NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हरियाणा रोडवेज हड़ताल: जनता और अन्य सरकारी कर्मचारियों का समर्थन
हरियाणा सरकार रोडवेज हड़ताल के 10वें दिन भी हड़ताल को खत्म करने में नाकाम रहीI आज हरियाणा सरकार के विभिन्न विभाग के लाखों कर्मचारी भी सामूहिक अवकाश पर रहे|
मुकुंद झा
26 Oct 2018
Haryana roadways

हरियाणा सरकार रोडवेज हड़ताल के 10वें दिन भी हड़ताल को खत्म करने में नाकाम रहीI आज हरियाणा सरकार के विभिन्न विभाग के लाखों कर्मचारी भी सामूहिक अवकाश पर रहे| गुरुवार को नौकरशाहों की बजाए सीधे परिवहन मंत्री ने हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत की परन्तु यह प्रयास भी पूरी तरह से असफल रहा|

हरियाणा रोडवेज  कर्मचारी तालमेल कमेटी का कहना है कि, “सरकार अपनी जिद्द पर अड़ी हुई है वो अभी भी पीछे हटने को तैयार नहीं, उलटा बातचीत के दौरान कर्मचारियों को डराने की कोशिश की गयीI परन्तु कर्मचारी भी अपनी मांगो पर कायम रहे कि जब तक सरकार निजी बसों के प्रस्ताव को वापस नहीं लेती तब तक ये हड़ताल जारी रहेगी|”

इस क्रम में कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को चार दिन और बढ़कर 29 अक्टूबर तक जारी रखने का फैसला किया है |

इसे भी पढ़े:-हरियाणा रोडवेज कर्मचारी क्यों है हड़ताल पर?

हरियाणा के इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी हड़ताल

हरियाणा में 1993 के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी हड़ताल हैI 1993 में भजनलाल की सरकार के दौरान रोडवेज कर्मचारियों ने लगभग 16 दिनों की हड़ताल की थीI इसमें भी अन्य विभाग के कर्मचारियों का समर्थन मिला था और उन पर भी तत्कालीन सरकार ने दमनकारी नीति अपनाई थीI परन्तु अंत में भजनलाल की सरकार को कर्मचारियों के आगे झुकना पड़ा था और सभी कर्मचारियों से मुकदमे वापस लेना पड़े थे|

खट्टर सरकार ने भी आन्दोलन कर रहे कर्मचारियों से बातचीत कर समस्या के हल के बजाए, उन पर एसेंशियल सर्विसेज मैनेजमेंट एक्ट (एस्मा) लगाकर सैंकड़ो कर्मचारियों को जेल भेजा व सैंकड़ों कर्मचारियों को बर्खास्त कियाI उसे लग रहा था कि कर्मचारी इससे डर कर वापस कम पर आएंगे, परन्तु उसका ये सोचना गलत साबित हुआI कर्मचारी और मजबूती से एकजुट होकर सरकार द्वारा निजीकरण के फैसले के खिलाफ संघर्ष में उतर गए हैंI अब तो उन्हें अन्य विभागों का भी समर्थन मिल रहा है| यहाँ तक कि आज तो परिवाहन निदेशक कार्यालय के सभी कर्मचारी भी अपना काम छोड़कर  हड़ताल के समर्थन में अवकाश पर थे|

परिवाहन निदेशक कार्यालय के सभी कर्मचारी हड़ताल पर.jpg

इसे भी पढ़े:-हरियाणा में ‘रोडवेज़ बचाने’ की लड़ाई तेज़, अन्य विभाग और जनसंगठन भी साथ आए

