NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
"हुक्मरान को सत्ता का नशा नहीं होना चाहिए, वह बदलती रहती है"
संदीप पांडेय ने इसी पृष्ठभूमि में हमसे यह साझा किया कि विरोध करना क्यों ज़रूरी है, ख़ासतौर से ऐसे समय में जहाँ राज्य हर जगह 'सहमति' गढ़ रही है और संस्थान, लोगों के मौलिक अधिकारों को महफ़ूज़ रखने में असफल हो रहे हैंI वे कहते हैं कि कश्मीर में विरोध करना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि घाटी में लोगों से बोलने की आज़ादी छीन ली गयी हैI
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
31 Aug 2019

गाँधीवादी, सामाजिक कार्यकर्ता और 2002 के उभरते नेताओं की श्रेणी में मेगसेसे पुरस्कार प्राप्त संदीप पांडेय ने जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य के अधिकार को छीने जाने के ख़िलाफ़ लखनऊ में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित कियाI उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन ने इस विरोध प्रदर्शन को नाकाम करने की हर संभव कोशिश कीI संदीप पांडेय ने इसी पृष्ठभूमि में हमसे यह साझा किया कि विरोध करना क्यों ज़रूरी है, ख़ासतौर से ऐसे समय में जहाँ राज्य हर जगह 'सहमति' गढ़ रही है और संस्थान, लोगों के मौलिक अधिकारों को महफ़ूज़ रखने में असफल हो रहे हैंI वे कहते हैं कि कश्मीर में विरोध करना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि घाटी में लोगों से बोलने की आज़ादी छीन ली गयी हैI संदीप का कहना है कि विरोध का राजनीतिक मूल्य इसलिए है क्योंकि विरोध से वह ज़ाहिर होता है जो कि नागरिक चाहते हैं ना कि जो राज्य चाहता हैI

sandeep panday
Ramon Magsaysay Award
BJP
Adityanath
RSS
Kashmir
Article 370
Article 370 Scrapped

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • श्याम मीरा सिंह
    यूक्रेन में फंसे बच्चों के नाम पर PM कर रहे चुनावी प्रचार, वरुण गांधी बोले- हर आपदा में ‘अवसर’ नहीं खोजना चाहिए
    28 Feb 2022
    एक तरफ़ प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में यूक्रेन में फंसे कुछ सौ बच्चों को रेस्क्यू करने के नाम पर वोट मांग रहे हैं। दूसरी तरफ़ यूक्रेन में अभी हज़ारों बच्चे फंसे हैं और सरकार से मदद की गुहार लगा रहे…
  • karnataka
    शुभम शर्मा
    हिजाब को गलत क्यों मानते हैं हिंदुत्व और पितृसत्ता? 
    28 Feb 2022
    यह विडम्बना ही है कि हिजाब का विरोध हिंदुत्ववादी ताकतों की ओर से होता है, जो खुद हर तरह की सामाजिक रूढ़ियों और संकीर्णता से चिपकी रहती हैं।
  • Chiraigaon
    विजय विनीत
    बनारस की जंग—चिरईगांव का रंज : चुनाव में कहां गुम हो गया किसानों-बाग़बानों की आय दोगुना करने का भाजपाई एजेंडा!
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के बनारस में चिरईगांव के बाग़बानों का जो रंज पांच दशक पहले था, वही आज भी है। सिर्फ चुनाव के समय ही इनका हाल-चाल लेने नेता आते हैं या फिर आम-अमरूद से लकदक बगीचों में फल खाने। आमदनी दोगुना…
  • pop and putin
    एम. के. भद्रकुमार
    पोप, पुतिन और संकटग्रस्त यूक्रेन
    28 Feb 2022
    भू-राजनीति को लेकर फ़्रांसिस की दिलचस्पी, रूसी विदेश नीति के प्रति उनकी सहानुभूति और पश्चिम की उनकी आलोचना को देखते हुए रूसी दूतावास का उनका यह दौरा एक ग़ैरमामूली प्रतीक बन जाता है।
  • MANIPUR
    शशि शेखर
    मुद्दा: महिला सशक्तिकरण मॉडल की पोल खोलता मणिपुर विधानसभा चुनाव
    28 Feb 2022
    मणिपुर की महिलाएं अपने परिवार के सामाजिक-आर्थिक शक्ति की धुरी रही हैं। खेती-किसानी से ले कर अन्य आर्थिक गतिविधियों तक में वे अपने परिवार के पुरुष सदस्य से कहीं आगे नज़र आती हैं, लेकिन राजनीति में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License