NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गुजरात चुनाव: मुस्लिम विरोधी विडियो किया जा रहा है वायरल
अब जब गुजरात मॉडल की असलियत खुलकर सामने आने लगी है तो बीजेपी को पूरी तरह साम्प्रदायिकता की शरण में जाती दिख रही है। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Nov 2017
gujrat video

गुजरात में चुनाव करीब हैं और लग रहा है कि बीजेपी अपने हिंदुत्व के एजेंडा पर वापस आ रही है  । इलेक्शन कमीशन और गुजरात पुलिस के पास एक वीडियो की शिकायत आयी है जिसमें मुसलमानों को गुजरात के लिए खतरा बताया गया है। मानवधिकार कार्यकर्ता और वकील गोविन्द परमार ने इस विडियो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज़ करायी है , उनका कहना है कि इसे चुनावों में ध्रुवीकरण के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इस विडियो में दिखाया गया है कि एक लड़की शाम के समय डरी हुई घर जा रही है और पीछे अज़ान की आवाज़ सुनाई दे रही है।  उसके घर वाले घर में बेचैनी से उसका इंतज़ार कर रहे है , जैसे ही वो घर आती है उसके घर वाले उसे गले लगा लेते हैं।  इसके बाद लड़की की माँ कैमरा में देखकर गुजराती में  कहती है कि "एक मिनट, आप क्यों हैरान हैं  कि ये गुजरात में हो रहा है ,22 साल पहले यही हुआ करता था और ये फिर से हो सकता है अगर वो लोग वापस आ गये , पर डोंट वरी कोई नहीं आएगा क्योंकि यहाँ मोदी है "
 
ह्यूमन राइट्स लॉ  नेटवर्क के गोविन्द परमार  जिन्होंने ये  शिकायत की है , का कहना है कि इस  वीडियो को बनाने वालों और इसके  पर कार्यवाही होनी चाहिए।  कांग्रेस आई टी  सैल के गुजरात प्रमुख का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि इसके पीछे कौन है और वो किसी पार्टी का नाम भी नहीं ले रहे। पर हो सकता है कि ये वीडियो बीजेपी द्वारा बनाया और फैलाया जा रहा हो , क्योंकि इस तरह के प्रचार से उन्हें ही फायदा होगा।  वहीं  बीजेपी ने ये  वीडियो बनाने  के आरोप से इनकार किया है।  
 
कुछ समय पहले अहमदाबाद के पालड़ी इलाके में एक पोस्टर लगा हुआ मिला था जिसपर गुजराती में  लिखा हुआ था कि  " पालड़ी  को जूहापुरा बनने से बचाइए ". भगवा रंग के इस  पोस्टर पर किसी पार्टी का नाम तो नहीं लिखा था पर इशारा साफ़ था । ये पोस्टर  आम जन  से ये अपील कर रहा था  कि पालड़ी को जूहापुरा की तरह मुसलमान इलाका नहीं बनने देना है।  इसी कड़ी में आरएसएस के द्वारा सोशल मीडिया ग्रुप्स पर वायरल किये गए राम vs हज वाले पोस्टर को कैसे भुलाया जा सकता है , जिसने  कुछ ही दिन पहले अखबारों की सुर्खियाँ बटोरी थी।  इस पोस्टर में  रुपानी , शाह और मोदी के नाम के पहले अक्षरों से राम बनाकर उन्हें हिन्दुओं का नेता दर्शाया गया है वहीँ हार्दिक , अल्पेश और जिगनेश के पहले अक्षरों से हज शब्द बनाया गया है ।  संघ और बीजेपी इस कलात्मक पोस्टर द्वारा वही करना चाह रही है जो वो सालों से कर रही है। 
 
 ये तीनों  घटनाएँ  ये दर्शा रही है कि बीजेपी को पता है कि उनके विकास के दावों की हवा निकल रही है।  उन्हें लग रहा है कि हिन्दू बनाम मुसलमान की राजनीति के ज़रिये ही वह सत्ता में वापस आ सकती है।  गुजरात का पाटीदार समाज , पाटीदार आन्दोलन से बाद से ही बीजेपी से नाराज़ दिखाई पड़ रहा है।  नोटबंदी और जीसटी ने गुजरात के छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है , और हालांकि दलितों राज्य में  सिर्फ 7% हैं पर ऊना आदोलन ने उन्हें भी  सरकार के खिलाफ़ कर दिया है। अल्पेश ठाकोर जो राज्य में ओबीसी के नेता हैं , का कांग्रेस में शामिल हो जाना भी बीजेपी की मुश्किलें बढ़ता ही दिख रहा है। 
 
