NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
हजारों हॉन्डुरसवासी यूएस की सीमा की तरफ क्यों बढ़ रहे हैं?
ये प्रवासी काफिला, जिसे डोनाल्ड ट्रम्प की धमकी मिली, हॉन्डुरस में ग़रीबी, बढ़ते अपराध और दमन का परिणाम है। अमेरिका ने जुआन ऑरलैंडो हर्नान्डेज़ की सरकार बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो देश में तख़्तापलट के लिए ज़िम्मेदार थे।
ज़ोइ पीसी
26 Oct 2018
caravan of migrants

संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर बढ़ रहे प्रवासी काफिले में शामिल हजारों हॉन्डुरसवासी जो बदतर स्थिति के चलते पलायन करने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की हालिया टिप्पणियां में कार्रवाई की धमकी दी गई है। सोमवार को ट्रम्प ने उन देशों को धमकी दी जो प्रवासियों को अपने क्षेत्र- हॉन्डुरस, अल सल्वाडोर और ग्वाटेमाला- से होकर जाने से उन्हें रोकने में विफल होते हैं। उन्होंने उन्हें अपराधी भी कहा। उनकी यात्रा के आरंभ के बाद से यह सबसे क्रूर दमन है जिसका उन्होंने सामना किया है।

क़रीब 7,000 लोग इस काफिले का हिस्सा हैं जो पिछले सप्ताह शुरू हुआ था। उनके पलायन के कारण अलग अलग हैं लेकिन उनमें से अधिकतर लोगों की हॉन्डुरस में गरिमापूर्ण जीवन जीने की घोर अनुपस्थिति है। लोग शिक्षा, चिकित्सा और रोज़गार से वंचित हैं,वहीं हिंसा चारों तरफ व्याप्त है। पिछले दशक में सरकार का तख़्तापलट, तानाशाही थोपने और जुआन ऑरलैंडो हर्नान्डेज़ (जेओएच) का अवैध तरीके से पुन: चयन के साथ स्थिति काफी ख़राब हुई है। कई लोगों का कहना है कि हॉन्डुरस के हजारों लोग जो संयुक्त राज्य अमेरिका की सीमा की ओर बढ़ रहे हैं वे 'अमेरिकी सपने' की तलाश में नहीं बल्कि हॉन्डुरस के दुःस्वप्न से भाग रहे हैं।

हैशटैग #MejorMeVoy (#ItsBetterIGo) लगातार ट्रेंड कर रहा है, साथ ही लोग हॉन्डुरस में जिस बदहाली का सामना कर रहे हैं उसे उजागर कर रहे हैं।

इस काफिले को दुनिया भर के लोगों से समर्थन मिला है। ग्वाटेमाला और मेक्सिको में इस काफिले के रास्ते के किनारे रहने वाले कई सामुदायिक संगठन और लोग इन हजारों हॉन्डुरानवासियों के लिए भोजन और अन्य आवश्यक चीजों की आपूर्ति के लिए उमड़ पड़े।

हालांकि, सरकार की प्रतिक्रिया धमकियों में से एक रही है। कई अमेरिकी अधिकारियों के साथ-साथ ग्वाटेमाला और हॉन्डुरस के अधिकारियों ने दमन और निर्वासन की इन प्रवासियों को चेतावनी दी है। ग्वाटेमाला और ग्वाटेमाला-मेक्सिको सीमा के साथ होंडुरान के दोनों सीमा पर इस काफिले पर आंसु गैस के गोले छोड़े गए और लाठियां बरसाई गई।

डोनाल्ड ट्रम्प ने इन तीनों देशों को सभी सहायता देने में कटौती करने की ट्विटर पर लगातार धमकी दी है। उन्होंने यह भी दावाकिया कि इस काफिले में "अपराधी" और "अज्ञात मध्य पूर्वी" जैसे लोग शामिल थे और इस तरह इसे राष्ट्रीय आपातकाल माना गया है। ट्रम्प ने सीमा पर गश्त करने वाला टीम को भी सतर्क कर दिया और धमकी दी कि वह दक्षिणी सीमा को बंद करने के लिए अमेरिकी सेना तैनात करेंगे। मेक्सिको-ग्वाटेमाला सीमा पर प्रवासियों को रोकने के लिए दंगारोधी पुलिस के तैनात किए जाने वाले एक वीडियो को रीट्विट करते हुए मैक्सिकन लॉ इन्फोर्मस्मेंट का उन्होंने धन्यवाद भी किया। नवंबर में निर्धारित मध्यावधि चुनावों से पहले लोकतांत्रिक विरोधी भावनाओं को बढ़ाने के प्रयास में उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी आव्रजन नीतियों के परिणामस्वरूप इस काफिले को गढ़ने की भी कोशिश की।

