NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हिमाचल: अंबुजा सीमेंट की फैक्ट्री स्थानीय लोगों के लिए बनी जान का खतरा?
स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि सीमेंट फैक्ट्री में होने वाली आवाज़ और ट्रकों की आवाजाही व हॉर्न की तेज़ आवाज़ ने उनका जीवन नर्क बना दिया है|
मुकुंद झा
25 Jul 2018
हिमाचल प्रदेश

हिमाचल के सोलन ज़िले की एक सीमेंट फैक्ट्री का मामला इस तथ्य का प्रमाण है कि यह फैक्ट्रियाँ न सिर्फ इनमें काम करने वाले मज़दूरों बल्कि आस-पास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैंI सोलन में अंबुजा सीमेंट की एक फैक्ट्री राउरी गाँव के नज़दीक स्थित हैI इस गाँव की 60% से ज़्यादा आबादी को साँस की बीमारी है; पीड़ितों में ज़्यादा संख्या बच्चों की हैI 

 इसी मुद्दे पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने हिमाचल प्रदेश में मौजूद गुजरात अंबुजा सीमेंट लिमिटेड की सीमेंट इंडस्ट्री के संबंध में पूरी विस्तृत रिपोर्ट के लिए दोबारा एक टीम गठित कर चार हफ्तों में स्वास्थ्य जाँच और प्रदूषण संबंधी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है।

सीपीएम के नेता और जिला परिषद सदस्य  श्री राम किशन ने बताया कि अंबुजा सीमेंट  का पहला संयंत्र 1991 में लगा थाI उस समय भी इसका विरोध किया गया था क्योंकि इसके लिए अधिग्रहित ज़मीन का सही मुआवज़ा नहीं दिया गया था और न ही लोगों का पुनर्वास किया गया थाI

इसका दूसरा संयंत्रसंयंत्र 2008 में लगाया गयाI  इस बार भी ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान सही मुआवज़ा नहीं दिया गयाIसंयंत्र

स्थानीय  लोगों ने शिकायत की है कि सीमेंट फैक्ट्री में होने वाली आवाज़ और ट्रकों की आवाजाही व हॉर्न की तेज़ आवाज़ ने उनका जीवन नर्क बना दिया है|  पूरा गाँव शिमला उच्च न्यायालय के पूर्व आदेश के आधार पर पुनर्वास योजना के तहत दूसरी जगह पर जमीन और घर की सुविधा चाहता है|

 इस नए  संयंत्र के सन्दर्भ में स्थिति इसलिए और भी भयावह हो जाती है क्योंकि इसे सभी नियम कानून को ताक पर रख  रिहायशी इलाके से महज़ 20 मीटर की दूरी पर बनाया गया है| फैक्ट्री के कारण वहाँ कम्पन रहता हैI

 इस गाँव में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं जिसे इस संयंत्र के कारण किसी न किसी बीमारी न हुई हो, किसी को दमा है तो किसी को त्वचा रोग |

राम किशन ने कहा कि “अब तो इसने यहाँ के पशुओं को भी अपने चपेट में ले लिया है| इस सीमेंट फैक्ट्री के कारण वहाँ के आस-पास का चारा भी ज़हरीले हो गया है| जिसे खाने से पशु बीमार हो रहे हैं और कईयोंकी मौत भी हो चुकी है”|

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा है कि    ने 28 जून 2017 को  राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में शिमला  के इंदिरा गाँधी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की ओर से फाइल की गई रिपोर्ट में साफतौर दिख रहा कि सीमेंट फैक्ट्री की वजह से ध्वनि और वायु प्रदूषण बड़े स्तर पर फैल रहा है|

 इस रिपोर्ट में स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव आदि का अलग से कोई उल्लेख नहीं किया गया था, इसलिए दोबारा स्वास्थ्य जाँच के लिए समीति गठित की जा रही है|

 अंबुजा कर्मचारी यूनियन के प्रधान लक्षी राम के अनुसार यहाँ सिर्फ पर्यावरण के नियमों का ही उल्लंघन नहीं हो रहा बल्कि श्रम कानूनों का भी मखौल  उड़ाया जा रहा है| अभी कुछ महीने पहले ही सुरक्षा कानूनों की अनदेखी के कारण कंपनी में कार्यरत एक कर्मचारी, इंद्रदेव, की कन्वेयर बेल्ट में आ जाने से मौत हो गई। 

