NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
गुरु रविदास का मंदिर गिराए जाने के विरोध में बंद रहा पंजाब
पंजाब पुलिस ने राज्य में बंद के मद्देनज़र सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। राज्‍य में अधिकतर स्‍थानों पर सुबह से बाजार बंद हैं। 
सोनिया यादव
13 Aug 2019
punjab band
Image courtesy: Hindustan Times

दिल्ली के तुग़लकाबाद में दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी डीडीए द्वारा  गुरु रविदास मंदिर ढाह दिया गया, जिसका असर अब दिल्ली से लेकर पंजाब तक देखने को मिल रहा है। मंदिर गिराने के विरोध में  गुरु रविदास समाज के लोगों ने आज पंजाब बंद का आह्वान किया है। पंजाब पुलिस ने राज्य में बंद के मद्देनज़र सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। राज्‍य में पांच हजार अतिरिक्‍त पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। राज्‍य में अधिकतर स्‍थानों पर सुबह से बाजार बंद हैं।
 
पंजाब पुलिस कंट्रोल रूम से प्रीतम सिंह ने न्यूज़क्लिक को बताया कि पंजाब के सभी प्रांतों में शांतिपूर्ण स्थिति है। पुलिस ने एतिहाद के तौर पर संवेदशील इलाकों में अधिक फोर्स को तैनात किया है। कहीं भी हिंसा या झड़प की कोई घटना सामने नहीं आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रविदास समाज के लोग विभिन्न जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा जालंधर, लुधियाना, होशियारपुर, गुरदासपुर व कपूरथला में सरकारी व प्राइवेट स्कूल बंद रखा गया है।

गुरु  रविदास मंदिर ट्रस्ट दिल्ली के महामंत्री गोपालकृष्ण ने न्यूज़क्लिक से कहा कि, उनका ये प्रदर्शन केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट से शांतिपूर्ण आग्रह करने के लिेए है कि, हमें हमारी जमीन का आवंटन दोबारा किया जाए, जिससे हम मंदिर का फिर से निर्माण कर सकें। इस मंदिर का इतिहास लगभग 500 साल पुराना है और ये हमारे समाज के लिए बेहद महत्तवपूर्ण है। उन्होंने आगे सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका के लिेए भी समय की मांग की। 

गोपालकृष्ण ने आगे बताया कि उन्होंने इस बारे में दक्षिणी दिल्ली सांसद रमेश बिधूड़ी से भी संपर्क करने की कोशिश की है। वे चाहते हैं कि सांसद बिधूड़ी इसमें उनका साथ दें।

गुरु रविदास मंदिर का इतिहास 

मीडिया की खबरों के अनुसार, ये मंदिर  गुरु रविदास की याद में बनवाया गया था। जब  गुरु रविदास बनारस से पंजाब की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने 1509 में इस स्थान पर आराम किया था। एक जाति विशेष के नाम पर यहां पर एक बावड़ी भी बनवाई गई थी जो आज भी मौजूद है। कहा जाता है कि स्वयं सिकंदर लोदी ने  गुरु  रविदास से नामदान लेने के बाद उन्हें यहां जमीन दान की थी जिस पर यह मंदिर बना था। आजाद भारत में 1954 में इस जगह पर एक मंदिर का निर्माण हुआ था। इस मंदिर से सिखों की आस्था भी जुड़ी हुई है क्योंकि सिखों का मानना है कि  गुरु  रविदास की उच्चारण की हुई वाणी गुरु ग्रंथ साहिब में मौजूद है।

गौरतलब है कि इस मसले पर अब राजनीति भी तेज हो गई है। मीडिया के हवाले से दिल्ली में आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने इस मामले को लेकर केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ''डीडीए दुनिया भर में जमीन बांट रहा है अपने नेताओं को जमीन दे रहा है, लेकिन डीडीए को  गुरु  रविदास जी के लिए 100 गज जमीन देनी भी मुश्किल हो रही है। तो वहीं बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से बात करेंगे। पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल ने भी मंदिर गिराने की घटना को गलत बताया है। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने कहा है कि मंदिर के लिए दोबारा जमीन अलॉट करवाने का प्रयास करेंगे।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने प्रदर्शन के दौरान  कहा कांग्रेस रविदास समाज के साथ खड़ी है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गिराए गए मंदिर के लिए उसी ऐतिहासिक स्थान को फिर से अलॉट करने व मंदिर के दोबारा निर्माण के मामले की पैरवी के लिए हर संभव सहयोग देगी।

इस पूरे प्रकरण पर डीडीए का कहना है कि  गुरु रविदास जयंती समारोह समिति ने जंगल की जमीन पर निर्माण किया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी जगह को खाली नहीं किया गया। इसलिए 9 अगस्त 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए को आदेश दिया कि वो पुलिस की मदद से इस जगह को खाली कराए और ढांचे को हटाये।

क्या आस्था के आगे कानून में ढील दी जाएगी या कोर्ट अपने फैसले पर अडीग रहेगा ये देखना होगा। हालांकि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाती है इस पर भी सबकी नज़रे होंगी।  

punjab
Congress
punjab bandh
AAP
Guru Ravidas temple
Supreme Court
DDA

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

लंबे संघर्ष के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायक को मिला ग्रेच्युटी का हक़, यूनियन ने बताया ऐतिहासिक निर्णय

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License