NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हरियाणा रोडवेज़ : “सरकार नहीं चाहती थी कि वार्ता सफल हो”
तालमेल कमेटी ने कहा कि ये बैठक उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार थी लेकिन सरकार ने केवल औपचारिकता निभाई ताकि सरकार हाईकोर्ट को ये बता सके कि हमने रोडवेज कर्मचारियों से वार्ता की है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 Nov 2018
HARYANA ROADWAYS

हाईकोर्ट के आदेश पर हरियाणा सरकार और हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी के बीच सोमवार को चंडीगढ़ के मिनी सचिवालय में हुई वार्ता विफल हो गई। कर्मचारियों ने इस बात की आशंका पहले ही जताई थी कि सरकार किसी भी समझौते की इच्छुक नहीं है और ऐसा ही हुआ।
बैठक में किलोमीटर स्कीम व कर्मचारियों पर एस्मा के तहत की गई उत्पीड़न की कार्रवाई पर दोनों पक्षों में कोई सहमति नहीं बन सकी। अब सबकी निगाह बुधवार, 14 नवंबर को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर है।
सोमवार को हुई बैठक में तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य हरिनारायण शर्मा, विरेन्द्र धनखड़, दलबीर किरमारा, इन्द्र बधाणा,अनूप सहरावत, बाबूलाल यादव, जयभगवान कादियान, बलवान सिंह दोदवा,सरबत पूनिया,पहल सिंह तंवर, आजाद गिल व सुल्तान सिंह आदि नेता तथा सरकार की तरफ से अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन धनपत सिंह, महानिदेशक रमेश चन्द्र बिढ़ान, अतिरिक्त महानिदेशक विरेन्द्र दहिया व सम्वर्तक सिंह शामिल थे। 
तालमेल कमेटी ने कहा कि ये बैठक उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार थी लेकिन सरकार ने केवल औपचारिकता निभाई ताकि सरकार हाईकोर्ट को ये बता सके कि हमने रोडवेज कर्मचारियों से वार्ता की है, लेकिन सरकार किलोमीटर स्कीम पर अपने पुराने स्टैंड पर कायम है और अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन (एसीएस) ने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए दो टूक बताया कि पॉलिसी बनाना सरकार का काम है तथा किलोमीटर स्कीम पर कोई समझौता नहीं होगा। 
तालमेल कमेटी के राज्य महासचिव बलवान सिंह दोदवा ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए बताया कि सरकार द्वारा हड़ताल के दौरान रोडवेज कर्मचारियों पर एस्मा के तहत की गई सभी कार्रवाई पर भी स्पष्ट जवाब न देते हुए हाईकोर्ट पर छोड़ दिया है, जबकि उत्पीड़न की कार्रवाई और बहाल करना सरकार का काम होता है। हरियाणा-पंजाब उच्च न्यायालय ने भी 2 नवम्बर को सरकार को आदेश जारी किए थे कि हड़ताल के दौरान एस्मा के तहत की गई सभी कार्रवाई निरस्त करते हुए यथास्थिति बहाल की जाये, लेकिन सरकार ने ऐसा न करके हाईकोर्ट की अवमानना की है।
तालमेल कमेटी ने आरोप लगाया है कि परिवहन व जेल मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करते हुए हड़ताल के दौरान रोहतक व भिवानी जेल में बंद रोडवेज व अन्य विभाग के कर्मचारियों के साथ अमानवीय व्यवहार कराया है। इन कर्मचारियों के कपड़े तक उतरवाए गये तथा तरह-तरह की यातनायें दी गईं। यही नहीं जनवादी महिला समिति की नेता बिमला घणघस को जेल अधिकारियों द्वारा तरह-तरह की धमकियां दी गई तथा बाथरूम व टायलेट तक साफ करवाए गये, जो कि एक बड़े शर्म की बात है। तालमेल कमेटी ने इसकी घोर निन्दा की है। उसके मुताबिक आज से पहले किसी भी सरकार में कर्मचारियों पर इतनी घिनौनी कार्रवाई नहीं हुई। 
तालमेल कमेटी के बलवान सिंह दोदवा ने कहा कि 14 नवम्बर को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के सामने सरकार की सारी कारगुजारी बताई जाएगी और अगर जरुरत पड़ी तो तालमेल कमेटी मानवाधिकार आयोग में भी जायेगी। तालमेल कमेटी ने मुख्यमंत्री से बैठक कराने की अपील की थी, जिस पर अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन (एसीएस) ने गंभीरता से विचार करते हुए जल्दी बैठक कराने का आश्वासन दिया है।
तालमेल कमेटी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने अपनी हठधर्मिता व अड़ियल रवैया छोड़कर किलोमीटर स्कीम यानी रोडवेज के निजीकरण की योजना को रद्द करते हुए कर्मचारियों पर एस्मा के तहत की गई उत्पीड़न की सभी कार्रवाई वापस नहीं ली तो आन्दोलन लगातार जारी रहेगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार व परिवहन अधिकारियों की होगी।

