NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गुजरात चुनाव: ईएमवी की हैकिंग और आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों के बीच ख़त्म हुए चुनाव
निशान हाई स्कूल में वोट देने के बाद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मतदान दिवस पर रोड शो आयोजित करने से खडा हुआ विवाद.
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Dec 2017
Translated by महेश कुमार
gujrat elections

गुजरात विधानसभा चुनाव के हाई वोल्टेज नाटक के बीच दूसरे और अंतिम चरण के हुए मतदान में उत्तरी क्षेत्र बनासकांठा में गुरुवार को हुए मतदान के लिए 49 प्रतिशत का मतदान दर्ज किया गया.

शाम 4:30 बजे तक कुल मतदान का औसत 62.3 प्रतिशत पर दर्ज किया गया. बनासकांथा में 66 प्रतिशत मतदान हुआ है. मेहसाणा, वडोदरा, अहमदाबाद और वाडगम से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ियों की सूचना मिली, यहाँ के 40 बूथों से, जोकि सबसे ज्यादा हैं से शिकायत दर्ज की गयी हैं.

बनासकांठा जिले के आनंद, गांधीनगर और धनेरा शहर में टॉवर बाजार क्षेत्र सहित कईं स्थानों पर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भीडंत की खबरें मिली हैं.

चुनावों के आखिरी चरण में केंद्रीय और उत्तर गुजरात के 14 जिलों में 93 सीटों के लिए हुए मतदान के लिए कुल 851 उम्मीदवार मैदान में थे, जहां 2 करोड़ 22 लाख मतदाता लोग मतदान के लिये योग्य थे और उम्मीद जताई थी कि वे अपने मत का भरपूर इस्तेमाल करेंगे.

चुनावों में प्रमुख उम्मीदवारों में उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल शामिल हैं, जिन्होंने मेहसाणा जिले से कांग्रेस के जिवाभाई पटेल को चुनौती दी थी. जूनियर गृह मंत्री प्रदीपसिंह जडेजा और स्वास्थ्य मंत्री शंकर चौधरी सहित करीब आधा दर्जन शीर्ष स्तर के मंत्रियों के भाग्य को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद कर दिया गया, जो अब केवल 18 दिसंबर को गिनती के दिन खोली जायेंगी.

विपक्षी शिविर में प्रमुख उम्मीदवारों में ओबीसी नेता अलपेश ठाकोर हैं, जो राधानपुर से चुनाव लड़ रहे हैं और कांग्रेस समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार जिग्नेश मेवानी हैं जो वड़गम से चुनाव लड़ रहे हैं.

अहमदाबाद जिले के विरामगम विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र में अपना मत देने के बाद, पातीदार कोटा आन्दोलन कार्यकर्ता हार्दिक पटेल ने मीडिया से कहा कि, "गुजरात चुनावों में कांग्रेस को 100 सीटें मिल सकती हैं. यह उन लोगों के खिलाफ मतदान  है जिन्होंने हम पर दमन किया. मुझे विश्वास है कि 18 दिसंबर (परिणाम के दिन) 6 करोड़ गुजरातियों की जीत होगी."

ठ्कोरे, जो औपचारिक रूप से विपक्षी दल में शामिल होने से पहले राज्य में ओबीसी अभियान चलाते थे, मतदाताओं में से पहले थे जिन्होंने अपने मतदान अधिकार का इस्तेमाल किया. उन्होंने पाटण जिले के राधनपुर से भाजपा के लावंगजी ठाकोर के खिलाफ चुनाव लड़ा है.

 

गुजरात विधानसभा चुनाव के हाई वोल्टेज नाटक के बीच दूसरे और अंतिम चरण के हुए मतदान में उत्तरी क्षेत्र बनासकांठा में गुरुवार को हुए मतदान के लिए 49 प्रतिशत का मतदान दर्ज किया गया.

