
    सरकारी स्कूलों में खास तौर से गरीब परिवारों के बच्चे बड़ी तादाद में आ रहे हैं। इनमें से कई बच्चे प्रवासी मजदूर परिवारों से हैं।
  • न्यायमूर्ति के चंद्रू
    जय भीम: माई जजमेंट इन द लाइट ऑफ़ अंबेडकर
    16 Apr 2022
    2 नवंबर, 2021 को दुनिया भर में विकिपीडिया में जिन शब्दों को सर्च किया गया था, उनमें सबसे लोकप्रिय शब्द जय भीम था।
  • मुकुंद झा
    दिल्ली पुलिस का ये कहना कि धर्म संसद में हेट स्पीच नहीं हुई, दुर्भाग्यपूर्ण है: पूर्व आईपीएस अधिकारी
    16 Apr 2022
    पूर्व आईपीएस अधिकारी विभूति नारायण राय ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में दिल्ली पुलिस के रवैये पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए इसे काफी दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि पुलिस नफ़रती भाषण देने वालों पर कार्रवाई नहीं…
  • विजय विनीत
    प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!
    16 Apr 2022
    घटनास्थल को देखकर लग रहा था कि मरने से पहले सभी ने हमलावरों का प्रतिरोध किया था। चारों के शवों पर कपड़े अस्त-व्यस्त हो गए थे। इस वारदात को खुदकुशी का एंगल भी देने की कोशिश की गई है।
  • पी.रमन
    कैसे चुनावी निरंकुश शासकों के वैश्विक समूह का हिस्सा बन गए हैं मोदी और भाजपा
    16 Apr 2022
    मोदी और भाजपा को बड़े पैमाने पर कॉरपोरेट फंडिंग, बड़े बजट के सोशल मीडिया और ग्राउंड नेटवर्क और अंततः हिंदी समाचार चैनल के कट्टर एंकरों और मालिकों का समर्थन हासिल हो चुका है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License