NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
विधानसभा चुनाव
भारत
राजनीति
हार्दिक पटेल का अगला राजनीतिक ठिकाना... भाजपा या AAP?
गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले हार्दिक पटेल ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। हार्दिक पटेल ने पार्टी पर तमाम आरोप मढ़ते हुए इस्तीफा दे दिया है।
रवि शंकर दुबे
18 May 2022
hardik patel

एक ओर कांग्रेस चिंतन शिविर के ज़रिए युवाओं को पार्टी में 50 फीसदी भागीदारी का संदेश दे रही है, तो दूसरी ओर एक के बाद एक युवा नेता पार्टी को साथ छोड़कर जा रहे हैं। कुछ ऐसा ही किया गुजरात के दिग्गज और पाटीदार समाज में अपनी मज़बूत पकड़ रखने वाले हार्दिक पटेल ने।

हार्दिक पटेल ने पार्टी तो छोड़ी ही, लेकिन जाते-जाते कांग्रेस पर अनगिनत इल्ज़ाम भी मढ़ गए। हालांकि उनके द्वारा कांग्रेस पर लगाया गया एक-एक इल्ज़ाम साफ तौर पर उनका अगला राजनीतिक कदम बता गया।

हार्दिक पटेल ने पार्टी इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी को सौंपा और पार्टी छोड़ने का लंबा-चौड़ा कारण बताया।

 

आज मैं हिम्मत करके कांग्रेस पार्टी के पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूँ। मुझे विश्वास है कि मेरे इस निर्णय का स्वागत मेरा हर साथी और गुजरात की जनता करेगी। मैं मानता हूं कि मेरे इस कदम के बाद मैं भविष्य में गुजरात के लिए सच में सकारात्मक रूप से कार्य कर पाऊँगा। pic.twitter.com/MG32gjrMiY

— Hardik Patel (@HardikPatel_) May 18, 2022

 

 सिर्फ़ केंद्र के विरोध तक सीमित है कांग्रेस

किसी भी राज्य में चुनाव हो, कांग्रेस और पार्टी के नेताओं का सीधा निशान केंद्र सरकार पर रहता है। शायद यही बात हार्दिक पटेल हज़म नहीं कर पा रहे थे। हार्दिक पटेल का आरोप है कि भारत देश हो, गुजरात हो, या मेरा पटेल समाज हर मुद्दे पर कांग्रेस का स्टैंड सिर्फ केंद्र सरकार के विरोध तक ही सीमित है। कांग्रेस को लगभग देश के हर राज्य की जनता ने रिजेक्ट कर दिया है। क्योंकि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व आज भी जनता को एक रोडमैप नहीं दे पाया है।

नेतृत्व में गंभीरता की कमी

हार्दिक पटेल ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व किसी भी मुद्दे पर बिल्कुल गंभीर नहीं है। हार्दिक का कहना है कि वो जब भी शीर्ष नेतृत्व से मिल तब उनका ध्यान गुजरात की समस्याओं को सुनने से ज्यादा अपने-अपने मोबाइल और बाकी चीज़ों पर रहता था। जब भी देश में संकट होता, अथवा कांग्रेस को नेतृत्व की ज़रूरत थी तब हमारे नेता विदेश में थे। शीर्ष नेतृत्व का बर्ताव जनता के प्रति ऐसा है कि गुजरात की जनता उनसे नफरत कर सके।

साफ है कि ऐसा कहकर हार्दिक पटेल सीधा राहुल गांधी पर निशाना साध रहे हैं, क्योंकि ऐसे ही भाजपा के नेता भी अक्सर राहुल गांधी को निशाना बनाते रहते हैं।

हार्दिक पटेल ने आगे कहा कि दुख होता है कि हम जैसे कार्यकर्ता दिन में अपने खर्चे पर 500-600 किलोमीटर की यात्रा करते हैं, जनता के बीच जाते हैं और फिर देखते हैं कि गुजरात के बड़े नेता जनता के मुद्दों से दूर सिर्फ इस पर ध्यान देते हैं कि दिल्ली से आए नेता को उनका चिकन सैंडविच मिला या नहीं। हार्दिक पटेल ने आगे ये भी कहा कि जब वो युवाओं के बीच गए तो उन्होंने कहा कि आप ऐसी पार्टी में क्यों हैं जिसने सिर्फ गुजरात का अपमान किया है, चाहे वो उद्योग क्षेत्र हो, धार्मिक क्षेत्र हो, या फिर राजनीतिक क्षेत्र हो।

