NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
नज़रिया
भारत
राजनीति
हिंदी अब धमकी की भाषा बनती जा रही है : मंगलेश डबराल
‘काश, मैं इस भाषा में न जन्मा होता!’ ये मंगलेश जी का वक्तव्य नहीं बल्कि एक लेखक की चीख़ है। लेकिन उनके इसी बयान पर हिंदी जगत में घमासान है। न्यूज़क्लिक ने इस पूरे मुद्दे पर उनसे विशेष बातचीत की।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Jul 2019

“हिंदी में कविता, कहानी, उपन्यास बहुत लिखे जा रहे हैं, लेकिन सच यह है कि इन सबकी मृत्यु हो चुकी है हालांकि ऐसी घोषणा नहीं हुई है और शायद होगी भी नहीं क्योंकि उन्हें खूब लिखा जा रहा है। लेकिन हिंदी में अब सिर्फ 'जय श्रीराम' और 'बन्दे मातरम्' और 'मुसलमान का एक ही स्थान, पाकिस्तान या कब्रिस्तान' जैसी चीज़ें जीवित हैं। इस भाषा में लिखने की मुझे बहुत ग्लानि है. काश, मैं इस भाषा में न जन्मा होता!” ये कहना है हिंदी के महत्वपूर्ण कवि, लेखक मंगलेश डबराल का। और इसी को लेकर हिंदी जगत में घमासान है। लेकिन बकौल मंगलेश जी “ये हिंदी का विरोध या तिरस्कार नहीं, बल्कि इस बात की चिंता और पीड़ा है कि हिंदी में अब वो साहित्य नहीं रचा जा रहा है जो इस सबका प्रतिकार कर सके।” न्यूज़क्लिक ने इस पूरे मुद्दे पर उनसे विशेष बातचीत की।

manglesh dabral
hindi
jai shree ram
Hindutva
BJP
rightwin
hindi literature

Related Stories

कविता का प्रतिरोध: ...ग़ौर से देखिये हिंदुत्व फ़ासीवादी बुलडोज़र

ख़बरों के आगे-पीछे: केजरीवाल के ‘गुजरात प्लान’ से लेकर रिजर्व बैंक तक

यूपी में संघ-भाजपा की बदलती रणनीति : लोकतांत्रिक ताकतों की बढ़ती चुनौती

बात बोलेगी: मुंह को लगा नफ़रत का ख़ून

इस आग को किसी भी तरह बुझाना ही होगा - क्योंकि, यह सब की बात है दो चार दस की बात नहीं

मुस्लिम जेनोसाइड का ख़तरा और रामनवमी

ख़बरों के आगे-पीछे: भाजपा में नंबर दो की लड़ाई से लेकर दिल्ली के सरकारी बंगलों की राजनीति

नफ़रत की क्रोनोलॉजी: वो धीरे-धीरे हमारी सांसों को बैन कर देंगे

बहस: क्यों यादवों को मुसलमानों के पक्ष में डटा रहना चाहिए!

ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    आज़ादी के बाद पहली बार RBI पर लगा दूसरे देशों को फायदा पहुंचाने का आरोप: रिपोर्टर्स कलेक्टिव
    05 Apr 2022
    यह पहली क़िस्त है। अभी दो किस्तें आने बाकी हैं। इस क़िस्त से यह पता चला है कि कैसे नरेंद्र मोदी के काल में आजादी के बाद पहली बार आरबीआई पर विकसित देशों को फायदा पहुचाने का आरोप लगा? कैसे अरुण जेटली की…
  • international news
    न्यूज़क्लिक टीम
    पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?
    04 Apr 2022
    पड़ताल दुनिया भर की' में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने पाकिस्तान में सत्ता पलट और भीषण आर्थिक-राजनीतिक संकट में फंसे श्रीलंका की इस स्थिति में फंसने के पीछे की कहानी के बारे में न्यूज़क्लिक के प्रधान…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    दिल्ली में हिंदुत्व महापंचायत में ज़हरीला प्रचार! दिल्ली पुलिस नाकाम!
    04 Apr 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं दिल्ली के बुरारी में हुई हिन्दू महापंचायत की। वह इस महापंचायत में यति नरसिंहानंद द्वारा दिए गए सांप्रदायिक और विवादित बयान पर…
  • सुरूर अहमद
    बिहार में शराबबंदी से क्या समस्याएं हैं 
    04 Apr 2022
    बिहार की शराबबंदी की समस्या ने मिलावटी शराब की बिक्री और उसके ताकतवर शराब माफिया का रूप ले लिया है। शराब पीने से होने वाली मृत्यु दर गैर-निषेध राज्यों की तुलना में कहीं अधिक है। 
  • शारिब अहमद खान
    पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता के पीछे क्या कारण हैं?
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के गठन के 75 साल के बाद भी आख़िरकार पाकिस्तान में कोई भी सरकार क्यों नहीं पूरा कर पाती है अपना कार्यकाल?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License