NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
विपक्ष के विरोध के बाद भी सरकार ने औद्योगिक संबंध संहिता 2019, लोकसभा में पेश किया
श्रममंत्री ने कहा कि सरकार लंबी चर्चा और श्रम संगठनों तथा सभी राज्य सरकारों से परामर्श के बाद औद्योगिक संबंध संहिता लेकर आई है। जबकि मज़दूर संगठनों ने किसी भी तरह की बातचीत से साफ इंकार किया और इस विधेयक को मज़दूर विरोधी बताया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Nov 2019
Parliament
Image courtesy: DailyO

नई दिल्ली: सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में ‘औद्योगिक संबंध संहिता, 2019’ और उससे संबंधित एक विधेयक पेश किया जिसमें श्रमिक संघ, औद्योगिक प्रतिष्ठानों या उपक्रमों में रोजगार की शर्तें, औद्योगिक विवादों की जांच तथा निपटारे एवं उनसे संबंधित विषयों के कानूनों को मिलाने का और संशोधन करने का प्रावधान है। सदन में श्रम और रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने इस संबंध में विधेयक पेश किया।

इससे पहले विधेयक पेश किये जाने का विरोध करते हुए आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन, तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय और कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने उक्त संहिता को कर्मचारी विरोधी बताते हुए सरकार से इसे श्रम पर संसदीय स्थाई समिति को भेजने की मांग की।

प्रेमचंद्रन ने कहा कि इसमें राज्यों से जरूरी परामर्श नहीं किया गया है। सौगत राय ने कहा कि किसी मजदूर संगठन ने इस संहिता की मांग नहीं की थी और उद्योग संगठन चाहते थे, इसलिए सरकार इसे लेकर आई है।

उन्होंने इसे ‘श्रमिक विरोधी’ बताते हुए कहा कि इसे श्रम पर स्थाई समिति को भेजा जाना चाहिए।

चौधरी ने भी इसे ‘श्रमिक विरोधी’ बताते हुए स्थाई समिति को भेजने की मांग की।

इन सभी तर्को को दरकिनार करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस संहिता को पेश करने की अनुमति दी और कहा कि सदस्यों ने जो भी कारण बताए हैं, वह विधेयक के विरोध में हैं और चर्चा में रखे जाने चाहिए। विधेयक पेश किये जाने के विरोध में कोई कारण सदस्य नहीं बता रहे।
 
सीपीआई के के. सुब्बारायन और सी.पी.एम.  के अब्दुल मजीद आरिफ तथा एस वेंकटेशन ने भी विधेयक पेश किये जाने के विरोध में बोलने की अनुमति मांगी लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व में नोटिस नहीं दिया गया। सदस्य चर्चा के दौरान विस्तार से अपनी बात रख सकते हैं। बात रखने की अनुमति नहीं मिलने पर वामदलों के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया।

गंगवार ने कहा कि सरकार लंबी चर्चा और श्रम संगठनों तथा सभी राज्य सरकारों से परामर्श के बाद औद्योगिक संबंध संहिता लेकर आई है। इसमें कोई भी प्रावधान मजदूरों के हक के खिलाफ नहीं है। इसके बाद उन्होंने ‘औद्योगिक संबंध संहिता, 2019’ को सदन में पेश किया।

हालांकि मंत्री जी के दावों में कितनी सच्चाई है इसे लेकर सवाल हैं। क्योंकि सभी सेंट्रल ट्रेड यूनियन यहां तक की आरएसएस के भी माज़ूर संघ ने इस संहिता का विरोध किया है। सभी ने एक बात स्पष्ट की सरकार ने उनसे कोई भी राय नहीं ली है और ये संहिता मज़दूरों के हितों के खिलाफ हैं। आपको बता दें कि दस सेंट्रल ट्रैड यूनियन ने सरकार के मज़दूर विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ 8 जनवरी को एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान  किया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ )

Industrial Relations Code2019
loksabha
trade unions
TMC
Congress
CPI
CPM
Central Trade Unions
Labor organizations
BJP
opposition parties

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Hijab Verdict
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुसलमानों को अलग थलग करता है Hijab Verdict
    17 Mar 2022
  • fb
    न्यूज़क्लिक टीम
    बीजेपी के चुनावी अभियान में नियमों को अनदेखा कर जमकर हुआ फेसबुक का इस्तेमाल
    17 Mar 2022
    गैर लाभकारी मीडिया संगठन टीआरसी के कुमार संभव, श्रीगिरीश जलिहाल और एड.वॉच की नयनतारा रंगनाथन ने यह जांच की है कि फेसबुक ने अपने प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल होने दिया। मामला यह है किसी भी राजनीतिक…
  • Russia-Ukraine war
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या है रूस-यूक्रेन जंग की असली वजह?
    17 Mar 2022
    रूस का आक्रमण यूक्रेन पर जारी है, मगर हमें इस जंग की एक व्यापक तस्वीर देखने की ज़रूरत है। न्यूज़क्लिक के इस वीडियो में हमने आपको बताया है कि रूस और यूक्रेन का क्या इतिहास रहा है, नाटो और अमेरिका का…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    झारखंड में चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीज़ों का बढ़ता बोझ : रिपोर्ट
    17 Mar 2022
    कैग की ओर से विधानसभा में पेश हुई रिपोर्ट में राज्य के जिला अस्पतालों में जरूरत के मुकाबले स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी का खुलासा हुआ है।
  • अनिल जैन
    हिटलर से प्रेरित है 'कश्मीर फाइल्स’ की सरकारी मार्केटिंग, प्रधानमंत्री से लेकर कार्यकर्ता तक
    17 Mar 2022
    एक वह समय था जब भारत के प्रधानमंत्री अपने समय के फिल्मकारों को 'हकीकत’, 'प्यासा’, 'नया दौर’ जैसी फिल्में बनाने के लिए प्रोत्साहित किया करते थे और आज वह समय आ गया है जब मौजूदा प्रधानमंत्री एक खास वर्ग…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License