NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
संस्कृति
समाज
भारत
राजनीति
इतवार की कविता : "मुझमें गीता का सार भी है, इक उर्दू का अख़बार भी है..."
अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के क़ब्ज़े के बाद जो सवाल भारत के प्रधानमंत्री से पूछे जाने चाहिए, वह भारत के मुसलमानों से पूछे जा रहे हैं। क्या है हिन्दुस्तानी मुसलमान होने का मतलब, जानिए हुसैन हैदरी की इस नज़्म से...
न्यूज़क्लिक डेस्क
22 Aug 2021
इतवार की कविता

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के क़ब्ज़े के बाद जो सवाल भारत के प्रधानमंत्री से पूछे जाने चाहिए, वह भारत के मुसलमानों से पूछे जा रहे हैं। विविधता से भरे हमारे देश में समय समय पर देशभक्ति, वफ़ादारी को लेकर मुसलमानों को कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है।

मगर क्या है हिन्दुस्तानी मुसलमान होने का मतलब, जानिए बॉलीवुड फ़िल्मों में गीतकार और शायर हुसैन हैदरी की इस नज़्म से...

हिंदुस्तानी मुसलमां

सड़क पे सिगरेट पीते वक़्त
जो अज़ा' सुनाई दी मुझको
तो याद आया के वक़्त है क्या
और बात ज़हन में ये आई
मैं कैसा मुसलमां हूं भाई?

मैं शिया हूं या सुन्नी हूं
मैं खोजा हूं या बोहरी हूं
मैं गांव से हूं या शहरी हूं
मैं बाग़ी हूं या सूफ़ी हूं
मैं क़ौमी हूं या ढोंगी हूं
मैं कैसा मुसलमां हूं भाई?

मैं सजदा करने वाला हूं
या झटका खाने वाला हूं
मैं टोपी पहनके फिरता हूं
या दाढ़ी उड़ा के रहता हूं
मैं आयत क़ौल से पढ़ता हूं
या फ़िल्मी गाने रमता हूं
मैं अल्लाह-अल्लाह करता हूं
या शेखों से लड़ पड़ता हूं
मैं कैसा मुसलमां हूं भाई?

मैं हिंदुस्तानी मुसलमां हूँ

दक्कन से हूँ, यू. पी. से हूँ
भोपाल से हूँ, दिल्ली से हूँ
बंगाल से हूँ, गुजरात से हूँ
हर ऊँची-नीची जात से हूँ
मैं ही हूँ जुलाहा, मोची भी
मैं डाक्टर भी हूँ, दर्जी भी
मुझमें गीता का सार भी है
इक उर्दू का अख़बार भी है
मिरा इक महीना रमज़ान भी है
मैंने किया तो गंगा-स्नान भी है
अपने ही तौर से जीता हूँ
इक-दो सिगरेट भी पीता हूँ
कोई नेता मेरी नस-नस में नहीं
मैं किसी पार्टी के बस में नहीं
मैं हिंदुस्तानी मुसलमां हूँ

ख़ूनी दरवाज़ा मुझमें है
इक भूल-भुलैय्या मुझमें है
मैं बाबरी का इक गुम्बद हूँ
मैं शहर् के बीच में सरहद हूँ
झुग्गियों में पलती ग़ुरबत मैं
मदरसों की टूटी-सी छत मैं
दंगो में भड़कता शोला मैं
कुर्ते पर ख़ून का धब्बा मैं
मैं हिंदुस्तानी मुसलमां हूँ

मंदिर की चौखट मेरी है
मस्जिद के किबले मेरे है
गुरुद्वारे का दरबार मेरा
येशू के गिरजे मेरे है
सौ में से चौदह हूँ लेकिन
चौदह ये कम नहीं पड़ते है
मैं पूरे सौ में बसता हूँ
पूरे सौ मुझमें बसते है
मुझे एक नज़र से देख न तू
मेरे एक नहीं सौ चेहरे है
सौ रंग के है क़िरदार मेरे
सौ क़लम से लिखी कहानी हूँ
मैं जितना मुसलमां हूँ भाई
मैं उतना हिंदुस्तानी हूँ

मैं हिंदुस्तानी मुसलमां हूँ

- हुसैन हैदरी

Muslims
Indian Muslims
minority in india
hussain haidry poetry
Afghanistan
TALIBAN
Sunday Poem

Related Stories

भारत और मुसलमानों के लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का महत्व

अयोध्या केस को गलत तरीके से हिंदू-मुस्लिम विवाद के तौर पर पेश किया गया: हिलाल अहमद


बाकी खबरें

  • unity
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    विशेष: एक हमारी और एक उनकी मुल्क में हैं आवाज़ें दो
    26 Jan 2022
    गणतंत्र दिवस के मौके पर आइए सुनते हैं जावेद अख़्तर की नज़्म...जो हमें बता रही है कि किस तरह मुल्क में दो आवाज़ें हैं—एक जो प्यार सिखाती है, आगे बढ़ना सिखाती है और दूसरी जो नफ़रत बढ़ाती, एक-दूसरे को…
  • republic day
    शलिनी दीक्षित
    इस गणतंत्र दिवस पर, भारत यादों पर कपट की जीत को भी मनाएगा 
    26 Jan 2022
    एक भ्रमित और बेचैन राष्ट्र को झूठे आख्यानों के माध्यम से निर्मित किया जा रहा है, जबकि मध्यम वर्ग अतीत के गौरव को पुनर्जीवित करने की कहानियों में खोया हुआ है। 
  • Republic Day Parade
    एम.जी. देवसहायम
    गणतंत्र दिवस के सैन्यकरण से मज़बूत लोकतंत्र नहीं बनता
    26 Jan 2022
    अक्सर यह सवाल उठता है कि गणतंत्र दिवस का जश्न परेड द्वारा मनाया जाना चाहिए या झांकियों के जुलूस द्वारा। यहां हम दोनों की परिभाषाओं पर नज़र डाल रहे हैं।
  • inflation
    न्यूज़क्लिक टीम
    महंगाई-बेरोज़गारी को ख़त्म करने में क्या फ़ेल हुई मोदी सरकार?
    25 Jan 2022
    एक मीडिया हाउस ने #MoodOfTheNation सर्वे के नतीजों में बताया है कि देश की जनता बढ़ती महंगाई से परेशान है और 67% से ज़्यादा लोगों को घर चलाने में मुश्किल हो रही है। न्यूज़क्लिक के इस विडियो में जानिए…
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोज ख़बरः देश के गणतंत्र को है किससे ख़तरा
    25 Jan 2022
    खोज ख़बर में देश के गणतंत्र पर मंडरा रहे ख़तरों के बारे में बात की वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने। संविधान के रखवालों और उसे ख़त्म करने वालों के बीच संघर्ष है ज़ारी। मुसलमानों के नरंसाहर की आशंका, उत्तर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License