NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हिंदू चरमपंथियों को परोक्ष रूप से बढ़ावा दे रही है सरकार : रामानुन्नी
साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लेखक के. पी. रामानुन्नी का कहना है कि भाजपानीत केंद्रीय सरकार अप्रत्यक्ष रूप से हिंदू सांप्रदायिक चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है और उन्हें बढ़ावा दे रही है। इस वजह से देश में अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
निखिल एम. बाबू
22 Feb 2018
K.P. Ramanunni
Image Courtesy: ILAtimes

साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लेखक के. पी. रामानुन्नी का कहना है कि भाजपानीत केंद्रीय सरकार अप्रत्यक्ष रूप से हिंदू सांप्रदायिक चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है और उन्हें बढ़ावा दे रही है। इस वजह से देश में अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।

रामानुन्नी ने आईएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "(केंद्रीय) सरकार हिंदू सांप्रदायिक चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। वह इस मुद्दे से बच रही है। यह अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा देने जैसा है।"

उन्होंने कहा, "जब बात अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार की आती है तो वे (सरकार) कानून के तहत सख्त कदम नहीं उठाते हैं। अल्पसंख्यक असुरक्षित हैं।"

मलयालम भाषा के लेखक रामानुन्नी पिछले सप्ताह सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने अपनी साहित्य अकदामी पुरस्कार की इनामी राशि लेने के कुछ ही मिनटों बाद उसे जुनैद खान की मां को दे दिया था। 16 वर्षीय जुनैद की जून 2017 में एक ट्रेन के अंदर लोगों के एक समूह ने हत्या कर दी थी।

उन्होंने इनाम राशि में से केवल तीन रुपये अपने पास रखे और बाकी के एक लाख रुपये जुनैद की मां सायरा बेगम को दे दिए थे।

रामानुन्नी ने आईएएनएस से कहा, "सांप्रदायिक घृणा कैंसर की तरह है और जब यह हो जाता है तो इसे रोक पाना बहुत मुश्किल होता है।"

यह पूछने पर कि क्या आपको लगता है कि सांप्रदायिक घटनाएं वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद बढ़ गई हैं, उन्होंने कहा, 'हां।'

उन्होंने कहा, "वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद कई सांप्रदायिक मुद्दे उठे हैं। जब मैं सांप्रदायिक कहता हूं तो मेरा दोनों पक्षों से मतलब नहीं होता, यह अधिकतर हिंदू समुदाय के लिए है जो मुस्लिमों के साथ असहिष्णुता बरत रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि सरकार इन सांप्रदायिक झगड़ों को समाप्त करने का प्रयास नहीं कर रही और एक दर्शक की तरह बर्ताव कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात राष्ट्र के हित के लिए खराब हैं।

रामानुन्नी के साहित्यिक काम सांप्रदायिक सद्धभाव के उनके संदेश के लिए जानें जाते हैं। उनकी किताब 'दैवाथिंते पुस्तकम' (ईश्वर की अपनी पुस्तक) के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार 2017 मिला है।

जब उनसे यह पूछा गया कि उन्होंने अपनी इनाम की राशि जुनैद की मां को क्यों दी, तो उन्होंने कहा, "यह दान नहीं है। अगर ऐसा होता तो मैं जुनैद की मां को उनके घर जाकर यह देता। जब आप यह साहित्य अकादमी के मंच पर दे रहे हैं तो इसके कई मायने हैं। यह अन्य लेखकों को अत्याचारों के बारे में लिखने के लिए प्रोत्साहित करेगा और दूसरे हिंदुओं को बताएगा कि असली और सच्चे हिंदू सिद्धांतों के मुताबिक आपको सांप्रदायिक नहीं होना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि जुनैद की हत्या इसलिए कर दी गई क्योंकि वह मुस्लिम था और यह सच्ची और असली हिंदू संस्कृति के लिए शर्मनाक है।

रामानुन्नी को जुलाई 2017 में उनका दाहिना हाथ काटने की धमकी मिली थी। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें लेखक के दिमाग को जकड़ देती हैं।

उन्होंने कहा, "बहुत से लोगों ने मुझसे पूछा कि क्या मैं सांप्रदायिक एकता पर लिखना बंद कर दूंगा। मैंने उनसे कहा कि नहीं। यह आत्महत्या करने जैसा होगा। एक लेखक के लिए अपना पक्ष नहीं जाहिर करना आत्महत्या के समान है।"

लेखक ने कहा, "हालांकि यह भी सही है कि आप यह सब कहते तो हैं, लेकिन जब आपको धमकियां मिलती हैं तो कई लोगों का अवचेतन मन उन्हें सब कुछ कहने से रोकता है। यह एक तरह से किसी को परोक्ष रूप से नियंत्रित करना है। धमकियां लोगों में यह डर पैदा करती हैं। यह तथ्य है।"

इंटरनेट के आज के दौर में किताबों के बारे में पूछने पर रामानुन्नी ने कहा कि पढ़ने की गुणवत्ता पिछले कुछ सालों में कम हुई है। उन्होंने कहा कि पढ़ने में लोग अब उस तरह का आनंद नहीं लेते जैसे पहले लिया जाता था। पढ़ने की आदत मरी तो नहीं है लेकिन इसकी गुणवत्ता घटी है।

--आईएएनएस

K.P. Ramanunni
Sahitya Akademi awardee
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Aaj ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    हत्याकांड में मंत्री व पुत्र को बचाने में जुटी सररकार, ऑपरेशन डायवर्जन चालू
    07 Oct 2021
    शुरुआती समझौते और FIR आदि के बाद क्या सरकार अब विवादास्पद केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र और उनके पुत्र आशीष मिश्र को लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड के गुनाह से बचाने की कोशिश कर रही है? विपक्षी नेताओं…
  • निखिल करिअप्पा
    कर्नाटक : राज्य भर से किसान विधानसभा पर प्रदर्शन करने पहुंचे, एफ़आरपी बढ़ाने की कर रहे हैं मांग
    07 Oct 2021
    कई ज़िलों से आए किसानों ने कहा कि एफ़आरपी में मामूली बढ़ोत्तरी से उन्हें नुकसान से उबरने में मदद नहीं मिलेगी।
  • अनुराग तिवारी
    संवैधानिक मूल्यों से भटकता भारत का लोकतंत्र
    07 Oct 2021
    हमारे देश के लोकतांत्रिक आचार को कमज़ोर करने में अलग-अलग कारकों का हाथ है, जिन्होंने हमें संविधान सभा के बनाए रास्ते से भटका दिया है।
  • congress
    न्यूज़क्लिक टीम
    'पंजाब की राजनीति 20:20 मैच की तरह हो गई है'
    06 Oct 2021
    पंजाब की राजनीति में उथल पुथल का दौर जारी है। एक तरफ किसान आंदोलन अपने चरम पर है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के अंदर खींचातानी जारी है। इन्ही सब मुद्दों पर परंजॉय गुहा ठाकुरता ने बातचीत की जगरूप सिंह…
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    कांग्रेस के नेता पहुंचे लखीमपुर, पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रों पर FIR और अन्य ख़बरें
    06 Oct 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हम बात करेंगे कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी पहुँचे लखीमपुर, पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रों पर FIR और अन्य ख़बरों के बारे में।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License