जहाँ तक बात है  गुजरात मॉडल की , तो उनके खोखले  दावों की असलियत पहले ही  CAG की रिपोर्टों द्वारा ज़ाहिर हो चुकी है । इन रिपोर्टों  गुजरात  में स्वास्थ सुविधाओं की ख़राब स्थिति, स्किल डेवलपमेंट की नाकामी और आदिवासियों की बिगड़ते हालत पर रोशनी डालतीं है। न्यूज़क्लिक की "उड़ता गुजरात " नामक लेखों की सिरीज़ में सरकार के इन्हीं  विकास के दावों की असलियत  पर रौशनी डालती है । साथ ही जीसटी के बाद से गुजरात के छोटे व्यापारियों के प्रदर्शन और आंगनवाड़ी महिलाओं का बीजेपी के खिलाफ़ प्रचार बीजेपी की नींदें उड़ा रहा है।  

https://hindi.newsclick.in/udataa-gaujaraata-paarata-1-gaujaraata-maen-…

https://hindi.newsclick.in/udataa-gaujaraata-paarata-2-sakaila-daevalap…

https://hindi.newsclick.in/udataa-gaujaraata-paarata-3-saincaai-kae-lai…

गुजरात हमेशा से ही साम्प्रदायिक राजनीति की प्रयोगशाला रहा है। 2002 के दंगे  जिसमें करीबन 2000 लोगों की जाने गयी थीं और न जाने कितने लोगों की ज़िंदगियाँ बर्बाद हुई थीं इसी बात पर मुहर लगता है। 2002 के बाद से फेक एनकाउंटर , अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफ़रत और  गुजरात मॉडल के  जुमले  बीजेपी की राजनीति के केंद्र में रहे हैं। सम्प्रदियिकता और कॉर्पोरेट विकास की इसी राजनीति की वजह  से ही लगातार मोदी और बीजेपी को जीत मिलती रही है।  पर अब जब गुजरात मॉडल की असलियत खुलकर सामने आने लगी है तो बीजेपी  पूरी तरह साम्प्रदायिकता की शरण में जाती दिख रही है। 

gujarat elections 2017
Communalism
Modi
Anti Muslim

Related Stories

मोदी@8: भाजपा की 'कल्याण' और 'सेवा' की बात

तिरछी नज़र: ये कहां आ गए हम! यूं ही सिर फिराते फिराते

मोदी का ‘सिख प्रेम’, मुसलमानों के ख़िलाफ़ सिखों को उपयोग करने का पुराना एजेंडा है!

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

मोदी के आठ साल: सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा पर क्यों नहीं टूटती चुप्पी?

क्यों अराजकता की ओर बढ़ता नज़र आ रहा है कश्मीर?

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?

कटाक्ष: महंगाई, बेकारी भुलाओ, मस्जिद से मंदिर निकलवाओ! 

सारे सुख़न हमारे : भूख, ग़रीबी, बेरोज़गारी की शायरी

पूजा स्थल कानून होने के बावजूद भी ज्ञानवापी विवाद कैसे?


बाकी खबरें

  • शलका चौहान
    कैसे जहांगीरपुरी हिंसा ने मुस्लिम रेहड़ी वालों को प्रभावित किया
    04 May 2022
    महामारी और उसके बाद लगाए गए लॉकडाउन ने मुस्लिम रेहड़ी वालों की आर्थिक गतिविधियों का काफ़ी कम कर दिया है, अब सांप्रदायिक नफ़रत ने उनके ख़िलाफ़ हमले और भेदभाव की घटनाओं में भी इज़ाफ़ा किया है।
  • loudspeaker
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े
    04 May 2022
    हिजाब, बुलडोज़र की राजनीति के बाद एक बार फिर देश को सांप्रदायिकता की आग में झोंकने के लिए लाउडस्पीकर का हथकंडा अपनाया जा रहा है। जिन राज्यों में आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, उन्हें…
  • NEP
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्कूलों की तरह ही न हो जाए सरकारी विश्वविद्यालयों का हश्र, यही डर है !- सतीश देशपांडे
    04 May 2022
    नई शिक्षा नीति देश में हॉर्वर्ड विश्वविद्यालय जैसे संस्थान स्थापित करने की वकालत करती है लेकिन शिक्षाविद ऐसे प्रस्तावों को लेकर आश्वस्त नहीं है. दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर सतीश देशपांडे मानते…
  • unemployment
    मुरली कृष्णन
    क्या भारत महामारी के बाद के रोज़गार संकट का सामना कर रहा है?
    04 May 2022
    भारत का रोजगार बाजार लगातार संकुचित होता जा रहा है, और कुशल कामगारों के लिए कार्यबल में प्रवेश कर पाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। सरकार की ओर से की जाने वाली नौकरी की मुहिम और अनौपचारिक…
  • Cuba
    पीपल्स डिस्पैच
    क्यूबा में नाकाबंदी ख़त्म करने की मांग को लेकर उत्तरी अमेरिका के 100 युवाओं का मार्च
    04 May 2022
    "भविष्य निर्माण करो, नाकाबंदी खत्म करो!"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License