NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कृषि
भारत
राजनीति
उत्तर महाराष्ट्र के प्याज़ वाले इलाकों में ओले पड़े, 500 करोड़ के भारी नुकसान का अनुमान
इसके पहले नासिक और धुले जिले के कुछ हिस्से में ओले गिरे थे, जिससे प्याज क्षेत्र तहस-नहस हो गया था।
अमेय तिरोदकर
26 Mar 2021
उत्तर महाराष्ट्र के प्याज़ वाले इलाकों में ओले पड़े, 500 करोड़ के भारी नुकसान का अनुमान
फोटो इकोनॉमिक टाइम्स के सौजन्य से

अंकुश चांडे  नासिक जिले के अपने तहसील शहर बगलान के प्रखंड विकास के दफ्तर में यह अनुरोध करने आए थे कि उनके इलाके में पंचनामा-संबंधी कामों में तेजी लाई जाए। सोमवार और मंगलवार को नासिक तथा  धुले जिलों के कुछ हिस्सों में भयंकर ओलावृष्टि हुई थी, जिसमें अंकुश के खेतों से प्याज की फसल बह गई थी।

इसके लिए राजस्व विभाग के अधिकारी पीड़ित इलाकों का दौरा करते हैं और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लेते हैं। वे इस कार्यवाही के विवरण गवाहों की मौजूदगी में दर्ज करते हैं, जिसे पंचनामा कहा जाता है।  अंकुश ने कहा, “अगर वे  (सरकारी अधिकारी) जितनी जल्दी हो पंचनामा का यह काम पूरा कर लेंगे तो फसल बीमा पर उसके दावे को निपटाने का काम भी शीघ्र हो जाएगा। मुझे इस समय पैसों की सख्त जरूरत है, क्योंकि मेरी फसलें बर्बाद हो गई हैं।” 

उत्तरी महाराष्ट्र के इस इलाके में सोमवार और मंगलवार को बुरी तरह से ओलावृष्टि हुई थी। इस वजह से गर्मी के मौसम में होने वाले प्याज की पैदावार,  अंगूर और अनार की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।  सर्वाधिक नुकसान नासिक और धुले जिले के कुछ हिस्सों में हुआ है। ये दोनों ही जिले देश में प्याज के उत्पादन के लिए मशहूर हैं।  गर्मी में होने वाले इस प्याज को  इसी महीने के अंत में खेतों से निकाला जाना था,  जिस पर ओलावृष्टि और बेमौसम की बरसात की कड़ी मार पड़ी और वह बरबाद हो गया।

बगलान तहसील कार्यालय के  प्राथमिक आकलन के मुताबिक भारी नुकसान हुआ है।  प्याज की 4020 हेक्टेयर में लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे 4878 परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।  42 हेक्टेयर भूमि में लगी सब्जियां नष्ट हो गई हैं, जिनसे 78 परिवारों के गुजर-बसर पर प्रतिकूल असर पड़ा है। वहीं 70 हेक्टेयर में लगी गेहूं की फसल की भारी क्षति हुई है और इस पर आश्रित 128 परिवारों  को खाने के लाले पड़ गए हैं।

पास के ही निफड  तहसील में स्थिति उतनी ही बुरी है, जितनी बगलान में।  ओलावृष्टि से अंगूरों और गन्ने की फसलें बुरी तरह से तबाह हुई हैं। इसी इलाके में रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत वैरागी के मुताबिक किसानों का भारी नुकसान हुआ है।  उन्होंने कहा, “ओलावृष्टि ने  फसलों को बहा दिया है और खेती की जमीन को नुकसान पहुंचाया है। किसानों को उनकी अपनी जमीन पर फिर से खेती करने की जरूरत है।  इसके लिए उन्हें  तत्काल पैसे की दरकार होगी,  नहीं तो उनकी खरीफ की फसलों पर भी बुरा असर पड़ेगा।” 