ये भी पढ़ें: कोर्ट के आश्वासन के बाद हरियाणा रोडवेज की हड़ताल स्थगित

haryana roadways
haryana roadways strike
PUNJAB HARYANA HIGH COURT
ROADWAYS TALMEL COMMITTEE

Related Stories

मप्र के कई शहरों में लॉकडाउन बढ़ाया गया, हरियाणा की बसों पर उत्तराखंड में रोक

हरियाणा रोडवेज़: 365 कर्मचारियों को हटाने का तुग़लकी फ़रमान

हरियाणा सरकार ने संविदाकर्मियों की दिवाली काली कर दी

कोर्ट के आश्वासन के बाद हरियाणा रोडवेज की हड़ताल स्थगित

हरियाणा रोडवेज़ हड़ताल: सरकार का खराब रैवया, कर्मचारियों का संघर्ष तीव्र

वामपंथी दल हरियाणा रोडवेज़ कर्मियों के साथ आए, अन्य विभागों में भी हड़ताल

डीटीसी कर्मचारी हड़ताल पर कायम, केजरीवाल ने भी भाजपा सरकारों की तरह रुख अपनाया, एस्मा लागू

हरियाणा रोडवेज हड़ताल: जनता और अन्य सरकारी कर्मचारियों का समर्थन

भाजपा का दोहरा रवैया : डीटीसी के समर्थन का दावा, हरियाणा में रोडवेज़ कर्मियों का दमन

हरियाणा में ‘रोडवेज़ बचाने’ की लड़ाई तेज़, अन्य विभाग और जनसंगठन भी साथ आए


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!
    29 Mar 2022
    जगह-जगह हड़ताल के समर्थन में प्रतिवाद सभाएं कर आम जनता से हड़ताल के मुद्दों के पक्ष में खड़े होने की अपील की गयी। हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि, बेलगाम महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ भी काफी आक्रोश प्रदर्शित…
  • मुकुंद झा
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने इस दो दिवसीय हड़ताल को सफल बताया है। आज हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और रेहड़ी-…
  • इंदिरा जयसिंह
    मैरिटल रेप को आपराधिक बनाना : एक अपवाद कब अपवाद नहीं रह जाता?
    29 Mar 2022
    न्यायिक राज-काज के एक अधिनियम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय की व्याख्या है कि सेक्स में क्रूरता की स्थिति में छूट नहीं लागू होती है।
  • समीना खान
    सवाल: आख़िर लड़कियां ख़ुद को क्यों मानती हैं कमतर
    29 Mar 2022
    शोध पत्रिका 'साइंस एडवांस' के नवीनतम अंक में फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने 72 देशों में औसतन 15 वर्ष की 500,000 से ज़्यादा लड़कियों के विस्तृत सर्वे के बाद ये नतीजे निकाले हैं। इस अध्ययन में पाया गया है कि…
  • प्रभात पटनायक
    पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर होती बढ़ोतरी से परेशान मेहनतकश वर्ग
    29 Mar 2022
    नवंबर से स्थिर रहे पेट्रोल-डीज़ल के दाम महज़ 5 दिनों में 4 बार बढ़ाये जा चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License