इन सब में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि हॉन्डुरस निवासी क्यों भाग रहे हैं। साल 2009 के तख्तापलट के दौरान हटाए गए पूर्व राष्ट्रपति मैनुअल जेलाया के निर्देश पर फ्रीडम एंड रिफाउंडिंग पार्टी ऑफ हॉन्डुरस (पार्टिडो लिबर्टेड वाई रिफंडैसिओन) ने अमेरिकी अधिकारियों द्वारा दिए गए बयान के जवाब में एक बयान जारी किया। यह कहा गया, "डोनाल्ड ट्रम्प के साथ आप सभी ने नवंबर2017 की अनुचित चुनावी धोखाधड़ी का समर्थन किया और हिंसक दमन प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ किया गया, जिनमें से कई की हत्या कर दी गई और अन्य लोग जो आज भी राजनीतिक क़ैदी के रूप में रखे गए हैं।"

हॉन्डुरस में स्थितियां कैसी हैं?

हॉन्डुरस लैटिन अमेरिका के सबसे ग़रीब देशों में से एक है। 65% से अधिक आबादी ग़रीबी में जी रहे हैं जिसमें से 40% घोर ग़रीबी से संघर्ष कर रहे हैं। यह इस क्षेत्र में दूसरा सबसे असमान देश भी है।

जब से इसकी स्थापना तब से हॉन्डुरस ज्यादातर संयुक्त राज्य अमेरिका और इसके साम्राज्यवादी हितों की सेवा में रूढ़िवादी सरकारों द्वारा शासित होता रहा। यह दुनिया के सबसे बड़े अमेरिकी सैन्य अड्डों में से एक है, पालमेरोला जिसने इस क्षेत्र में असंतोष को दबाने के लिए रणनीतिक लॉन्च पॉइंट के रूप में कार्य किया है। उदाहरणस्वरूप, 1980 के दशक में ग्वाटेमाला, अल सल्वाडोर और निकारागुआ में लेफ्ट-विंग गुरिल्ला संघर्षों के चरम पर होने के चलते कई काउंटर-इंसर्जेंट फोर्सेस और ऑपरेशन को हॉन्डुरान क्षेत्र से समन्वयित किया गया था। आज हॉन्डुरस में सैनिकों की तैनाती लगातार बढ़ रही है। आंतरिक सशस्त्र संघर्ष ने होने के बावजूद देश भर में सैन्य और सैन्य पुलिस तैनात की गई है और सामरिक आर्थिक महत्व के क्षेत्रों में केंद्रित है।

आर्थिक रूप से हॉन्डुरस भी इस साम्राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा है। इसने अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों को ऐतिहासिक रूप से भूमि और सस्ता श्रम आपूर्ति किया है। उदाहरण के लिए अमेरिका स्थित यूनाइटेड फ्रूट कंपनी जो अब चिकिता बनाना के नाम से जाना जाता है वह 20 वीं शताब्दी की शुरुआत से ही हॉन्डुरस में संचालित हो रही है। इस कंपनी ने निम्नकोटि के कामकाजी परिस्थितियों और कम मज़दूरी का लाभ उठाया। इसकी प्रतिक्रिया में 1954 में हजारों श्रमिकों ने अन्य मांगों के साथ बेहतर काम करने की स्थितियों, वेतन और लेबर कोड के निर्माण की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए।

साल 2009 में तख्तापलट के बाद से खनन, ऊर्जा और नकद फसल कृषि के लिए अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों को दिए जाने वाले रियायतों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इन परियोजनाओं के चलते समुदायों के विस्थापन से लेकर उनके पानी और पर्यावरण के प्रदूषण तक हर प्रकार का प्रभाव पड़ा है। ऐसे देश में जहां सरकार का बहुत कम सहयोग और उच्च बेरोज़गारी दर, लोगों को स्वच्छ पानी की अनुपलब्धता और उनकी भूमि पर काम करने की क्षमता का असर काफी गहरा है। इन मेगा-प्रोजेक्ट्स का जोरदार विरोध किया गया है जिसके बदले में क्रूर दमन का सामना करना पड़ा।

