NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सरकार बोलने की आज़ादी पर अंकुश के लिये राजद्रोह कानून का इस्तेमाल कर रही है: मदन लोकुर
न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) लोकुर ने कहा कि अचानक ही ऐसे मामलों की संख्या बढ़ गयी है जिसमें लोगों पर राजद्रोह के आरोप लगाए गए हैं। इस साल अब तक राजद्रोह के 70 मामले देखे जा चुके हैं।’
भाषा
15 Sep 2020
madan lokur

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश मदन बी लोकुर ने सोमवार को कहा कि जनता की राय पर प्रतिक्रिया के रूप में सरकार बोलने की आज़ादी पर अंकुश लगाने के लिये राजद्रोह कानून का सहारा ले रही है।

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) लोकुर ने ‘बोलने की आज़ादी और न्यायपालिका’ विषय पर एक वेबिनार को संबोधित करते हुये कहा कि बोलने की आज़ादी को कुचलने के लिये सरकार लोगों पर फर्जी खबरें फैलाने के आरोप लगाने का तरीका भी अपना रही है।

उन्होंने कोरोना वायरस के मामले और इससे संबंधित वेंटिलेटर की कमी जैसे मुद्दों की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों पर फर्जी खबर के प्रावधानों के तहत आरोप लगाये जा रहे हैं।

न्यायमूर्ति लोकुर ने कहा, ‘‘सरकार बोलने की आज़ादी पर अंकुश लगाने के लिये राजद्रोह कानून का सहारा ले रही है। अचानक ही ऐसे मामलों की संख्या बढ़ गयी है जिसमें लोगों पर राजद्रोह के आरोप लगाए गए हैं। कुछ भी बोलने वाले एक आम नागरिक पर राजद्रोह का आरोप लगाया जा रहा है। इस साल अब तक राजद्रोह के 70 मामले देखे जा चुके हैं।’’

इस वेबिनार का आयोजन कैंपेन फॉर ज्यूडिशियल एकाउन्टेबिलिटी एंड रिफार्म्स और स्वराज अभियान ने किया था।

अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ न्यायालय की अवमानना के मामले पर बोलते हुये उन्होंने कहा कि उनके बयानों को गलत पढ़ा गया।

उन्होंने डा. कलीफ खान के मामले का भी उदाहरण दिया और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत आरोप लगाते समय उनके भाषण और नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ उनके बयानों को गलत पढ़ा गया।

वरिष्ठ पत्रकार एन राम ने कहा कि प्रशांत भूषण के मामले में दी गयी सजा बेतुकी है और उच्चतम न्यायालय के निष्कर्षो का कोई ठोस आधार नहीं है।

राम ने कहा, ‘‘मेरे मन में न्यायपालिका के प्रति बहुत सम्मान है। यह न्यायपालिका ही है जिसने संविधान में प्रेस की आज़ादी को पढ़ा। ’’

सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा राय ने कहा कि भूषण की स्थिति काफी व्यापक होने की वजह से लोगों का सशक्तीकरण हुआ है और इस मामले ने लोगों को प्रेरित किया है।

इस बीच, प्रशांत भूषण ने न्यायपालिका के प्रति अपमानजनक दो ट्वीट को लेकर अवमानना का दोषी ठहराये जाने के बाद सजा के रूप में एक रुपए का जुर्माना उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री में जमा कराया है।

जुर्माना भरने के बाद मीडिया से बात करते हुये भूषण ने कहा कि उन्हें जुर्माना अदा करने के लिये के देश के सभी हिस्सों से योगदान मिला है और इस योगदान से ‘ट्रूथ फंड’ बनाया जायेगा जिससे असहमति व्यक्त करने की वजह से कानूनी कार्यवाही का सामना करने वालों को कानूनी मदद प्रदान की जाएगी।

Madan lokur
Supreme Court
freedom of expression
freedom of speech
Treason case
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब के असली मुद्दों से भटकाने की है बड़ी साज़िशः धर्मवीर गांधी
    20 Feb 2022
    ख़ास इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने पंजाब में पटियाला के पूर्व सांसद (आप) धर्मवीर गांधी से बातचीत की। इसमें उन्होंने आप के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब की राजनीति को मुद्दों से…
  • silver sheet
    समीना खान
    चांदी का वरक़: ऑनलाइन प्रोडक्ट की चमक ने फीका किया पारंपरिक कारोबार
    20 Feb 2022
    लखनऊ और वाराणसी की जिन तंग गलियों में कभी चांदी का वरक कूटने की ठक-ठक हुआ करती थी, वहां अब ख़ामोशी है। वरक़ कूटने का कारोबार लगभग ख़त्म हो गया है। शुद्ध चांदी के वरक़ को बनाने के लिए लगातार तीन घंटे तक…
  • SBI
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: 23 हज़ार करोड़ के बैंकिंग घोटाले से लेकर केजरीवाल के सर्वे तक..
    20 Feb 2022
    हर हफ़्ते कुछ ऐसी खबरें होतीं हैं जो पीछे छूट जाती हैं जिन पर बात करना उतना ही ज़रूरी है। ऐसी ही खबरों को एक साथ लाए हैं अनिल जैन..
  • Advertising
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    विज्ञापन की महिमा: अगर विज्ञापन न होते तो हमें विकास दिखाई ही न देता
    20 Feb 2022
    ...और विकास भी इतना अधिक हुआ कि वह भी लोगों को दिखाई नहीं पड़ा, विज्ञापनों से ही दिखाना पड़ा। लोगों को तो नारियल फोड़ने से फूटने वाली सड़कें दिखाई दीं पर सरकार ने विज्ञापनों में हवाई जहाज उतारती…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: ... यूं कोई बेवफ़ा नहीं होता
    20 Feb 2022
    दोस्त दोस्त न रहा...ये रोना और गाना पुराना हो गया है अरविंद केजरीवाल और कुमार विश्वास के संदर्भ में। आज तो यही शेर याद आता है कि कुछ तो मजबूरियां रही होंगी/ यूं कोई बेवफ़ा नहीं होता।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License