कांग्रेस ने गुजरात की जनता के मुद्दों को कमज़ोर किया    

हार्दिक पटेल ने गुजरात के कांग्रेस नेताओं पर राज्य की जनता के मुद्दों को कमज़ोर करने और खुद आर्थिक लाभ लेने का आरोप लगाया। हार्दिक ने कहा कि मुझे अफसोस है कि कांग्रेस पार्टी गुजरात की जनता के लिए कुछ नहीं करना चाहती। इसलिए जब मैं गुजरात के लिए कुछ करना चाहता हूं तो मेरा तिरस्कार होता है।

‘’हमेशा बाधा बनी कांग्रेस’’

हार्दिक पटेल यहीं नहीं रुके उन्होंने कांग्रेस को अयोध्या मंदिर, सीएए-एनआरसी, धारा 370 हटाना, जीएसटी लागू करना जैसे निर्णयों को लेकर भी घेरा। हार्दिक ने कहा कि देश लंबे वक्त से इसका समाधान चाहता था और कांग्रेस पार्टी लंबे वक्त से इसमें सिर्फ बाधा बनती रही थी।

इस्तीफा में हार्दिक द्वारा राम मंदिर, सीएए-एनआरसी और धारा 370 का जिक्र ये साफ बताता है कि वो फिलहाल भाजपा की पिच पर बैटिंग कर रहे हैं। हालांकि ये कहना गलत भी नहीं होगा कि आम आदमी पार्टी की बदलती राजनीति भी उन्हें अपनी ओर खींच सकती है।

letter

जब हार्दिक ने दिए थे कांग्रेस छोड़ने के संकेत

·      हार्दिक पटेल ने मई के पहले हफ्ते में जामनगर में एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री जीतू वघानी के साथ मंच साझा किया था, कार्यक्रम का आयोजन भाजपा विधायक हाकू जडेजा ने किया था। हालांकि उन्होंने इसे एक सामाजिक कार्यक्रम बताकर सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया था।

·      अप्रैल में हार्दिक पटेल ने कहा था कि मैं बीजेपी की तरफ से हाल ही में लिए गए राजनीतिक फैसलों का स्वागत करता हूं। गुजरात में बीजेपी मजबूत है क्योंकि उनके पास निर्णय लेने की क्षमता के साथ नेतृत्व है।

·      हार्दिक ने खुद को हिंदूवादी नेता कहे जाने पर भी जवाब दिया था। उन्होंने कहा था, मैं रघुवंशी वंश से हूं। हम हिंदू को संरक्षित करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। मुझे हिंदू होने पर गर्व है।

·      हाल ही में कांग्रेस के उदयपुर चिंतन शिविर में हार्दिक पटेल ने हिस्सा नहीं लिया था। इस दौरान पटेल ने कई टीवी इंटरव्यू में कहा था कि पार्टी के नेता निराशा महसूस कर रहे हैं। हार्दिक चाहते थे कि पाटीदार नेता नरेश पटेल को कांग्रेस में शामिल कराया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। हाल ही में हार्दिक ने नरेश पटेल से मुलाकात भी की थी।   

आपको याद दिलाते चलें कि साल 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने भाजपा को 99 सीटों पर ही रोक दिया था। जिसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि साल 2022 के आखिर में होने वाले चुनाव में तख्तापटल देखने को मिल सकता है। लेकिन इस बार कांग्रेस पहले से भी ज्यादा कमज़ोर नज़र आ रही है। अहमद पटेल, राजीव सातव जैसे नेताओं के निधन और राज्य की यूनिट में आपसी कलह से कांग्रेस जूझ रही थी। इसके बाद कांग्रेस के सबसे अमीर विधायक रहे इंद्रनील राजगुरू ने भी पार्टी छोड़ दी और आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। इसमें सबसे अहम बात ये थी कि इंद्रनील को एक महीने पहले ही प्रदेश उपाध्यक्ष की ज़िम्मेदारी मिली थी। और अब युवा और दिग्गज पाटीदार नेता हार्दिक पटेल का पार्टी छोड़ना आने वाले चुनावों में कांग्रेस के लिए बड़ी खतरे की घंटी है।

