NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गुजरातः गरबा देखने आए दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या, हमलावरों ने जातिसूचक टिप्पणी की
पूरे देश में दलितों के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रहा है।
सबरंग इंडिया
04 Oct 2017
दलित शोषण

पूरे देश में दलितों के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रधानमंत्री के राज्य गुजरात में एक दलित युवक को गरबा में शामिल होने के चलते पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुुताबिक ये घटना राज्य के आणंद जिले की है यहां गरबा देखने पहुंचे दलित युवक (21) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान जयेश सोलंकी के रूप में हुआ है। इस घटना के बाद से दलित समाज में बेहद नाराजगी है।

पुलिस के अनुसार जयेश सोलंकी, प्रकाश सोलंकी समेत दो अन्य लोग नजदीक के भद्रानिया गांव स्थित एक मंदिर के करीब एक घर के पास बैठे थे। उस समय गरबा हो रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति जयेश को जातिसूचक टिप्पणी की। व्यक्ति ने कहा कि दलितों को गरबा देखने का अधिकार नहीं है। व्यक्ति ने कुछ साथियों को वहां तुरंत बुला लिया। व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ जयेश सहित अन्य दलितों को मारना शुरू कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने जयेश को बुरी तरीके से पीटा और उसका सिर एक दीवार पर मारा। जिसके बाद जयेश गंभीर रुप से घायल हो गया।

गंभीर हालत में जयेश को नजदकी के करमसद अस्पताल ले जाया गया। रात भर उसकी स्थिति गंभीर बनी रही। सुबह डॉक्टरों ने परिजनों को उसकी मृत होने की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना के बाद इलाके के दलित समाज के लोग बेहद नाराज हैं।

पुलिस उपाधीक्षक एससीएसटी सेल एएम पटेल के अनुसार पुलिस ने शिकायत के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ क्रूरता अधिनियम और हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। 

Courtesy: सबरंग इंडिया,
Original published date:
03 Oct 2017
दलित शोषण
गुजरात
बीजेपी

Related Stories

झारखंड चुनाव: 20 सीटों पर मतदान, सिसई में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत, दो घायल

झारखंड की 'वीआईपी' सीट जमशेदपुर पूर्वी : रघुवर को सरयू की चुनौती, गौरव तीसरा कोण

हमें ‘लिंचिस्तान’ बनने से सिर्फ जन-आन्दोलन ही बचा सकता है

''सिलिकोसिस बीमारी की वजह से हज़ारो भारतीय मजदूर हो रहे मौत के शिकार''

यूपी-बिहार: 2019 की तैयारी, भाजपा और विपक्ष

असमः नागरिकता छीन जाने के डर लोग कर रहे आत्महत्या, एनआरसी की सूची 30 जुलाई तक होगी जारी

बुलेट ट्रेन परियोजना के खिलाफ गोदरेज ने की हाई कोर्ट में अपील

अहमदाबाद के एक बैंक और अमित शाह का दिलचस्प मामला

आरएसएस के लिए यह "सत्य का दर्पण” नहीं हो सकता है

उत्तरपूर्व में हिंदुत्वा का दोगुला खेल


बाकी खबरें

  • भाषा
    सोनिया गांधी ने मनरेगा बजट में ‘कटौती’ का विषय लोकसभा में उठाया
    01 Apr 2022
    सोनिया गांधी ने सदन में शून्यकाल के दौरान यह विषय उठाया। सरकार ने उनके आरोपों को तथ्यों से परे करार देते हुए कहा कि मनरेगा के लिए एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन हुआ है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    पाकिस्तान: इमरान की कुर्सी बचाने की अंतिम कवायद, अमेरिका के प्रति अपनाया हमलावर रुख
    01 Apr 2022
    इमरान खान ने अमेरिका पर उन्हें सत्ता से बेदख़ल करने की साज़िश का आरोप लगाया है। इसी कड़ी में पाक ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर अंदरूनी मामलों में ‘हस्तक्षेप’ के प्रति कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। 
  • मुरली कृष्णन (राजस्थान)
    कोरोना वायरस : टीके की झिझक से पार पाते भारत के स्वदेशी समुदाय
    01 Apr 2022
    भारत की कई जनजातियां आधुनिक चिकित्सा को लेकर संशय में हैं। लेकिन, महिला नेताओं की ओर से लोगों के विचार बदल देने के बाद भारत की स्वदेशी गरासिया जनजाति के लोगों ने आख़िरकार कोविड-19 वैक्सीन को स्वीकार…
  • अबीर दासगुप्ता, रवि नायर
    कैसे राष्ट्रीय बैंकों के समर्थन से रुचि सोया के ज़रिये अमीर बनी पतंजलि
    01 Apr 2022
    पतंजलि ने जिस तरीक़े से रुचि सोया का अधिग्रहण किया है, वह एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि कैसे सरकारी बैंक, नियामक संस्थाएं और प्राधिकरण बड़े स्तर की संपदा को हासिल करने में सहयोगी बनते हैं।
  • तारिक़ अनवर
    शिक्षित मुस्लिम महिलाओं ने हिजाब फ़ैसले को “न्यायिक अतिक्रमण’ क़रार दिया है 
    01 Apr 2022
    महिलाओं का कहना है कि धर्म में क्या ज़रूरी और ग़ैर-ज़रूरी है, यह अदालतों के अधिकार क्षेत्र से बाहर का मसला है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License