इस दमन का एक उदाहरण बर्टा कैस्रेस की हत्या और उनके अगुवाई में चलाए गए आंदोलन सिविक काउंसिल ऑफ पोपुलर एंड इंडिजिनस ऑर्गनाइजेशन ऑफ हॉन्डुरस (सीओपीआईएनएच) पर हमला है। बर्टा और सीओपीआईएनएच साल 2009 के तख्तापलट के प्रतिरोध के अभिन्न अंग थे और स्थानीय लेनका समुदाय के क्षेत्र में मेगा परियोजनाओं को अधिरोपित करने के साक्षी थे। अगुआ ज़़रका बांध परियोजना जिसका विरोध सीओपीआईएनएच रिओ ब्लैंको समुदाय के साथ कर रहा था उसे तख्तापलट के तुरंत बाद रियायत और लाइसेंस मिल गया।

साल 2017 में वैश्विक प्रमाण ने हॉन्डुरस को पर्यावरण कार्यकर्ता होने को लेकर सबसे खतरनाक देश घोषित किया। अपनी नदियों,वनों और भूमि की रक्षा करने की कोशिश करते हुए साल 2010 से अब तक कम से कम 120 हॉन्डुरस के कार्यकर्ता मारे गए हैं।

हॉन्डुरस 'मारस' की व्यापकता के कारण अधिक अपराध को लेकर भी बदनाम है, जो संगठित अपराध की संरचनाएं हैं। इन्हें शीर्ष-स्तरीय पुलिस और राज्य के अधिकारियों द्वारा नियंत्रित किया जाता है जो हॉन्डुरान के युवा को क्षेत्र और ड्रग्स को नियंत्रित करने के लिए अपने युद्ध को संचालित करने के लिए प्यादे के रूप में इस्तेमाल करते हैं। हॉन्डुरस में अवसरों की कमी के कारण कई युवाओं को मारस में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता है या कई मामलों में भर्ती में भी शामिल होते हैं। आम तौर पर मारस की उन लोगों की हत्या करने की नीति होती है जो उनके आदेशों का उल्लंघन करते हैं या उसे छोड़ने की कोशिश करते हैं। वर्तमान में हॉन्डुरस से भागने वाले बहुत से लोग इसी कारण से ऐसा कर रहे हैं।

व्यवस्थित भ्रष्टाचार, ढ़हती स्वास्थ्य प्रणाली और सार्वजनिक शिक्षा के फंड में कमी अन्य महत्वपूर्ण कारक हैं जो हॉन्डुरस के अधिकांश नागरिकों के जीवन को असहनीय बनाते हैं। इनमें से अधिकतर परिस्थितियां हॉन्डुरस की घोर रूढ़िवादी सरकारों की नीतियों के प्रत्यक्ष परिणाम हैं और अमेरिका जिसका देश में महत्वपूर्ण आर्थिक, राजनीतिक और सैन्य प्रभाव है। 2009 के तख्तापलट और लोकतंत्र के विनाश के बाद इन क्षेत्रों ने विदेशी कंपनियों को हॉन्डुरान संसाधनों को बेचने के लिए इन परियोजनाओं को समेकित किया,पूंजी के इन परियोजनाओं की रक्षा के लिए इस क्षेत्र में सैनिक तैनात किए, स्वास्थ्य तथा शिक्षा के लिए पूर्वनिर्दिष्ट राज्य संसाधनों को राजनीतिक अभिजात वर्ग के हित में कर दिया।

अगले कुछ दिनों में हजारों की संख्या में हॉन्डुरसवासी जो इस काफिला का हिस्सा हैं वे अमेरिकी सीमा की ओर अपनी बढ़ना जारी रखेंगे जहां उन्हें निश्चित तौर पर और भी कठिनाइयों से सामना करना पड़ेगा। हॉन्डुरान प्रवासियों की दुर्दशा अमेरिकी नीति के विरोधाभासों का सबसे जीता जागता उदाहरण है जिसने कई देशों में जीने की भयानक स्थिति को पैदा किया है, फिर भी यह उन लोगों को दंडित करना चाहता है जो इससे निकलना चाहते हैं।

