NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
विज्ञान
अंतरराष्ट्रीय
किस प्रकार से निएंडरथल्स के साथ सह-प्रजनन ने आधुनिक मानव की प्रजनन क्षमता को विकसित करने में मदद पहुंचाई है
एक हालिया अध्ययन में पता चला है कि निएंडरथल (Neanderthal) जीन मनुष्यों में बेहतर प्रजनन क्षमता प्रदान करने में सहायक है। इस अध्ययन के मुताबिक यूरोप की हर तीसरी महिला को विरासत में निएंडरथल से प्राप्त जीन मिली हुई है।
संदीपन तालुकदार
29 May 2020
किस प्रकार से निएंडरथल्स के साथ सह-प्रजनन ने आधुनिक मानव की प्रजनन क्षमता को विकसित करने में मदद पहुंचाई है
प्रतीकात्मक तस्वीर, साभार : डेली मेल

तकरीबन 40,000 साल पहले ही निएंडरथल इस धरती से विलुप्त हो चुके हैं, लेकिन आज भी आधुनिक मानव इस पाषाण काल के इंसान के कुछ जींस को अपने अंदर लिए हुए है। यह हजारों साल पूर्व निएंडरथल्स के साथ की गई परस्पर प्रजननक्रिया के परिणामस्वरुप हो सका है। हालाँकि आधुनिक मनुष्यों और निएंडरथल के बीच संपन्न हुई वे कोशिशें हमारे लिए फायदेमंद ही साबित हुई हैं। अब जाकर विज्ञान हमारे डीएनए में निएंडरथल के जींस से होने वाले फायदों का पता लगा पा रहा है।

हाल ही में किये गए एक अध्ययन में पाया गया है कि निएंडरथल जींस से मनुष्यों में प्रजनन क्षमता अपेक्षाकृत बेहतर हो सकती है। 21 मई को मॉलिक्यूलर बायोलॉजी एंड इवोल्यूशन में प्रकाशित अध्ययन जिस पर सवाल हैं, के अनुसार यूरोप की हर तीसरी महिला को विरासत में निएंडरथल से प्राप्त जीन मिली हुई है। इन महिलाओं में पाए जाने वाले प्रोजेस्टेरोन के रिसेप्टर इन्हें निएंडरथल से विरासत में हासिल हुए हैं। इसके परिणामस्वरूप जिन आधुनिक इंसानों में निएंडरथल के जींस पाए जाते हैं उनमें बेहतर प्रजनन क्षमता, प्रारंभिक गर्भावस्था के दौरान अपेक्षाकृत कम रक्तस्राव का होना और उनमें गर्भपात हो जाने की घटना कम देखने को मिलती है।

इस अध्ययन को जर्मनी के मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट ऑफ इवोल्यूशनरी एंथ्रोपोलॉजी और कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट, स्वीडन के बीच निर्मित संयुक्त उद्यम के जरिये संचालित किया गया था।

प्रोजेस्टेरोन महिलाओं में पाया जाने वाला एक सेक्स हार्मोन है जो प्रत्येक महीने के डिंबोत्सर्जन के पश्चात अंडाशय में उत्पन्न होता है। यह मासिक धर्म चक्र और गर्भावस्था के रखरखाव में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हर महीने के डिंबोत्सर्जन के बाद,  यह प्रोजेस्टेरोन गर्भाशय की लाइनिंग को मोटा करने में मदद करता है, और इस प्रकार से यह एक निषेचित अंडे के फलने फूलने की जमीन को तैयार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

इस शोध में एक बायोबैंक में जमा आंकड़ों को विश्लेषित किया गया था, जिसमें समूचे यूरोप से 4,50,000 से अधिक प्रतिभागियों की आनुवांशिक जानकारी मौजूद थी, जिनमें 2,44,000 जानकारियां महिलाओं की हैं। इनमें से 29 फीसदी के पास निएंडरथल से विरासत में प्राप्त प्रोजेस्टेरोन रिसेप्टर की एक प्रति देखने को मिली है। बाओबैंक के आंकड़ों की तुलना निएंडरथल के जीनोम अनुक्रमों से की गई, जिसे उन पाषाण युग के मनुष्यों के अवशेषों से निकाला गया था, जिन्हें गुफाओं और ब्लॉगों में दफनाया गया था।