प्रधान लक्षी राम के अनुसार  इन्द्रदेव कश्लोग स्थित माइन प्वाइंट पर अकेले ड्यूटी करता था। जिस स्थान पर उसकी डयूटी थी वहाँ एक नहीं बल्कि एक से अधिक कर्मचारियों की ज़िम्मेदारी बनती थी, लेकिन इंद्रदेव मजबूरी में वहाँ अकेले ही नौकरी कर रहा था। यूनियन के प्रधान ने बताया कि कंपनी ने छोटे कर्मचारियों की संख्या कम कर दी है  और जिस कारण एक कर्मचारी को दो कर्मचारियों के बराबर कार्य करना पड़ रहा है| जिससे ऐसे हादसे होने का डर बना रहता है। अगर उसके साथ एक कर्मचारी भी और होता तो उनकी जान बच सकती थी।

जिला सोलन के दाड़लाघाट के इसी सीमेंट फैक्ट्री में कुछ माह पहले एक गंभीर हादसे में दो कर्मचारियों की मौत हो गई थी जबकि एक ज़ख्मी हुआ था| उन पर गर्म लावा गिर गया था| इस हादसे ने अंबुजा सीमेंट फैक्ट्री में सुरक्षा मानदण्ड पर सवाल खड़ा कर दिया हैऔर सरकार के उन अफसरों पर भी जिन्होंने फैक्ट्री को सुरक्षा  के सम्बन्ध में एनओसी जारी किया था|

 

Himachal Pradesh
NGT
अंबुजा सीमेंट

Related Stories

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 

हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 

हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन, घेराव और हड़ताल पर लगाई रोक, विपक्ष ने बताया तानाशाही फ़ैसला

हिमाचल प्रदेश: नियमित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कर्मी

हिमाचल प्रदेश: फैक्ट्री में ब्लास्ट से 6 महिला मज़दूरों की मौत, दोषियों पर हत्या का मुक़दमा दर्ज करने की मांग

सुंदरबन में अवैध रिसॉर्ट के मालिक की पहचान नहीं कर पा रही ममता सरकार

बुमला : हिमाचल के ऊंचे इलाकों में भारत-चीन आमने-सामने

हिमाचल: जलशक्ति विभाग के मज़दूरों ने किया प्रदर्शन, कहा अगर मांगे नहीं मानी तो करेंगे आंदोलन तेज़

हिमाचल: सेब के उचित दाम न मिलने से गुस्साए किसानों का प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन

हिमाचल: आईजीएमसी वर्कर्स यूनियन का आउटसोर्स व ठेका मज़दूरों की मांगों को लेकर प्रदर्शन  


बाकी खबरें

  • ambedkar
    न्यूज़क्लिक टीम
    जनतंत्र पर हिन्दुत्व का बुल्डोजर और अंबेडकर की भविष्यवाणी
    13 Apr 2022
    देश में संसद है, संविधान है, न्यायालय और मीडिया है। लेकिन लोगों पर सत्ता का बुल्डोजर बेधड़क चल रहा है। हिन्दुत्व की राजनीति और सत्ता ने राष्ट्र और संविधान के समक्ष अभूतपूर्व संकट पैदा कर दिया है।…
  • THAKRE
    रवि शंकर दुबे
    अब राज ठाकरे के जरिये ‘लाउडस्पीकर’ की राजनीति
    13 Apr 2022
    महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता राज ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर ईद से पहले लाउडस्पीकर नहीं हटे तो तेज़ आवाज़ में हनुमान चालीसा बजाएंगे।
  • inflation
    अजय कुमार
    महंगाई 17 महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर, लगातार तीसरे महीने पार हुई RBI की ऊपरी सीमा
    13 Apr 2022
    सरकारी आंकड़े बता रहे हैं कि खुदरा महंगाई दर पिछले 17 महीने के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है। पिछले तीन महीने से महंगाई की दर लगातार 6 फीसदी से ऊपर रही है। मार्च महीने में बढ़कर 6.95 प्रतिशत पर…
  • akhilesh
    न्यूज़क्लिक टीम
    आज़म खान-शिवपाल का साथ छोड़ना! क्या उबर पाएंगे अखिलेश यादव?
    13 Apr 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के आज के एपिसोड में अभिसार शर्मा बात करेंगे अखिलेश यादव के सामने आने वाली गंभीर राजनीतिक चुनौती एवं भाजपा कर्नाटक के मंत्री, के एस ईश्वरप्पा की जिनपर एक कांट्रेक्टर की…
  • स्मार्ट सिटी मिशनः प्रोजेक्ट कैटेगरी में चयनित 34 शहरों में बिहार के एक भी शहर नहीं
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    स्मार्ट सिटी मिशनः प्रोजेक्ट कैटेगरी में चयनित 34 शहरों में बिहार के एक भी शहर नहीं
    13 Apr 2022
    पिछले दो साल के दौरान प्रोजेक्ट कैटेगरी में चयनित हुए 34 शहरों में राज्य की राजधानी पटना के साथ-साथ राज्य के अन्य तीन शहर भागलपुर, मुज़फ़्फ़रपुर और बिहारशरीफ़ का नाम नहीं है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License