NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
राजनीति
हमसे शैक्षणिक और कार्य अनुभव मांगना नोबेल वापस लेने जैसा: जेएनयू के पूर्व कुलपति
विश्वविद्यायलय ने प्रोफेसर एमेरिटस का सम्मान लाइफ टाइम हॉनर बताकर दिया गया था। विश्वविद्यालय अब अपनी ही बात को ख़ारिज कर रहा है। प्रोफेसर एमेरिटस के पद क देने का नियम रेट्रोस्पेक्टिवेली  बदल दिया है। रोमिला थापर का कहना है कि अगर उन्हें पता होता कि प्रोफ़ेसर एमेरिटस का मतलब क्या है? तो वह सीवी नहीं मांगते।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Sep 2019
JNU

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व कुलपति असीस दत्ता ने शुक्रवार को कहा कि प्रोफेसर एमेरिट्स से शैक्षणिक और कार्य अनुभव मांगना वैसा है जैसे एक या दो दशक बाद नोबेल पुरस्कार वापस लेना। दत्ता उन 12 प्रोफेसर एमिरेट्स में हैं जिनसे विश्व विद्यालय प्रशासन ने मूल्यांकन के लिए अपनी शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव जमा कराने को कहा है। इस कदम का विश्वविद्यालय शिक्षक संघ सहित कई लोग विरोध कर रहे हैं।

दत्ता ने बयान जारी कर कहा, उन्होंने रेक्टर से लेकर उपकुलपति तक के पदों पर दशकों अपनी सेवाएं दीं और प्रोफेसर एमिरेटस के पद पर रहते विश्वविद्यालय से कुछ नहीं चाहते। दत्ता ने कहा कि जेएनयू में उनका कोई कार्यालय नहीं है और वह कोई भत्ता नहीं लेते।

दत्ता ने कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से सीवी की मांग किए जाने पर 22 जुलाई को दिए जवाब में भी इसका उल्लेख किया है।
दत्ता ने कहा,‘‘ मैं विश्वविद्यालय शिक्षकों और छात्रों से मिलने और विज्ञान पर चर्चा करने जाता हूं जो मेरे जीवन की पूंजी है।’’ उन्होंने कहा कि काम को लेकर उनका नोबेल पुरस्कार विजेताओं और उनके विश्वविद्यालयों सहित दुनिया के बेहतरीन वैज्ञानिकों से संपर्क हैं।

दत्ता ने कहा कि सेवानिवृत्ति से पहले जो सुविधाएं मिलती थी उसे मैं जेएनयू को वापस कर चुका हूं। इसलिए मूल्यांकन की यह प्रक्रिया उन पर लागू नहीं होती।
पूर्व कुलपति ने कहा कि वह उस स्थिति में नहीं जाना चाहते हैं जहां सम्मानित वैज्ञानिक से सम्मान कायम रखने के लिए लगातार सबूत मांगे जाते हैं। यह वैसे ही है जैसे दशक या दो दशक बाद उचित काम नहीं करने पर नोबेल पुरस्कार विजेता से उसका सम्मान वापस लेना।

उल्लेखनीय है कि जेएनयू प्रशासन ने इतिहासकार रोमिला थापर से उन्हें प्रोफेसर एमिरेटस पद पर बनाए रखने के लिए मूल्यांकन के वास्ते शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव की जानकारी मांगी थी, जिसकी जेएनयू शिक्षक संघ ने तीखी आलोचना करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया था।

इसके बाद गत सोमवार को विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार ने बयान में कहा कि दत्ता सहित 11 अन्य से शैक्षणिक और कार्य अनुभव बताने को कहा गया है। किसी प्रोफेसर एमिरेट को निशाना नहीं बनाया गया है और इस संबंध में सभी आरोप बेबुनियाद हैं। विश्वविद्यालय केवल नियमों का अनुपालन कर रहा है।

इससे पहले मशहूर इतिहासकार रोमिला थापर से भी प्रोफेसर एमेरिटस के पद पर बने रहने के लिए सीवी मांगी गई थी। रोमिला थापर ने सीवी देने से इंकार कर दिया। रोमिला थापर ने कहा जब यह सम्मान दिया गया था तब यह सम्मान लाइफ टाइम हॉनर बताकर दिया गया था। अब वे अपनी ही बात को ख़ारिज कर रहे हैं। उन्होंने रेट्रोस्पेक्टिवेली नियम बदल दिया है।

उनकी सीवी विश्वविद्यालय वेबसाइट पर मौजूद है। उनका कहना है कि अगर उन्हें पता होता कि प्रोफ़ेसर एमेरिटस का मतलब क्या है ? तो वह सीवी नहीं मांगते। 

Jawaharlal Nehru University
JNU teachers
Romila thapar
Romila Thapar CV

Related Stories

जेएनयू में छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में एक व्यक्ति गिरफ़्तार, GSCASH बहाली की मांग

नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ सड़कों पर उतरा छात्रों का हुज़ूम, कहीं प्रदर्शन तो कहीं निकाला मशाल जुलूस

वे JNU जैसे संस्थानों को क्यों बर्बाद कर रहे हैं?

रोमिला थापर का सी.वी. किसे चाहिए?

किसी शिक्षाविद के ‘प्रोफेसर एमेरिटस’ दर्जे को समाप्त करने की पहल नहीं की गई : एचआरडी मंत्रालय

थापर से बायोडाटा मांगना राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम : जेएनयूटीए

दलित छात्रों को बी.टेक में पंजीकरण से वंचित करने का जेएनयूएसयू का आरोप

जेएनयू : विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की वजह से 48 शिक्षकों पर चार्जशीट 


बाकी खबरें

  • voting
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: न ध्रुवीकरण हो रहा, न लाभार्थी कार्ड चल रहा, न मोदी जी जनता से कनेक्ट कर पा रहे
    18 Feb 2022
    तीसरे चरण की तैयारियों के बीच मोदी जी की लखीमपुर रैली रद्द होना भाजपा के लिए बड़ा झटका।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 25,920 नए मामले, 492 मरीज़ों की मौत
    18 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.68 फ़ीसदी यानी 2 लाख 92 हज़ार 92 हो गयी है।
  • Punjab Assembly elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट; पटियाला: भाजपा का दामन थाम ग्राफ गिरा अमरिंदर का
    17 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंची पंजाब के पटियाला। और बुद्धिजीवियों से लेकर किसान नेताओं के साथ-साथ बात की आम मतदाताओं से। जानने की कोशिश की कि आख़िर जो इलाका कैप्टन अमरिंदर सिंह…
  • debt and gdp
    पुलकित कुमार शर्मा
    देश पर लगातार बढ़ रहा कर्ज का बोझ, मोदी राज में कर्जे में 123 फ़ीसदी की बढ़ोतरी 
    17 Feb 2022
    आकड़े बताते हैं कि सितम्बर 2021 तक केंद्र सरकार पर 125.7 लाख करोड़ रुपए का कर्ज हो गया है | वही 2022-23 का बजट अनुमान बताता है कि 31 मार्च 2023 में यह कर्ज बढ़कर ( वर्तमान एक्सचेंज रेट पर) 155.3 लाख…
  • Abhisar Sharma
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव जीतने के लिए ये कैसा प्रचार BJP?
    17 Feb 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे में आज वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे हैं बीजेपी द्वारा किये जा रहे चुनाव प्रचार की वह मोदी के रविदास जयंती के अवसर पर करोल बाग स्थित कीर्तन में शामिल होने से लेकर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License