NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
शिक्षा
समाज
भारत
राजनीति
“हम निभाएंगे” के वादे के साथ कांग्रेस का घोषणापत्र जारी
घोषणापत्र को 'काम'-रोजगार और वृद्धि, 'दाम'-अर्थव्यवस्था जो सभी के लिए काम करे, 'शान'-भारत की हार्ड और सॉफ्ट पावर में गर्व, 'सुशासन', 'स्वाभिमान'-वंचितों के लिए आत्मसम्मान और 'सम्मान'-सभी के लिए गरिमापूर्ण जीवन में बांटा गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Apr 2019
congress manifesto

यूपीए शासन के खिलाफ 2014 में मोदी जी ने “अच्छे दिन” का नारा दिया था, लेकिन वो पूरा न हो सका और मोदी जी आज इसी वजह से सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में हैं। अब पलटवार करते हुए कांग्रेस ने वादा किया है “हम निभाएंगे”। इसी टैग लाइन के साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी का घोषणापत्र जारी किया। जिसमें सुशासन, किसानों को ऋण से मुक्ति, मौजूदा रोजगार को बचाते हुए नए रोजगारों का सृजन और बिना किसी भेदभाव के भ्रष्टाचार-रोधी कानूनों को लागू करने का वादा किया गया है।

घोषणापत्र को 'काम'-रोजगार और वृद्धि, 'दाम'-अर्थव्यवस्था जो सभी के लिए काम करे, 'शान'-भारत की हार्ड और सॉफ्ट पावर में गर्व, 'सुशासन', 'स्वाभिमान'-वंचितों के लिए आत्मसम्मान और 'सम्मान'-सभी के लिए गरिमापूर्ण जीवन में बांटा गया है। घोषणापत्र को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में जारी किया।

कांग्रेस ने जल सुरक्षा, मृदा सुरक्षा और कृषि संबंधी अन्य मुद्दों के संबंध में मनरेगा 3.0 लांच करने का वादा किया।घोषणापत्र के अनुसार, "ब्लॉक या जिलों में 100 दिनों के रोजगार का लक्ष्य हासिल करने के बाद हम रोजगार गारंटी के दिनों की संख्या बढ़ाकर 150 करेंगे और मनरेगा कर्मियों को जल निकाय बहाली मिशन (वाटरबॉडीज रेस्टोरेशन मिशन) तथा बंजर भूमि उत्थान मिशन (वेस्टलैंड रिजेनेरेशन मिशन) में काम देंगे।"

घोषणापत्र में मौजूदा रोजगार को बचाए रखने तथा नए रोजगारों का सृजन करने को सबसे ज्यादा वरीयता देने का वादा किया गया।पार्टी ने देश भर में किसानों का ऋण माफ करने का वादा किया।घोषणापत्र के अनुसार, "पारिश्रमिक कीमतों के संयोजन के माध्यम से कम इनपुट कीमतें और संस्थागत ऋण तक पहुंच सुनिश्चित कर हम अपने किसानों को कर्ज मुक्ति के मार्ग पर ले जाएंगे

कांग्रेस ने कहा कि सत्ता में आने पर वह न्यूनतम आय सहयोग कार्यक्रम (एमआईएसपी) या न्यूनतम आय योजना (न्याय) लाएगी जिसके अंतर्गत देश के सबसे गरीब 20 प्रतिशत परिवारों को 72,000 रुपये प्रतिवर्ष दिया जाएगा।पार्टी ने 'बिना किसी भेदभाव के' भ्रष्टाचार-रोधी कानून लागू करने का वादा किया।

पार्टी ने कहा कि कांग्रेस सरकार मोदी सरकार द्वारा किए गए कई सौदों, विशेष रूप से राफेल सौदे की जांच करेगी। पार्टी उन परिस्थितियों की भी जांच करेगी जिनके अंतर्गत घोटालेबाजों को देश से बाहर जाने दिया गया।पार्टी ने उद्योग, सेवा व रोजगार के नए मंत्रालय के गठन का भी वादा किया।

घोषणापत्र के अनुसार, पार्टी जम्मू एवं कश्मीर में स्थिति बेहतर करेगी तथा सैन्य बल (विशेष बल) अधिनियम और जम्मू एवं कश्मीर में अशांत क्षेत्र अधिनियम की समीक्षा भी करेगी।घोषणापत्र में जम्मू एवं कश्मीर के छात्रों, व्यापारियों एवं अन्य को सुरक्षा और पढ़ाई के अधिकार के साथ-साथ देश में कहीं भी व्यापार करने की सुविधा देने का वादा किया गया। घोषणापत्र में कहा गया कि पार्टी 'यहां के लोगों से भेदभाव और उत्पीड़न के मामलों में गहराई से चिंतित है।'

