NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गुजरात सरकार ने कहा कि ऊना के दलित पीड़ितों को नौकरी और ज़मीन नहीं दी जाएगी
“जब आनंदीबेन ऊना गयीं थी तो उन्होंने मीडिया के सामने कहा था कि सरकार उन्हें BPL कार्ड , घर के लिए प्लौट, 5 एकड़ ज़मीन और सरकारी नौकरी देगी I''
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Mar 2018
dalits
image courtesy : catchnews.com

गुजरात सरकार ने मंगलवार को विधान सभा में कहा कि ऊना में जिन दलितों को पीटा गया था उन्हें कोई ज़मीन या नौकरी नहीं दी जाएगी I सरकार के सामाजिक न्याय मंत्री ने जिग्नेश मेवानी  के एक सवाल के जवाब में ये कहा कि उस समय की मुख्य मंत्री आनंदीबेन पटेल ने ऊना के दलित पीड़ितों को ज़मीन या नौकरी देने का कोई वादा नहीं किया था I

दरअसल वडगांव के विधायक और गुजरात के दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने विधान सभा में ये सवाल किया था कि क्या गुजरात की उस समय की मुख्य मंत्री आनंदीबेन पटेल ने 2016 में पीटे गए ऊना के 4 दलित युवकों को 5 एकड़ ज़मीन और नौकरी देने का वादा किया था I इसके जवाब में ये कहा गया कि जब इस बात का वादा “ऑन रिकॉर्ड” किया ही नहीं गया तो फिर ये सब करने का कोई सवाल ही नहीं उठता I

2016 में गुजरात के ऊना में 4 दलित युवकों को तथाकथित गौ रक्षकों द्वारा मृत पशु की खाल निकालने के लिए बुरी तरह पीटा गया था और इस घटना का विडियो बनाकर उसे फैलाया भी गया था I इसके बाद दलितों का बहुत बड़ा आन्दोलन खड़ा हुआ था जिसका नेतृत्व जिग्नेश मेवानी ने किया, इस आन्दोलन के दौरान हज़ारों दलितों ने मृत पशु के निकाल का काम न करने और हर दलित के लिए 5 एकड़ ज़मीन की माँग की थी I

दलित युवकों को पीटे जाने की घटना के बाद उस समय की मुख्य मंत्री आनंदीबेन उनके घर गयी थी और उन्हें नौकरी और ज़मीन देने का वादा किया था I ये बात खुद एक दलित पीड़ित ने मीडिया से बात करते हुए कही, साथ ही जिग्नेश मेवानी से भी सोशल मीडिया पर एक विडियो क्लिप जारी की है जिसमें आनंदीबेन ज़मीन और नौकरी का वादा करती दिख रहीं हैं I

जिगनेश ने अपने बयान में कहा कि “जब आनंदीबेन ऊना गयीं थी उन्होंने मीडिया के सामने कहा था कि सरकार उन्हें BPL कार्ड , घर के लिए प्लौट, 5 एकड़ ज़मीन और सरकारी नौकरी देगी I पर अब सरकार अपनी बात से पीछे हट रही है , यही वजह है कि गुजरात के 50 लाख दलितों को रूपाणी सरकार पर कोई भरोसा नहीं है I”

हमें ये याद रखना होगा कि गुजरात में दलितों के लिए ज़मीन का मुद्दा उनकी मुख्य मांगों में रहा है I ऐसा इसीलिए क्योंकि गुजरात के बहुत से इलाकों में खेती की ज़मीन जो कि कागजों पर उन्ही की है , या तो अब तक सरकार द्वारा उन्हें आवंटित नहीं की गयी या फिर उनपर दबंग जातियों द्वारा कब्ज़ा कर लिया गया है I इस वजह से बहुत बड़ी संख्या में गुजरात के दलित खुद ही की ज़मीन पर खेत मजदूरों की तरह काम कर रहे हैं I यही वजह थी कि फरवरी 2018 में राष्ट्रीय दलित अधिकार से जुड़े भानु भाई वाल्कर ने दो दलित परिवारों को उनकी ज़मीन 5 साल के बाद भी न दिए जाने पर खुदख़ुशी कर ली थी I

गुजरात
आनंदीबेन
दलित उत्पीड़न
जिगनेश मेवनी
गुजरात विधान सभा

Related Stories

''सिलिकोसिस बीमारी की वजह से हज़ारो भारतीय मजदूर हो रहे मौत के शिकार''

बुलेट ट्रेन परियोजना के खिलाफ गोदरेज ने की हाई कोर्ट में अपील

आज़मगढ़ : रिहाई मंच का रासुका के खिलाफ दौरा

बिहार: सामूहिक बलत्कार के मामले में पुलिस के रैवये पर गंभीर सवाल उठे!

न्याय से बेजार गुजरात के बच्चे !

अदानी ग्रुप के अस्पताल में 111 नवजात शिशुओं की मौत, सरकार ने दिए जाँच के आदेश

राजकोट का क़त्ल भारत में दलितों की दुर्दशा पर रोशनी डालता है

गुजरात में मछुआरों की आजीविका बर्बाद करने को लेकर विश्व बैंक क़ानूनी कार्रवाई का कर रहा सामना

जिगनेश मेवानी को राजस्थान के नागौर जाने के रोका गया, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया विरोध

गुजरात किसानों ने किया बुलेट ट्रेन परियोजना का विरोध,कहा किसानों के साथ मीटिंग एक धोखा थी


बाकी खबरें

  • Iran
    प्रबीर पुरकायस्थ
    ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा
    21 Feb 2022
    वाशिंगटन की मूर्खता सबसे कठोर परमाणु समझौते से बाहर निकलना था, जिस पर कोई देश भी सहमत हो सकता था। ईरान अभी भी उन पुरानी शर्तों में से अधिकांश को स्वीकार कर सकता है, लेकिन जो कुछ उन्नत क्षमताएं इसने…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    इस साल रेड बुक्स डे (21 फ़रवरी) पर आप कौन-सी रेड बुक पढ़ेंगे?
    21 Feb 2022
    गोविंद पानसरे की हत्या के कुछ साल बाद, नयी दिल्ली स्थित लेफ़्टवर्ड बुक्स (एक प्रकाशन संस्थान) ने रेड बुक्स डे पर विचार करना शुरू किया। एक ऐसा दिन जब परिवर्तनवादी किताबों और उन्हें तैयार करने वाले…
  • vp
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्यों थे वी.पी सिंह गठबंधन की सरकार के मज़बूत स्तंभ
    20 Feb 2022
    'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में नीलांजन बात करते हैं वरिष्ठ पत्रकार देबाशीष मुखर्जी से। देबाशीष ने हाल ही में ही वी पी सिंह पर एक किताब लिखी है. उन्होंने सिंह, गठबंधन सरकार और उसके महत्व…
  • punjab
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जनादेश 2022: पंजाब चुनाव में दिखे कई रंग, अगली सरकार ईवीएम में बंद
    20 Feb 2022
    पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए शाम पांच बजे तक 63 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। अंतिम आंकड़ों का इंतज़ार है।
  • up elections
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जनादेश 2022:  तीसरे चरण की 59 सीटों के साथ यूपी की 172 सीटों का भविष्य ईवीएम में लॉक
    20 Feb 2022
    निर्वाचन आयोग की ओर से अभी शाम 5 बजे तक के आंकड़े जारी किए हैं। जिसके अनुसार शाम 5 बजे तक कुल औसतन मतदान 57.58% रहा। इनमें ललितपुर में सबसे ज़्यादा 67.38 प्रतिशत वोट पड़े जबकि सबसे कम कानपुर नगर में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License