NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
ईएसआई के मुद्दे पर सरकार ने आख़िरकार दिया जवाब
सरकार ने सोमवार को मान लिया है कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के तहत सरकार के पास 75 हजार करोड़ रुपये का स्थायी कोष (कॉर्पस फंड) है जो कर्मचारियों के हितों के लिहाज से उचित है। लेकिन इससे पहले सरकार ये मानने से इनकार करती रही है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Jul 2019
ईएसआई के मुद्दे पर सरकार ने आख़िरकार दिया जवाब

श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने सोमवार को मान लिया है कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के तहत सरकार के पास 75 हजार करोड़ रुपये का स्थायी कोष (कॉर्पस फंड) है जो कर्मचारियों के हितों के लिहाज से उचित है। लेकिन इससे पहले सरकार ये मानने से इनकार करती रही है और ईएसआई को ख़त्म करने के प्रयासों में लगी नज़र आई है। 1948 विंटेज की कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना, जिसने श्रमिकों और उनके परिवारों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं तक कुछ पहुँच प्रदान की थी, उसमें किया गया हालिया संशोधन, इस योजना को महत्वपूर्ण रूप से बेअसर करने की धमकी देता है। ईएसआई योजना के बारे में सरकार के ग़लत "सुधार" के मामले को ध्यान में रखते हुए, यह तय है कि सरकार का स्वास्थ्य बीमा पर संकीर्ण नज़रिया है और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की बड़ी ज़िम्मेदारी को समझने में वह पूरी तरह से अक्षम है।

ये तस्वीर सोमवार को बदलती हुई नज़र आई जब लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सौगत रॉय, प्रवेश वर्मा और कुछ अन्य सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर में गंगवार ने कहा कि ईएसआईसी के तहत पंजीकृत कर्मचारियों को बकाये का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि ईएसआईसी के तहत वर्तमान समय में 75 हजार करोड़ रुपये हैं जो कर्मचारियों के हित के लिए सही है। 

कुछ सदस्यों ने अपने क्षेत्रों में ईएसआईसी अस्पतालों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि वह इसका संज्ञान लेंगे।

प्रवेश वर्मा ने जब प्रश्न पूछने के दौरान अपने पिता और पूर्व श्रम मंत्री साहब सिंह वर्मा का उल्लेख किया तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि ‘साहब सिंह वर्मा ने श्रम मंत्री के तौर पर अच्छा काम किया था, उन्हें याद करना चाहिए।’

इसमें कोई संदेह नहीं है कि ईएसआई योजना में काफ़ी सुधार किया जा सकता है ताकि यह अपने जनादेश को बेहतर तरीक़े से पूरा करे। उदाहरण के लिए, ईएसआईसी राज्य सरकार द्वारा संचालित डिस्पेंसरी में सेवा की गुणवत्ता की निगरानी और उसको रेगुलेट करने में असमर्थ है। इसे सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय मानव संसाधन नियोजन में परिवर्तन भी लागू कर सकता है ताकि अधिकारी जवाबदेह बने रहें।

(भाषा से इनपुट के साथ)

Employees’ State Insurance
Employees’ State Insurance Corporation
Labour Ministry
ESI
public health
healthcare
Workers’ Rights
social security
BJP
NDA

Related Stories

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

यूपी: बीएचयू अस्पताल में फिर महंगा हुआ इलाज, स्वास्थ्य सुविधाओं से और दूर हुए ग्रामीण मरीज़

उत्तराखंड चुनाव 2022 : बदहाल अस्पताल, इलाज के लिए भटकते मरीज़!

यूपीः एनिमिया से ग्रसित बच्चों की संख्या में वृद्धि, बाल मृत्यु दर चिंताजनक

वैश्विक एकजुटता के ज़रिये क्यूबा दिखा रहा है बिग फ़ार्मा आधिपत्य का विकल्प

EXCLUSIVE: सोनभद्र के सिंदूर मकरा में क़हर ढा रहा बुखार, मलेरिया से अब तक 40 आदिवासियों की मौत

भारत में मरीज़ों के अधिकार: अपने हक़ों के प्रति जागरूक करने वाली ‘मार्गदर्शक’ किताब

प्रधानमंत्री मोदी का डिजिटल हेल्थ मिशन क्या प्राइवेसी को खतरे में डाल सकता है? 

डेंगू, बारिश से हुई मौतों से बेहाल यूपी, सरकार पर तंज कसने तक सीमित विपक्ष?

EXCLUSIVE :  यूपी में जानलेवा बुखार का वैरिएंट ही नहीं समझ पा रहे डॉक्टर, तीन दिन में हो रहे मल्टी आर्गन फेल्योर!


बाकी खबरें

  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव: सपा द्वारा पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का वादा मतदाताओं के बीच में असर कर रहा है
    02 Mar 2022
    2004 में, केंद्र की भाजपा सरकार ने सुनिश्चित पेंशन स्कीम को बंद कर दिया था और इसकी जगह पर अंशदायी पेंशन प्रणाली को लागू कर दिया था। यूपी ने 2005 में इस नई प्रणाली को अपनाया। इस नई पेंशन स्कीम (एनपीएस…
  • फिल्म लेखक और समीक्षक जयप्रकाश चौकसे का निधन
    भाषा
    फिल्म लेखक और समीक्षक जयप्रकाश चौकसे का निधन
    02 Mar 2022
    जयप्रकाश चौकसे ने ‘‘शायद’’ (1979), ‘‘कत्ल’’ (1986) और ‘‘बॉडीगार्ड’’ (2011) सरीखी हिन्दी फिल्मों की पटकथा तथा संवाद लिखे थे। चौकसे ने हिन्दी अखबार ‘‘दैनिक भास्कर’’ में लगातार 26 साल ‘‘परदे के पीछे’’ …
  • MAIN
    रवि शंकर दुबे
    यूपी की सियासत: मतदान से ठीक पहले पोस्टरों से गायब हुए योगी!, अकेले मुस्कुरा रहे हैं मोदी!!
    02 Mar 2022
    छठे चरण के मतदान से पहले भाजपा ने कई नये सवालों को जन्म दे दिया है, योगी का गढ़ माने जाने वाले गोरखपुर में लगे पोस्टरों से ही उनकी तस्वीर गायब कर दी गई, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी अकेले उन पोस्टरों में…
  • JSW protest
    दित्सा भट्टाचार्य
    ओडिशा: पुलिस की ‘बर्बरता’ के बावजूद जिंदल स्टील प्लांट के ख़िलाफ़ ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी
    02 Mar 2022
    कार्यकर्ताओं के अनुसार यह संयंत्र वन अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करता है और जगतसिंहपुर के ढिंकिया गांव के आदिवासियों को विस्थापित कर देगा।
  • CONGRESS
    अनिल जैन
    चुनाव नतीजों के बाद भाजपा के 'मास्टर स्ट्रोक’ से बचने की तैयारी में जुटी कांग्रेस
    02 Mar 2022
    पांच साल पहले मणिपुर और गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बहुमत के नजदीक पहुंच कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, दोनों राज्यों में भाजपा को कांग्रेस के मुकाबले कम सीटें मिली थीं, लेकिन उसने अपने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License