NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
केन्या : पुलिस हिंसा और मासूम नागरिकों की हत्या के ख़िलाफ़ जनता का प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका में चल रहे BlackLivesMatter आंदोलन के साथ अपना समर्थन भी ज़ाहिर किया।
पीपल्स डिस्पैच
09 Jun 2020
केन्या

8 जून को केन्या की राजधानी नैरोबी में सैंकड़ों लोग सड़कों पर जमा हो गए और पुलिस द्वारा की गयी हिंसा और मासूमों की हत्या के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उन झुग्गियों मैं  रैली की जहाँ ज़्यादातर मौतें हुई हैं, और मरने वालों को श्रद्धांजलि दी।

इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका में 25 मई 46 साल के ब्लैक पुरुष जॉर्ज फ़्लॉयड की हत्या के बाद पुलिस हिंसा और रंगभेद के ख़िलाफ़ हो रहे BlackLivesMatter आंदोलन को भी अपना समर्थन दिया।

प्रदर्शनकारियों ने 'पुलिस हिंसा बैंड करो' , 'क़ातिल पुलिस को रोको' जैसे नारों वाले प्लेकार्ड पकड़े हुए थे, और नारे लगा रहे थे।Anadolu Agency से बात करते हुए प्रदर्शन के आयोजनकर्ता में से एक Collins Odhiambo ने कहा, "हर मोड़ पर जहाँ किसी को बंदूक नीचे है, हम घुटनों पर बैठते हैं और उनका सम्मान करते हैं और फिर मार्च आगे बढ़ाते हैं। हम मथारे स्लम्स के उन इलाक़ों में भी गए जहाँ लोगों की कोरोना वायरस से नहीं, बल्कि पुलिस हिंसा से मौत हुई है। ये वही पुलिस है जो कहती है कि वो महामारी के दौरान हमारी सुरक्षा कर रही है।"

8 जून तक केन्या में कोविड-19 संक्रमण के कुल 2860 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 85 लोगों की मौत हो चुकी है।

विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, 27 मार्च से केन्या में पुलिस की बर्बरता में 21 लोग मारे गए हैं जब कोविड ​​-19 के प्रसार को रोकने के लिए रात के समय कर्फ्यू लगाया गया था। हालांकि केन्या में पुलिस की बर्बरता कोई नई बात नहीं है, जिसमें लोगों के ख़िलाफ़ तालाबंदी लगाने के नाम पर अत्यधिक हिंसा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है, विशेष रूप से उन लोगों के ख़िलाफ़ जो नैरोबी की झुग्गियों में रहते हैं।

केन्या के इंडिपेंडेंट पुलिस ओवरसाइट अथॉरिटी (IPOA) के अनुसार, 27 मार्च के बाद से रात में कर्फ़्यू लगाए जाने के बाद से पुलिस की बर्बरता के ख़िलाफ़ 87 शिकायतें मिली हैं। शिकायतों में हत्या, शूटिंग, डकैती, हमले, यौन हमले और अन्य मामले शामिल हैं।

पिछले हफ्ते IPOA ने घोषणा की कि उन हत्याओं और अत्यधिक बल के लिए जिम्मेदार होने के लिए छह पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया जाएगा और उन्हें सताया जाएगा। केन्या के मुख्य अभियोजक कार्यालय ने एक बयान जारी किया, जिसके अनुसार यह देश में पुलिस हिंसा के 171 मामलों पर भी काम कर रहा है, जिनमें से 81 पहले ही परीक्षण के चरण में हैं।

africa
kenya
Police brutality
Protest
Coronavirus
Curfew

Related Stories

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू

नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज

दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, छंटनी के ख़िलाफ़ निकाला कैंडल मार्च

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 

स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है


बाकी खबरें

  • तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव : मथुरा की जनता ने कहा मंदिर के नाम पर भंग हो रही सांप्रदायिक शांति
    19 Jan 2022
    कई स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई मुद्दा नहीं है, हम इसे चुनावी मुद्दा नहीं बनने देंगे।
  • corona
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2.82 लाख से ज़्यादा नए मामले, 441 मरीज़ों की मौत
    19 Jan 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 4.83 फ़ीसदी यानी 18 लाख 31 हज़ार हो गयी है।
  • यूपीः योगी सरकार में मनरेगा मज़दूर रहे बेहाल
    एम.ओबैद
    यूपीः योगी सरकार में मनरेगा मज़दूर रहे बेहाल
    19 Jan 2022
    प्रदेश में काम न मिलने के अलावा मनरेगा से जुड़े मज़दूरों को समय पर भुगतान में देरी का मामला अक्सर सामने आता रहता है। बागपत में इस योजना के तहत काम कर चुके मज़दूर पिछले दो महीने से मज़दूरी के लिए तरस…
  •  Memorial
    विक्रम सिंह
    1982 की गौरवशाली संयुक्त हड़ताल के 40 वर्ष: वर्तमान में मेहनतकश वर्ग की एकता का महत्व
    19 Jan 2022
    19 जनवरी, 1982 के दिन आज़ाद भारत के इतिहास में शायद पहली बार ऐसी संयुक्त हड़ताल का आयोजन किया गया था जो न केवल पूरी तरह से सफल रही बल्कि इसकी सफलता ने भविष्य में मजदूरों और किसानों की एकता कायम करते…
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोज ख़बर ; कश्मीर से UP: सियासत की बिछी बिसात, फ़रेब का खेल
    18 Jan 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने कश्मीर प्रेस क्लब को साजिशाना ढंग से बंद करने और उत्तर प्रदेश में बिछी सियासत की बिसात पर की चर्चा। कार्यक्रम में उन्होंने कश्मीर के पत्रकार अनीस ज़रगर और…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License