NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
भारी छूट के बाद भी यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री में भारी गिरावट
दिसंबर की खुदरा बिक्री में गिरावट उम्मीद के अनुरूप नहीं है, क्योंकि पूरे माह गाड़ियों के बारे में पूछताछ को लेकर काफी सकारात्मक रुख देखा गया।
भाषा
21 Jan 2020
vehicles

दिल्ली : देशभर में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री बीते माह में नौ प्रतिशत घटकर 2,15,716 वाहन रही। इस संबंध में वाहन डीलरों के संगठन फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने मंगलवार को आंकड़े जारी किए जो वाहनों की खुदरा बिक्री के आंकड़े जुटाता है।

दिसंबर 2018 में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री 2,36,586 वाहन थी।

आंकड़ों के अनुसार दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में दिसंबर 2019 में 16 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गयी है। यह 12,64,169 वाहन रही जो दिसंबर 2018 में 15,00,545 वाहन थी।

वाणिज्यिक वाहनों की खुदरा बिक्री में भी इस दौरान 21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है और यह 67,793 वाहन रही। जबकि दिसंबर 2018 में यह 85,833 वाहन थी।

हालांकि तिपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में दिसंबर 2019 में एक प्रतिशत का इजाफा देखा गया। इनकी बिक्री बढ़कर 58,324 इकाई रही।
फाडा के अध्यक्ष आशीष हर्ष राज काले ने कहा कि दिसंबर की खुदरा बिक्री में गिरावट उम्मीद के अनुरूप नहीं है, क्योंकि पूरे माह गाड़ियों के बारे में पूछताछ को लेकर काफी सकारात्मक रुख देखा गया।

उन्होंने कहा कि ग्राहकों की धारणा कमजोर बनी हुई है और गाड़ियों के बारे में पूछताछ और बड़ी छूट के बावजूद ग्राहकों की ओर से अंतिम खरीद में गिरावट देखी गयी।

Discount on Vehicles
Huge drop in sales
Federation of Automobile Dealers Association
Economic Recession
Inflation
Rising inflation

Related Stories

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

क्या जानबूझकर महंगाई पर चर्चा से आम आदमी से जुड़े मुद्दे बाहर रखे जाते हैं?

मोदी@8: भाजपा की 'कल्याण' और 'सेवा' की बात

गतिरोध से जूझ रही अर्थव्यवस्था: आपूर्ति में सुधार और मांग को बनाये रखने की ज़रूरत

मोदी के आठ साल: सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा पर क्यों नहीं टूटती चुप्पी?

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

एक ‘अंतर्राष्ट्रीय’ मध्यवर्ग के उदय की प्रवृत्ति

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 


बाकी खबरें

  • Ahmed Hasan passes away
    भाषा
    उप्र विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन का निधन; योगी, अखिलेश ने दुख जताया
    19 Feb 2022
    वह पूर्व पुलिस अधिकारी थे। बाद में समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव उन्हें राजनीति में ले आये थे। हसन सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। वर्तमान में वह विधान परिषद सदस्य और नेता…
  • Ravish Tiwari passes away
    भाषा
    वरिष्ठ पत्रकार रवीश तिवारी का निधन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
    19 Feb 2022
    इंडियन एक्सप्रेस के राष्ट्रीय ब्यूरो के प्रमुख रवीश तिवारी कैंसर से पीड़ित थे और पिछले करीब दो वर्षों से इस बीमारी से जूझ रहे थे।
  • police
    नाइश हसन
    योगी की पुलिस कैसे कर रही चुनाव में ग़रीबों से वसूली: एक पड़ताल
    19 Feb 2022
    सवाल यह है कि क्या मात्र विज्ञापन या भाषण स्थितियों की असलियत बयान कर सकते हैं? हमने हालिया पुलिसिया दमन की पड़ताल करनी चाही, तो ‘अमृतकाल’ में ग़रीब बस्तियों का हाल कुछ और ही दिखा।
  • Protest in Myanmar
    लव पुरी
    कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है
    19 Feb 2022
    म्यांमार में सैन्य शासन नया नहीं है, लेकिन कुछ टिप्पणीकार बाइनरी लेंस से परे म्यांमार की स्थिति को समझने का प्रयास करते हैं।
  • AFGHAN
    क्रिस्टीन लेहनेन
    तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?
    19 Feb 2022
    तीन पुरस्कार विजेता महिला निर्देशकों ने अंतर्राष्ट्रीय फिल्म उद्योग से अफ़ग़ान सिनेमा को बचाने की अपील की है। आज के दौर में इन महिला फिल्मकारों का समर्थन पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।  
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License