63 वर्षीय किसान शंकर भिंगार्डे ने अपनी ढाई एकड़ जमीन में प्याज उपजाये थे और 2 एकड़ में गन्ने की खेती की थी। इसकी आय से वे इस साल अपने घर का पुनर्निर्माण कराने वाले थे।  शंकर ने कहा,“मैंने सोचा कि इस सीजन के प्याज (अप्रैल के अंत तक) से कम से कम एक लाख रुपये आ जाएंगे। गन्ने से साल के अंत तक तीन से चार लाख रुपये कमा लूंगा। इन सबसे मुझे फिर से मकान बनाने में मदद मिल जाएगी लेकिन अब तो कुछ नहीं हो सकता।” 

महाराष्ट्र सरकार कोविड-19 के बढ़ते  मामलों से निपटने में व्यस्त है और प्रशासनिक कठिनाइयों को लेकर भी वह चिंतित हैं।  इसी बीच, स्थानीय और नेशनल मीडिया  राज्य के अधिकारियों द्वारा लिखी जा रही चिट्ठियों पर सुर्खियां बनाने में व्यस्त है। ऐसे में नासिक और धुले के किसानों की दुर्दशा मीडिया में कम ही जगह ले पाती है।

 न्यूज़क्लिक ने नासिक के गार्डियन मंत्री छगन भुजबल से इन पीड़ित किसानों को सरकारी सहायता दिए जाने के बारे में पूछा।  उन्होंने बताया, “पंचनामे का कार्य चल रहा है। मैंने कृषि मंत्री और राहत मंत्री से भी इस बारे में बातचीत की है। अगले सप्ताह के अंत तक हम पंचनामा का काम पूरा कर लेंगे और राहत के तौर पर प्राथमिक धन का वितरण शुरू कर देंगे।” 

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

Hailstorm Hits North Maharashtra’s Onion Belt, Estimated Losses over Rs 500 Crore

Maharashtra Farmers
Unseasonal Rainfall
Nashik
Dhule
Farmers Crop Damage

Related Stories


बाकी खबरें

  • asgar
    सौरव कुमार
    धनबाद: कोरोना महामारी में कोयला बिनाई का काम करने वालों ने गंवाई जानें और आजीविका
    01 Nov 2021
    लॉकडाउन में कोयला खदानों के चालू रहने के बावजूद, आवाजाही पर लगे कड़े प्रतिबंधों के चलते कोयला बीनने वालों की आय खत्म हो गई।
  • dengue
    भाषा
    दिल्ली में डेंगू के मामले बढ़े, अब तक 6 की मौत, स्वास्थ्य मंत्री ने की स्थिति की समीक्षा
    01 Nov 2021
    सोमवार को जारी दिल्ली नगर निकाय की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अभी तक मच्छिर जनित बीमारी के कारण छह लोगों की मौत हुई जबकि डेंगू के मामले बढ़कर 1,530 हो गए।
  •  Rupesh Prajapati
    सरोजिनी बिष्ट
    रूपेश प्रजापति केस : सुसाइड या जेल में हत्या? न्याय की भीख मांगता एक परिवार
    01 Nov 2021
    रूपेश कुमार प्रजापति कौन है? आखिर उसके साथ क्या हुआ कि मानवाधिकार आयोग तक को संज्ञान लेना पड़ा, ये सवाल आज बेहद अहम हैं क्योंकि इन्हीं सवालों के जवाब हमें यह बताते हैं कि एक ताकतवर सिस्टम किस कदर एक…
  • India
    आत्मन शाह
    नहीं, भारत "मुस्लिम-राष्ट्र" नहीं बनेगा! 
    01 Nov 2021
    भारत के मुस्लिम-बहुल राष्ट्र में बदलने की आशंका एक झूठा प्रचार है, जो प्रचार देश में हिंदू और मुस्लिम आबादी के विकास की ऐतिहासिक दर को ध्यान में नहीं रखता है।
  • banaras
    विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्टः जिस मुसहर बस्ती में 42 दिन पहले मना था मोदी के जन्मदिन का जश्न, उस पर ही चलवा दिया बुलडोज़र
    01 Nov 2021
    "सबसे पहले हमारे बच्चों की पाठशाला पर बुलडोज़र गरजा। फिर झोपड़ी ढहाई जाने लगी। हमारे घरों का सारा सामान निकालकर बाहर फेंका जाने लगा। ठंड के बावजूद बस्ती के 62 लोग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License