NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ओला के खिलाफ टिप्पणी से निशाने पर आए भाजपा प्रवक्ता भाटिया, गहलोत ने कहा- नड्डा माफ़ी मांगें
गौरतलब है कि भाटिया ने एक टीवी कार्यक्रम के दौरान ओला के खिलाफ कथित रूप से अमार्यादित टिप्पणी की थी। उन्होंने इस बारे में एक ट्वीट भी किया, जिसे आलोचनाओं के बाद डिलीट कर दिया।
भाषा
10 Jul 2021
gu

जयपुर: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया कांग्रेस के दिवंगत वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्मश्री शीशराम ओला को लेकर की गई अपनी टिप्पणी से राजस्थान के नेताओं के निशाने पर आ गए। जहां कांग्रेस, माकपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने भाटिया की टिप्पणी की भर्त्सना की वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से माफी मांगने की मांग की है।

मुख्यमंत्री ने भाटिया द्वारा ओला को लेकर की गई टिप्पणी की आलोचना करते हुए शनिवार को कहा कि भाजपा अध्यक्ष नड्डा को इसके लिये माफी मांगनी चाहिए।

गहलोत ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया द्वारा ओला पर की गई टिप्पणियों की मैं भर्त्सना करता हूं। इससे प्रदेश की जनता में भारी आक्रोश पैदा हुआ है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को अविलंब राजस्थान की जनता से माफी मांगनी चाहिए।’’

उन्होंने लिखा, ' शीशराम ओला ने 60 साल से अधिक समय तक सामाजिक, राजनीतिक क्षेत्र में रहकर किसानों के हितों की रक्षा की। वह केन्द्र एवं राज्य दोनों सरकारों में अनेकों बार कैबिनेट मंत्री रहे। 1968 में उन्हें समाजसेवा के लिए पद्मश्री सम्मान दिया गया था।'

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी ओला के प्रति भाजपा प्रवक्ता की टिप्पणी की आलोचना की है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और किसान हितैषी शीशराम ओला जी पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता की अमर्यादित टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है।' पायलट के अनुसार देश एवं प्रदेश के विकास में शीशराम का योगदान विशाल है और असभ्य शब्दावली का प्रयोग ऐसे नेताओं की संस्कारहीन सोच का प्रमाण है।

गौरतलब है कि भाटिया ने एक टीवी कार्यक्रम के दौरान ओला के खिलाफ कथित रूप से अमार्यादित टिप्पणी की थी। उन्होंने इस बारे में एक ट्वीट भी किया, जिसे आलोचनाओं के बाद डिलीट कर दिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसका जिक्र करते हुए लिखा,' कितने ही ट्वीट डिलीट कर लें, आपकी पार्टी की किसान विरोधी सोच के ऐसे साक्ष्य आप नहीं मिटा सकते।' डोटासरा ने ट्वीट किया, 'पद्मश्री से सम्मानित, किसानों के गौरव रहे शीशराम ओला के बारे में की गई यह टिप्पणी बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। आखिर किसान कौम से इतनी नफरत क्यों है भाजपा को?'

वहीं रालोप के राष्ट्रीय संयोजक व नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी इसको लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट किया, 'किसानों के दिग्गज नेता रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्मश्री शीशराम ओला के सम्बन्ध में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा की गई टिप्पणियों की मैं निंदा करता हूं।'

उन्होंने कहा, 'ओला ने आजीवन सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में जो योगदान दिया उसको कभी भुलाया नहीं जा सकता। भाटिया द्वारा की गई टिप्पणी से उनकी संकीर्ण मानसिकता झलक रही है, उक्त टिप्पणी को लेकर जाट समाज के साथ सर्व समाज में रोष व्याप्त है ! भाटिया को तत्काल माफी मांगनी चाहिए !'

माकपा के राज्य महासचिव व पूर्व विधायक अमराराम ने भी भाटिया की टिप्पणी की आलोचना की है। उन्होंने ट्वीट किया, 'राजनीति में वैचारिक मतभेद जरूर होते है लेकिन ऐसी भाषा का प्रयोग करना उचित नहीं है।'

उल्लेखनीय है कि राजस्थान से दिग्गज जाट नेता ओला अनेक बार विधायक और सांसद रहे। वह राज्य व केंद्र सरकार में मंत्री रहे।

gautam bhatia
shishram ola
RAJSTHAN
ashok gahlot
sachin pilot

Related Stories

विश्लेषण: कांग्रेस के ‘चिंतन शिविर’ से क्या निकला?

राजस्थान: क्या एक हो गए हैं अशोक गहलोत और सचिन पायलट?

राजनीति: कांग्रेस अपने ही नेताओं के वैचारिक संकट और अवसरवाद की शिकार

सत्ता की चाह में डूबे नेताओं की आदत है पार्टी बदलना

दिल्ली में एक सप्ताह का कर्फ्यू, कोविड ने बढ़ाया अमीर गरीब के बीच फासला और अन्य

महाराष्ट्र और राजस्थान में अब फिर चलेगा 'ऑपरेशन कमल’

राजस्थान के ‘सियासी ड्रामे’ का समापन: अशोक गहलोत ने विश्वासमत जीता

राजस्थान : कांग्रेस के लिए बड़े सबक  

राजस्थान की रार:  रुठने-मनाने का सिलसिला अभी जारी है  

दल-बदल विरोधी कानून: क्या कहता है इतिहास?


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License