अप्रैल में सेंट्रल अमेरिकन माइग्रेंट कारावन जिसमें 1000 लोग शामिल थें उन्हें ट्रम्प और यूएस अधिकारियों से इसी तरह की धमकी और दमन का सामना करना पड़ा और शरण के लिए आवेदन के अवसर को समाप्त कर दिया।

Courtesy: Peoples Dispatch,
Original published date:
23 Oct 2018
Berta Caceres
COPINH
Honduras Coup
human rights violations
Juan Orlando Hernández
Migrant Caravan

Related Stories

ओडिशा में जिंदल इस्पात संयंत्र के ख़िलाफ़ संघर्ष में उतरे लोग

होंडुरास: राजनीतिक उथल-पुथल के बीच ज़ियोमारा कास्त्रो बनेंगी राष्ट्रपति

मिस्र में मानवाधिकार उल्लंघन के रिकॉर्ड को देख अधिकार संगठनों का अमरीका से उसकी सैन्य सहायता रोकने का आह्वान

मानवाधिकार संगठनों ने म्यांमार की जेल में बंद छात्र कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की

अधिकारों का उल्लंघन और मुआवज़ा: अंतरराष्ट्रीय पैमानों को लागू करने में असफल भारत

यमन में मानवाधिकारों के उल्लंघन का बचाव सामान्य हैः यूएन रिपोर्ट

COVID-19 से कैसे निपट रहे हैं लातिन अमेरिकी और कैरिबियाई देश

यूएन विशेषज्ञ की रिपोर्ट का आतंकवाद-विरोधी अभियानों में मानवाधिकारों के उल्लंघन की ओर इशारा

बेर्टा कासरेस के लिए न्याय की लड़ाई जारी है!

नोआम चॉम्स्की, अरुंधति रॉय सहित अन्य बुद्धिजीवियों ने ओला बीनी की मदद के लिए स्वीडन के पीएम से मांग की


बाकी खबरें

  • govt employee
    अनिल जैन
    निजीकरण की आंच में झुलस रहे सरकारी कर्मचारियों के लिए भी सबक़ है यह किसान आंदोलन
    28 Nov 2021
    किसानों की यह जीत रेलवे, दूरसंचार, बैंक, बीमा आदि तमाम सार्वजनिक और संगठित क्षेत्र के उन कामगार संगठनों के लिए एक शानदार नज़ीर और सबक़ है, जो प्रतिरोध की भाषा तो खूब बोलते हैं लेकिन कॉरपोरेट से लड़ने…
  • poverty
    अजय कुमार
    ग़रीबी के आंकड़ों में उत्तर भारतीय राज्यों का हाल बेहाल, केरल बना मॉडल प्रदेश
    28 Nov 2021
    मल्टीडाइमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स के मुताबिक केरल के अलावा भारत का और कोई दूसरा राज्य नहीं है, जहां की बहुआयामी गरीबी 1% से कम हो। 
  • kisan andolan
    शंभूनाथ शुक्ल
    हड़ताल-आंदोलन की धार कुंद नहीं पड़ी
    28 Nov 2021
    एक ज़माने में मज़दूर-किसान यदि धरने पर बैठ जाते थे तो सत्ता झुकती थी। पर पिछले चार दशकों से लोग यह सब भूल चुके थे।
  • Hafte Ki Baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    संवैधानिक मानववाद या कारपोरेट-हिन्दुत्ववाद और यूपी में 'अपराध-राज'!
    27 Nov 2021
    संविधान दिवस के मौके पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोपों-प्रत्यारोपो की खूब बौछार हुई. क्या सच है-संविधानवाद और परिवारवाद का? क्या भारत की सरकारें सचमुच संविधान के विचार और संदेश के हिसाब से…
  • crypto
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या Crypto पर अंकुश ज़रूरी है?
    27 Nov 2021
    मोदी सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर अंकुश लगा रही हैI लेकिन आखिर यह क्रिप्टोकरेंसी है क्या? क्या यह देश में मुद्रा की जगह ले सकती है?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License