NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हाई कोर्ट ने कहा गौरव यात्रा के दौरान नहीं किये जा सकते सरकारी कार्यक्रम
राजस्थान हाई कोर्ट ने बीजेपी सरकार के खिलाफ एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा में सरकारी कार्यक्रम नहीं किये जा सकते।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Sep 2018
vasundhara raje
image courtesy: NDTV.com

राजस्थान हाई कोर्ट ने बीजेपी सरकार के खिलाफ एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा में सरकारी कार्यक्रम नहीं किये जा सकते। कोर्ट ने यह फैसला अधिवक्ता विभूति भूषण शर्मा व सामाजिक कार्यकर्ता सवाई सिंह के द्वारा दायर की गयी जन हिट याचिका पर दिया है। इसे वसुंधरा राजे के लिए एक बड़े झटके की तरह देखा जा रहा है क्योंकि इस रैली में बीजेपी का प्रचार बड़ा ज़ोर शोर से किया जा रहा था। 

इस रैली की शुरुवात 4 अगस्त को उदयपुर संभाग के राजसमंद में चारभुजा मंदिर से हुई। यात्रा के अंतर्गत मुख्यमंत्री राजे को 165 विधानसभा क्षेत्रों से गुज़रना है और यात्रा 40 दिन की है। लेकिन बताया जा रहा है कि उदयपुर और जोधपुर संभाग की ज़मीनी हालत को देखते हुए लग रहा है कि जिस 'गौरव' की राजे बात कर रहीं हैं वह सिर्फ उनके ख्यालों में है। यह सच है कि कई सभाओं में भीड़ दिखाई पड़ी लेकिन यह समझना ज़्यादा मुश्किल नहीं है कि ऐसा क्योक हुआ। कोर्ट के आदेश में ही इसका जवाब है। 

दरअसल बीजेपी ने इस यात्रा को बड़ा और सफल बनाने के लिए सरकारी तंत्र का भरपूर इस्तेमाल किया। यात्रा के दौरान कई जगह सरकारी योजनाओं को शुरू किया गया , सरकारी योजनाओं से लाभार्थियों को कार्यक्रमों में बुलाया गया, नए कामों का शिलान्यास किया गया। इसके आलावा जनहित याचिका के अनुसार इन कार्यक्रमों में मंच, साउंड सिस्टम, पेट्रोल और बाकी चीज़ों के इस्तेमाल में सरकारी पैसा लगाया गया और सरकारी अधिकारों को भी इस काम में लगाया गया। इसका प्रमाण यह है कि इसके लिए अधिकारियों को आधिकारिक आदेश दिए गए थे , जिन्हे विवाद बढ़ने पर वापस लिया गया था। 

याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि वसुंधरा सरकार पीडब्लूडी ने 14 अगस्त को 23 लाख रुपये का टेंडर निकाला था। यह टेंडर इस यात्रा के दौरान 23 रुपये का काम कराने के लिए निकाला गया था। इससे बीजेपी सरकार का भ्रष्टाचार सामने आता है। इससे भी पल्ला झड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं। 

इस पूरे प्रकरण में बीजेपी की भूमिका दिलचस्प रही है। पहले बीजेपी कहती रही कि यह गौरव यात्रा एक सरकारी कार्यक्रम है। लेकिन इस मामले के तूल पकड़ने के बाद बीजेपी ने अपना स्टैंड बदल लिया है। बीजेपी बाहर और कोर्ट दोनों में यह कहने लगी है कि यह बीजेपी की रैली है और इसमें सरकारी तंत्र का इस्तेमाल नहीं हुआ है। कोर्ट के द्वारा खर्च का ब्यौरा माँगने पर बीजेपी का कहना है कि इस यात्रा में अब तक 1 करोड़ 10 लाख रुपये खर्च हुए हैं। उनका कहना है कि यह पूरा पैसा बीजेपी का है सरकार का नहीं। लेकिन द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक इस ब्योरे के साथ कोई बिल नहीं पेश किया गया है। इसके साथ ही बीजेपी का कहना है कि सरकारी खर्च और तंत्र का इस्तेमाल सिर्फ मुख़्यमंत्री सुरक्षा और प्रोटोकॉल की वजह से हुआ। 

लेकिन इसके बावजूद भी बीजेपी अपनी चुनावी प्रचार की यात्रा में योजनाओं का उद्घाटन और सरकारी पैसे और तंत्र का इस्तेमाल कैसे कर सकती है? अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसके पुख्ता सबूत क्यों नहीं पेश किये गए ? इसके साथ ही जानकारों का मानना है कि बताई गयी राशि से कई गुना ज़्यादा पैसा इस यात्रा में खर्च हुआ है। 

Rajasthan
gaurav yatra
Vasundhara Raje

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

15 राज्यों की 57 सीटों पर राज्यसभा चुनाव; कैसे चुने जाते हैं सांसद, यहां समझिए...

इतिहास कहता है- ‘’चिंतन शिविर’’ भी नहीं बदल सका कांग्रेस की किस्मत

कांग्रेस चिंता शिविर में सोनिया गांधी ने कहा : गांधीजी के हत्यारों का महिमामंडन हो रहा है!

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

जोधपुर में कर्फ्यू जारी, उपद्रव के आरोप में 97 गिरफ़्तार

राजस्थान में मस्जिद पर भगवा, सांप्रदायिक तनाव की साज़िश!

खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं

करौली हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग:  संघ-भाजपा पर सुनियोजित ढंग से हिंसा भड़काने का आरोप

इस आग को किसी भी तरह बुझाना ही होगा - क्योंकि, यह सब की बात है दो चार दस की बात नहीं


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    वर्ष 2030 तक हार्ट अटैक से सबसे ज़्यादा मौत भारत में होगी
    23 May 2022
    "युवाओं तथा मध्य आयु वर्ग के लोगों में हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं जो चिंताजनक है। हर चौथा व्यक्ति हृदय संबंधी रोग से पीड़ित होगा।"
  • आज का कार्टून
    “मित्रों! बच्चों से मेरा बचपन का नाता है, क्योंकि बचपन में मैं भी बच्चा था”
    23 May 2022
    अपने विदेशी यात्राओं या कहें कि विदेशी फ़ोटो-शूट दौरों के दौरान प्रधानमंत्री जी नेताओं के साथ, किसी ना किसी बच्चे को भी पकड़ लेते हैं।
  • students
    रवि शंकर दुबे
    बच्चों को कौन बता रहा है दलित और सवर्ण में अंतर?
    23 May 2022
    उत्तराखंड में एक बार फिर सवर्ण छात्रों द्वारा दलित महिला के हाथ से बने भोजन का बहिष्कार किया गया।
  • media
    कुश अंबेडकरवादी
    ज़ोरों से हांफ रहा है भारतीय मीडिया। वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में पहुंचा 150वें नंबर पर
    23 May 2022
    भारतीय मीडिया का स्तर लगातार नीचे गिर रहा है, वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में 150वें नंबर पर पहुंच गया है।
  • सत्येन्द्र सार्थक
    श्रम क़ानूनों और सरकारी योजनाओं से बेहद दूर हैं निर्माण मज़दूर
    23 May 2022
    निर्माण मज़दूर राजेश्वर अपना अनुभव बताते हुए कहते हैं “दिल्ली के राजू पार्क कॉलोनी में मैंने 6-7 महीने तक काम किया था। मालिक ने पूरे पैसे नहीं दिए और धमकी देकर बोला ‘जो करना है कर ले पैसे नहीं दूँगा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License