शाम 4:30 बजे तक कुल मतदान का औसत 62.3 प्रतिशत पर दर्ज किया गया. बनासकांथा में 66 प्रतिशत मतदान हुआ है. मेहसाणा, वडोदरा, अहमदाबाद और वाडगम से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ियों की सूचना मिली, यहाँ के 40 बूथों से, जोकि सबसे ज्यादा हैं से शिकायत दर्ज की गयी हैं.

बनासकांठा जिले के आनंद, गांधीनगर और धनेरा शहर में टॉवर बाजार क्षेत्र सहित कईं स्थानों पर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भीडंत की खबरें मिली हैं.

चुनावों के आखिरी चरण में केंद्रीय और उत्तर गुजरात के 14 जिलों में 93 सीटों के लिए हुए मतदान के लिए कुल 851 उम्मीदवार मैदान में थे, जहां 2 करोड़ 22 लाख मतदाता लोग मतदान के लिये योग्य थे और उम्मीद जताई थी कि वे अपने मत का भरपूर इस्तेमाल करेंगे.

चुनावों में प्रमुख उम्मीदवारों में उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल शामिल हैं, जिन्होंने मेहसाणा जिले से कांग्रेस के जिवाभाई पटेल को चुनौती दी थी. जूनियर गृह मंत्री प्रदीपसिंह जडेजा और स्वास्थ्य मंत्री शंकर चौधरी सहित करीब आधा दर्जन शीर्ष स्तर के मंत्रियों के भाग्य को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद कर दिया गया, जो अब केवल 18 दिसंबर को गिनती के दिन खोली जायेंगी.

विपक्षी शिविर में प्रमुख उम्मीदवारों में ओबीसी नेता अलपेश ठाकोर हैं, जो राधानपुर से चुनाव लड़ रहे हैं और कांग्रेस समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार जिग्नेश मेवानी हैं जो वड़गम से चुनाव लड़ रहे हैं.

अहमदाबाद जिले के विरामगम विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र में अपना मत देने के बाद, पातीदार कोटा आन्दोलन कार्यकर्ता हार्दिक पटेल ने मीडिया से कहा कि, "गुजरात चुनावों में कांग्रेस को 100 सीटें मिल सकती हैं. यह उन लोगों के खिलाफ मतदान  है जिन्होंने हम पर दमन किया. मुझे विश्वास है कि 18 दिसंबर (परिणाम के दिन) 6 करोड़ गुजरातियों की जीत होगी."

ठ्कोरे, जो औपचारिक रूप से विपक्षी दल में शामिल होने से पहले राज्य में ओबीसी अभियान चलाते थे, मतदाताओं में से पहले थे जिन्होंने अपने मतदान अधिकार का इस्तेमाल किया. उन्होंने पाटण जिले के राधनपुर से भाजपा के लावंगजी ठाकोर के खिलाफ चुनाव लड़ा है.

 

 

gujrat election 2017
Jignesh Mevani
Modi
Gujarat

Related Stories

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

मोदी का ‘सिख प्रेम’, मुसलमानों के ख़िलाफ़ सिखों को उपयोग करने का पुराना एजेंडा है!

कटाक्ष: महंगाई, बेकारी भुलाओ, मस्जिद से मंदिर निकलवाओ! 

हार्दिक पटेल ने कांग्रेस से इस्तीफ़ा दिया

खंभात दंगों की निष्पक्ष जाँच की मांग करते हुए मुस्लिमों ने गुजरात उच्च न्यायालय का किया रुख

कटाक्ष: एक निशान, अलग-अलग विधान, फिर भी नया इंडिया महान!

गुजरात: मेहसाणा कोर्ट ने विधायक जिग्नेश मेवानी और 11 अन्य लोगों को 2017 में ग़ैर-क़ानूनी सभा करने का दोषी ठहराया

मेवानी की सज़ा पर कांग्रेस ने पूछा, क्या गुजरात में दलितों के मुद्दे उठाना अपराध है?

मोदीजी, विदेश से क्या नज़र आती है भारत में पसरती नफ़रत, ये सुलगते सवाल

न्यायिक हस्तक्षेप से रुड़की में धर्म संसद रद्द और जिग्नेश मेवानी पर केस दर केस


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License