अब यह देखना होगा खट्टर सरकार कब कर्मचारियों की मांगो के आगे कब झुकती हैI क्योंकि कर्मचारी तो झुकेंगे ऐसा प्रतीत नहीं होता क्योंकि उन्हें पूरे हरियाणा में भारी जनसमर्थन मिल रहा है| हाल ही में फेसबुक पर एक कर्मचारी द्वारा वोट के माध्यम से लोगों से राय ली गई थी कि वो किस तरह की परिवहन व्यवस्था चाहती है - निजी या हरियाणा रोडवेजI इसमें तकरीबन 7 हज़ार से अधिक लोगों ने भाग लिया और उसमें से तकरीबन 95% लोगों ने हरियाणा रोडवेज को पसंद किया|

हरियाणा रोडवेज पर आम जनता की राय.jpg

लोगों को मुश्किलों का समाना करना पड़ रहा है ,फिर भी वो रोडवेज कर्मचारियों के साथ  

इस हड़ताल से हरियाणा के आम लोगों को भारी मुश्किलों का समाना करना पड़ रहा हैI  सरकार के उन सभी दावो की पोल खुलती नजर आ रही जिसमें वो कह रही है कि वो यात्रियों को किसी भी तरह की मुश्किल नहीं आने दे रही| हरियाणा की खट्टर सरकार की ओर से लोगों को राहत देने के लिए मंगवाई स्कूली बसें भी बीते शनिवार को रूट से हट गई। शनिवार को स्कूल खुलते ही स्कूलों ने अपने बसों को वापस बुला लिया। उधर, वैकल्पिक चालक व परिचालकों से सरकारी बसें चलाने का दावा भी झूठा नज़र आ रहा है|

इन सब कारणों  से लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है । यात्रियों को  हारकर निजी बसों, टैक्सियों व अन्य वाहनों पर खासी परेशानियों झेलते हुए अपने मंजिल तक पहुंचना पड़ रहा है । इसका निजी बस चालक हड़ताल का फायदा उठाते हुए यात्रियों से मनमाना किराया भी वसूल रहे है ।

इन सबके बाबजूद हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों को लगातर जन समर्थन मिल रहा हैI सरकार के खिलाफ उनका रोष सड़कों पर दिख रहा है हरियाणा के कई गाँवो की पंचायतो ने हड़ताल के समर्थन में पत्र जारी किया है|

सरपंच एसोसिएशन ने दिया रोडवेज हड़ताल का समर्थन.jpg

आमतौर पर जब भी कर्मचारी किसी हड़ताल पर जाते हैं तो आम जनता ज्यादातर उसके खिलाफ होती है क्योंकि हड़ताल से आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, लेकिन यह एक ऐसी हड़ताल है जिसे अन्य विभागों के कर्मचारी व यूनियन के साथ ही ग्राम स्तर के लोगों का समर्थन भी मिल रहा है।हरियाणा की अधिकतर पंचायतें इस हड़ताल व कर्मचारियों की मांग के समर्थन में हैं|

सर्व कर्मचारी संघ की उप प्रधान सबिता ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि, “सरकार का जो रवैया है वो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हैI रोडवेज के कर्मचारी अपने वेतन या भत्ते की मांग नहीं कर रहे, बल्कि हरियाणा की आम जनता के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं| सरकार बार–बार घाटे की बात करके सार्वजनिक परिवहन को बेचने का प्रयास कर रही हैI रोडवेज में घाटे की बात पूरी तरह कौड़ा झूठ है क्योंकि अगर ऐसा होता तो सरकार ने जो अभी निजी लोगों से समझौता किया है वो रोडवेज की लागत से महंगा है| आप ज़रा सोचिए कि अगर रोडवेज घाटे में है तो उसे सस्ते में बेचा जायेगा या मुनाफे में?”

