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भारत
राजनीति
हरियाणा: "सरकार द्वारा छात्रसंघ चुनाव का औचित्य खत्म करने की कोशिश"
राज्य के सभी प्रमुख छात्र संगठनों ने चुनाव का बहिष्कार व चुनाव के दिन (17 अक्टूबर) को पूरे हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों व कॉलेज में हड़ताल और सभी विभागों में तालाबंदी का आह्वन किया है|
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Oct 2018
Haryana Students' Union Elections

हरियाणा में छात्रसंघ चुनाव को लेकर  हंगाम थमने का नाम ही नहीं ले रहा है, राज्य के सभी प्रमुख छात्र संगठनों ने चुनाव का बहिष्कार व चुनाव के दिन (17 अक्टूबर) को पूरे हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों व कॉलेज में हड़ताल और सभी विभागों में तालाबंदी का आह्वन किया है|

अभी राज्य के सभी कॉलेज में तनाव की स्थिति व छात्रों में भय का माहौल बना हुआ है| हरियाणा के अधिकतर कॉलेजों को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है कॉलेज में छात्र कम और पुलिस व सुरक्षाबल अधिक नजर आ रहे हैं इन सबको देखते हुए कई छात्र कॉलेज को छोड़ अपने घर वापस जा रहे हैं| 

तमाम छात्र संगठनों ने प्रत्यक्ष चुनाव की मांग व सरकार द्वारा करवाये जा रहे अप्रत्यक्ष चुनाव के खिलाफ संघर्ष करने के लिए एक संयुक्त संघर्ष समिति बनाई है जिसके स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के केन्द्रीय कमेटी के सदस्य शाहनवाज़ हैं| इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा हर हाल में चुनाव करवाये जाने का बयान जारी किया गया हैI इस कदम को शर्मनाक बाते हुए संघर्ष समिति ने इसे सरकार का तानाशाही रवैया व लोकतंत्र की हत्या करार दिया है| इस कमेटी का कहना है कि प्रदेश भर में छात्र समुदाय ने सरकार के अप्रत्यक्ष चुनाव करवाने के ढकोसले को नकार दिया है|

समिति ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर समेत भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार अप्रत्यक्ष रूप से छात्र संघ चुनाव करवाकर सरकारी तंत्र के प्रयोग से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) को जितवाने का सुनियोजित षड्यंत्र रच रही है।

 

इसे भी पढ़े :- हरियाणा: छात्रसंघ के प्रत्यक्ष चुनाव को लेकर छात्रों का संघर्ष जारी

छात्र संगठन एसएफआई के पूर्व राज्य सचिव सुमित का कहना है कि, “खट्टर सरकार का छात्र समुदाय के हितों और उनकी भावनाओं से कोई लेना-देना नहीं है, सरकार अपने दायित्वों को भुलाकर राज्य के कॉलेज में एक विशेष विचारधार को स्थापित करना चाहती हैI इसलिए वो पुलिस प्रशासन, कॉलेज व विश्वविद्यालय प्रशासन  का दुरुपयोग करते हुए एबीवीपी को स्थापित कर रही हैI  नियमों को ताक पर रखते हुए कल नामांकन का समय बढ़ा दिया गया व इससे प्रशासन की एक संगठन को फायदा पहुँचाना साफ नजर आ रहा है जिसे छात्र समुदाय कतई बर्दाश्त नहीं करेगा हम इसका प्रतिरोध करेंगे|”

प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार की रिपोर्ट अनुसार यदि किसी कक्षा में किसी छात्र का नामांकन उपयुक्त नहीं होगा तो उस कक्षा में एचओडी/क्लास इंचार्ज किसी छात्र को नामांकित करेंगे व उसके साथ-साथ इंटिट्यूशन के हेड 5 छात्रों को नामांकित करेगा जो कालेज की स्टूडेंट्स काउंसिल का चयन करेंगे। इन सभी बिन्दुओं को लेकर छात्र संगठनों में भारी रोष हैI उनके अनुसार ऐसे में यह साफ है कि यह चुनाव साफ व पारदर्शी तरीके से नहीं होंगे। इन चुनावों में सरकार द्वारा आरएसएस के छात्र संगठन एबीवीपी को पूरी तरह से समर्थन मिलेगा और काउंसिल पर राज करने का अवसर भी।

एसएफआई हरियाणा की राज्य सचिव सुमन ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि “भाजपा की खट्टर सरकार छात्र संघ चुनाव का औचित्य को ही खत्म कर रही है”|

सुमन ने आगे कहा कि, “सरकार छात्र आंदोलन को दबाने के लिए राज्य के छात्र नेताओं की धरपकड़ कर रही है और ये सब वो छात्र नेताओं को डराने के लिए कर रही है, परन्तु राज्य भर के छात्रों ने अपनी मांग पूरी होने तक अपना विरोध जारी रखने का संकल्प लिया है।”

Students' union elections
students' politics
Haryana
manohar laal khattar
SFI
ABVP

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