जम्मू एवं कश्मीर के बारे में घोषणापत्र में यह भी कहा गया है, "हम दो-तरफा दृष्टिकोण अपनाएंगे- पहला, सीमा पर बिना किसी किंतु-परंतु के साथ पूरी मजबूती तथा घुसपैठ को खत्म करेंगे और दूसरा, जनता की मांगों को पूरा करने में निष्पक्षता दिखाते हुए उनका दिल और दिमाग जीतेंगे।"पूर्वोत्तर राज्यों के लिए, पार्टी ने विशेष राज्य का दर्जा तथा औद्योगिक नीति लागू करने का वादा किया।

गांधी ने कहा, 'हम यह घोषणा पत्र जारी कर रहे हैं। जब हमने एक साल पहले इसे तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की तो हमने कहा कि इस घोषणापत्र में लोगों की आकांक्षाओं की झलक होनी चाहिए तथा सारे वादे सच्चे होने चाहिए। हम झूठ नहीं बोलना चाहते। प्रधानमंत्री रोज झूठ बोल रहे हैं।' 

उन्होंने कहा, 'घोषणा पत्र में पांच प्रमुख विचार हैं। पहला विचार न्याय का है। प्रधानमंत्री ने 15 लाख रूपये का झूठा वादा किया। लेकिन हमने विचार किया कि कुल कितना पैसा लोगों के खाते में डाला जा सकता है। फिर हमने कहा कि गरीबी पर वार, 72 हजार । ' 

गांधी ने कहा, ' रोजगार का मुद्दा दूसरा बड़ा वादा है। 22 लाख सरकारी नौकरियां रिक्त हैं। इन रिक्तियों को एक साल में भरा जाएगा। ग्रामीण इलाकों में हर साल 10 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।' 

किसानों के लिए बड़े ऐलान करते हुए गांधी ने कहा, 'किसानों के लिए अलग बजट होगा। किसान ईमानदार हैं । हमने निर्णय लिया है कि कर्ज अदायगी नहीं करने पर किसानों के खिलाफ फौजदारी अपराध का मामला दर्ज नहीं होगा, दीवानी अपराध का मामला होगा।' 

उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए बजट का छह फीसदी ख़र्च किया जाएगा और गरीब से गरीब व्यक्ति को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित की जाएगी। घोषणापत्र में बड़े वादे किए गए हैं। लेकिन इनका हश्र “अच्छे दिन” की तरह न हो यही कामना करनी चाहिए।
 

Congress manifesto
congress manifesto for 2019
hum nibhayenge
kam -shan-samman-swabhiman
nyay scheme
marega 3.0

Related Stories


बाकी खबरें

  • प्रियंका शंकर
    रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच, नॉर्वे में नाटो का सैन्य अभ्यास कितना महत्वपूर्ण?
    19 Mar 2022
    हालांकि यूक्रेन में युद्ध जारी है, और नाटो ने नॉर्वे में बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है, जो अभ्यास ठंडे इलाके में नाटो सैनिकों के युद्ध कौशल और नॉर्वे के सैन्य सुदृढीकरण के प्रबंधन की जांच करने के…
  • हर्षवर्धन
    क्रांतिदूत अज़ीमुल्ला जिन्होंने 'मादरे वतन भारत की जय' का नारा बुलंद किया था
    19 Mar 2022
    अज़ीमुल्ला ख़ान की 1857 के विद्रोह में भूमिका मात्र सैन्य और राजनीतिक मामलों तक ही सिमित नहीं थी, वो उस विद्रोह के एक महत्वपूर्ण विचारक भी थे।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: महंगाई-बेरोजगारी पर भारी पड़ी ‘नमक पॉलिटिक्स’
    19 Mar 2022
    तारा को महंगाई परेशान कर रही है तो बेरोजगारी का दर्द भी सता रहा है। वह कहती हैं, "सिर्फ मुफ्त में मिलने वाले सरकारी नमक का हक अदा करने के लिए हमने भाजपा को वोट दिया है। सरकार हमें मुफ्त में चावल-दाल…
  • इंदिरा जयसिंह
    नारीवादी वकालत: स्वतंत्रता आंदोलन का दूसरा पहलू
    19 Mar 2022
    हो सकता है कि भारत में वकालत का पेशा एक ऐसी पितृसत्तात्मक संस्कृति में डूबा हुआ हो, जिसमें महिलाओं को बाहर रखा जाता है, लेकिन संवैधानिक अदालतें एक ऐसी जगह होने की गुंज़ाइश बनाती हैं, जहां क़ानून को…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्यप्रदेश विधानसभा निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित, उठे सवाल!
    19 Mar 2022
    मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित कर दिया गया। माकपा ने इसके लिए शिवराज सरकार के साथ ही नेता प्रतिपक्ष को भी जिम्मेदार ठहराया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License