सबिता आगे कहती हैं कि, “सरकार यूँ ही अपनी जिद्द पर अड़ी रही तो अभी तो सिर्फ हरियाणा रोडवेज 100% हड़ताल पर है, आगे पूरे हरियाणा के सभी विभाग के कर्मचारी भी हड़ताल पर चले जायेंगे| इसका संकेत आज सामूहिक अवकाश से सरकार को हमने दे दिया है|”

सबिता ने कहना है कि ये खट्टर सरकार जब से आई तभी से इसने कर्मचारी और मज़दूर विरोधी कम किया हैI परन्तु हरियाणा के कर्मचारी और मजदूरों ने हर समय इसका प्रतिकार किया हैI चाहे वो हरियाण की हजारो आशा वर्कर की हड़ताल हो या फिर बिजली विभाग का निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों का हड़ताल हो ये सभी इसी बात को साबित करते हैं| इन सभी आन्दोलनों ने लगातार भाजपा के इस खट्टर सरकार को झुकाया है| इस बार भी हरियाणा के कर्मचारी अपनी मांग पूरी होने तक संघर्ष करेंगे|

इसे भी पढ़े:- भाजपा का दोहरा रवैया : डीटीसी के समर्थन का दावा, हरियाणा में रोडवेज़ कर्मियों का दमन

haryana roadways
haryana roadways strike
haryana govt.
manohar laal khattar
Workers Strike

Related Stories

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ मामले पर विधानसभा में पेश किया प्रस्ताव

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है

अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!

पलवल : मुस्लिम लड़के की पीट-पीट कर हत्या, परिवार ने लगाया हेट क्राइम का आरोप

निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल

यूपी में अनीमिया, भुखमरी के शिकार बच्चे बढ़े, दिल्ली में श्रमिकों ने की हड़ताल और अन्य ख़बरें


बाकी खबरें

  • srilanka
    न्यूज़क्लिक टीम
    श्रीलंका: निर्णायक मोड़ पर पहुंचा बर्बादी और तानाशाही से निजात पाने का संघर्ष
    10 May 2022
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने श्रीलंका में तानाशाह राजपक्षे सरकार के ख़िलाफ़ चल रहे आंदोलन पर बात की श्रीलंका के मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. शिवाप्रगासम और न्यूज़क्लिक के प्रधान…
  • सत्यम् तिवारी
    रुड़की : दंगा पीड़ित मुस्लिम परिवार ने घर के बाहर लिखा 'यह मकान बिकाऊ है', पुलिस-प्रशासन ने मिटाया
    10 May 2022
    गाँव के बाहरी हिस्से में रहने वाले इसी मुस्लिम परिवार के घर हनुमान जयंती पर भड़की हिंसा में आगज़नी हुई थी। परिवार का कहना है कि हिन्दू पक्ष के लोग घर से सामने से निकलते हुए 'जय श्री राम' के नारे लगाते…
  • असद रिज़वी
    लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी का हंगामा: प्रोफ़ेसर और दलित चिंतक रविकांत चंदन का घेराव, धमकी
    10 May 2022
    एक निजी वेब पोर्टल पर काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर की गई एक टिप्पणी के विरोध में एबीवीपी ने मंगलवार को प्रोफ़ेसर रविकांत के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया। उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में घेर लिया और…
  • अजय कुमार
    मज़बूत नेता के राज में डॉलर के मुक़ाबले रुपया अब तक के इतिहास में सबसे कमज़ोर
    10 May 2022
    साल 2013 में डॉलर के मुक़ाबले रूपये गिरकर 68 रूपये प्रति डॉलर हो गया था। भाजपा की तरफ से बयान आया कि डॉलर के मुक़ाबले रुपया तभी मज़बूत होगा जब देश में मज़बूत नेता आएगा।
  • अनीस ज़रगर
    श्रीनगर के बाहरी इलाक़ों में शराब की दुकान खुलने का व्यापक विरोध
    10 May 2022
    राजनीतिक पार्टियों ने इस क़दम को “पर्यटन की आड़ में" और "नुकसान पहुँचाने वाला" क़दम बताया है। इसे बंद करने की मांग की जा रही है क्योंकि दुकान ऐसे इलाक़े में जहाँ पर्यटन की कोई जगह नहीं है बल्कि एक स्कूल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License