भले ही हार्दिक पटेल के इस्तीफे में लिखी बातें उन्हें भाजपा के लिए खेलता दिखा रही हैं, लेकिन सही मायने में अगर हार्दिक आम आदमी पार्टी में शामिल होते हैं तो उन्हें कोई बड़ा पद भी दिया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर पंजाब चुनावों में आम आदमी पार्टी जिस तरह प्रदर्शन किया और कांग्रेस के विकल्प के रूप में खड़ी हो गई, ये बात भी हार्दिक को आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। हालांकि हार्दिक कहां जाएंगे... भाजपा या कांग्रेस ये उन्हें ही तय करना है।

आपको बता दे कि गुजरात में 22 से 25 फीसदी आबादी पाटीदारों की है। जो 40 से 45 विधानसभा सीटों पर अपना प्रभाव रखते हैं। ऐसे में हार्दिक का कांग्रेस से इस्तीफा बहुत बड़ा सर दर्द साबित हो सकता है। इतना नहीं हार्दिक जिस पार्टी में शामिल होंगे, सामने वाली पार्टी को ज़रूर डेंट करेंगे।

Hardik Patel
Rahul Gandhi
Congress
AAP
BJP
gujrat election 2022
Patidar

Related Stories

लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा

ख़बरों के आगे-पीछे: गुजरात में मोदी के चुनावी प्रचार से लेकर यूपी में मायावती-भाजपा की दोस्ती पर..

विश्लेषण: विपक्षी दलों के वोटों में बिखराव से उत्तर प्रदेश में जीती भाजपा

आर्थिक मोर्चे पर फ़ेल भाजपा को बार-बार क्यों मिल रहे हैं वोट? 

पांचों राज्य में मुंह के बल गिरी कांग्रेस अब कैसे उठेगी?

विचार: क्या हम 2 पार्टी सिस्टम के पैरोकार होते जा रहे हैं?

पंजाब में आप की जीत के बाद क्या होगा आगे का रास्ता?

यूपी चुनाव के मिथक और उनकी हक़ीक़त

विधानसभा चुनाव: एक ख़ास विचारधारा के ‘मानसिक कब्ज़े’ की पुष्टि करते परिणाम 

उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!


बाकी खबरें

  • night curfew
    रवि शंकर दुबे
    योगी जी ने नाइट कर्फ़्यू तो लगा दिया, लेकिन रैलियों में इकट्ठा हो रही भीड़ का क्या?
    24 Dec 2021
    देश में कोरोना महामारी फिर से पैर पसार रही है, ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों ने राज्यों को नाइट कर्फ़्यू लगाने पर मजबूर कर दिया है, जिसके मद्देनज़र तमाम पाबंदिया भी लगा दी गई है, लेकिन सवाल यह है कि रैलियों…
  • kafeel khan
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोरखपुर ऑक्सिजन कांड का खुलासा करती डॉ. कफ़ील ख़ान की किताब
    24 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के इस वीडियो में वरिष्ठ पत्रकार परंजोय गुहा ठाकुरता डॉ कफ़ील ख़ान की नई किताब ‘The Gorakhpur Hospital Tragedy, A Doctor's Memoir of a Deadly Medical Crisis’ पर उनसे बात कर रहे हैं। कफ़ील…
  • KHURRAM
    अनीस ज़रगर
    मानवाधिकार संगठनों ने कश्मीरी एक्टिविस्ट ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग की
    24 Dec 2021
    कई अधिकार संगठनों और उनके सहयोगियों ने परवेज़ की गिरफ़्तारी और उनके ख़िलाफ़ चल रहे मामलों को कश्मीर में आलोचकों को चुप कराने का ज़रिया क़रार दिया है।
  •  boiler explosion
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    गुजरात : दवाई बनाने वाली कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा, चपेट में आए आसपास घर बनाकर रह रहे श्रमिक
    24 Dec 2021
    गुजरात के वडोदरा में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया, जिसकी चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
  • Uddhav Thackeray
    सोनिया यादव
    लचर पुलिस व्यवस्था और जजों की कमी के बीच कितना कारगर है 'महाराष्ट्र का शक्ति बिल’?
    24 Dec 2021
    न्याय बहुत देर से हो तो भी न्याय नहीं रहता लेकिन तुरत-फुरत, जल्दबाज़ी में कर दिया जाए तो भी कई सवाल खड़े होते हैं। और सबसे ज़रूरी सवाल यह कि क्या फांसी जैसी सज़ा से वाक़ई पीड़त महिलाओं को इंसाफ़ मिल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License