इस अध्ययन में शामिल इसके प्रमुख लेखक ह्यूगो ज़ेबर्ग ने निष्कर्षों पर अपनी टिप्पणी करते हुए कहा था: "प्रोजेस्टेरोन रिसेप्टर इस बात के प्रमाण हैं कि कैसे निएंडरथल्स के साथ आधुनिक मनुष्यों के सम्मिश्रण ने अनुकूल आनुवंशिक वेरिएंट पेश किए थे जो आज तक के जीवित लोगों पर अपना प्रभाव डालने में सक्षम हैं"। ह्यूगो ज़ेबर्ग कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट के न्यूरोसाइंस विभाग और मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट ऑफ इवोल्यूशनरी एंथ्रोपोलॉजी विभाग में शोधकर्ता हैं।

इसके अलावा आणविक विश्लेषण में उन महिलाओं की कोशिकाओं में कहीं अधिक प्रोजेस्टेरोन रिसेप्टर्स के उत्पादन को देखा गया जिनके पास रिसेप्टर के लिए निएंडरथल जीन मौजूद थे। ह्यूगो ज़ेबेर्ग का मानना है कि “जिन महिलाओं को यह जीन विरासत में हासिल है उनका अनुपात निएंडरथल जीन वेरिएंट की तुलना में लगभग दस गुना अधिक है। ये निष्कर्ष इस ओर इशारा करते हैं कि रिसेप्टर के निएंडरथल वैरिएंट का प्रजनन क्षमता पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है।“

पूर्व के अध्ययनों ने इसे दर्शाया है कि यूरोपीय लोग औसतन अपने साथ 500 से अधिक आनुवंशिक हिस्सों को लेकर चल रहे हैं जो उन्हें निएंडरथल या अन्य पुरातन मनुष्यों से विरासत में मिले थे। यह अध्ययन कई अन्य उभर कर सामने आ रहे प्रमाणों के अतिरिक्त है, जो इस तथ्य को साबित करता है कि किस प्रकार से आज का आधुनिक मनुष्य प्राचीन किन्तु अब विलुप्त मानव प्रजातियों के साथ हुई पारस्परिक प्रजननक्रिया से लाभान्वित हुआ है।

अंग्रेज़ी में लिखा लेख पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

How Breeding with Neanderthals Aided Modern Human Fertility

Neanderthal Progesterone Receptor in Modern Human
Progesterone
Neanderthal Gene Confers Fertility to Modern Humans
Max Planck Institute of Evolutionary Anthropology
Hugo Zeberg

Related Stories


बाकी खबरें

  • alcohol
    अजय कुमार
    केवल शराबबंदी नहीं, बल्कि बिहार की प्रति व्यक्ति आमदनी बढ़ाने से शराब की लत से मिलेगा छुटकारा 
    25 Nov 2021
    बिहार की प्रति व्यक्ति आमदनी, देश की औसत आमदनी की महज 33 फ़ीसदी है। बिहार के कई इलाके अफ्रीका से भी ज्यादा गरीब हैं। ऐसे में शराब से छुटकारा पाने के लिए कैसे केवल शराबबंदी कारगर उपाय हो सकती है?
  • daily round up
    न्यूज़क्लिक टीम
    कृषि क़ानूनों की वापसी को कैबिनेट में मंज़ूरी, दिल्ली वायु प्रदूषण और अन्य ख़बरें
    24 Nov 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी कैबिनेट ने दी कृषि क़ानून वापसी को मंज़ूरी, दिल्ली वायु प्रदूषण और अन्य ख़बरों पर।
  • यूरोप और अन्य देशों में कोरोना से बढ़ती मौतें और उसकी वजह
    यूरोप और अन्य देशों में कोरोना से बढ़ती मौतें और उसकी वजह
    24 Nov 2021
    आज हम डॉ. सत्यजीत के साथ यूरोप और अन्य देशों में बढ़ते काेरोना के मामले और उसके कारण हो रहे मौतें पर बात करेंगे और यह समझने की कोशिश करेंगे कि इसके पीछे क्या कारण हैं। टीकाकरण को लेकर जो आशंकाएँ हैं…
  • k
    भाषा
    14 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों में आधी से अधिक महिलाओं, बच्चों में ख़ून की कमी : सर्वेक्षण
    24 Nov 2021
    भारत एवं 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जनसंख्या, प्रजनन और बाल स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, पोषण और अन्य विषयों के प्रमुख संकेतकों से जुड़े तथ्य बुधवार को सरकार द्वारा 2019-21 एनएफएचएस -5…
  • School
    भाषा
    वायु प्रदूषण: दिल्ली में स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय 29 नवंबर से फिर खुलेंगे
    24 Nov 2021
    गैर ज़रूरी सामान लेकर आने वाले ट्रकों के प्रवेश पर रोक तीन दिसंबर तक जारी रहेगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License