NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
CAA विरोध : जामिया नगर के जोगाबाई एक्सटेंशन का हाल
हर गली-नुक्कड़ पर लोग इसी को लेकर चर्चा कर रहे हैं। यहां के लोगों ने भी इस कानून के विरोध में अपनी-अपनी दुकानें रविवार और सोमवार को बंद रखी। उनका कहना है कि ये क़ानून संविधान विरोधी है।
एम.ओबैद
18 Dec 2019
JAMIA

 

जामिया नगर के जोगाबाई एक्सटेंशन में भी नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी को लेकर खूब चर्चा है। हर गली-नुक्कड़ पर लोग इसी को लेकर चर्चा कर रहे हैं। यहां के लोगों ने भी इस कानून के विरोध में अपनी-अपनी दुकानें रविवार और सोमवार को बंद रखी। यहां के दुकानदार और स्थानीय निवासी सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ़ विरोध दर्ज करने के लिए प्रदर्शनों में भी शामिल हुए। लोगों का मानना है कि नागरिकता संशोधित क़ानून देश के संविधान के ख़िलाफ है इसलिए वे प्रदर्शन में शामिल होकर अपना विरोध दर्ज कर रहे हैं।

जामिया नगर मुस्लिम आबादी वाला विशाल क्षेत्र है। यह जामिया मिल्लिया इस्लामिया से सटा हुआ है। यह क्षेत्र आवासीय होने के साथ-साथ व्यावसायिक भी है। लोग अपनी ज़रूरत की लगभग सभी चीजें यहां के बाज़ार से ही ख़रीदते हैं। सीएए और एनआरसी को लेकर जामिया यूनिवर्सिटी में छात्रों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन की ख़बर इस इलाक़े को लोगों को मिली जिसके बाद यहां के लोग भी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जामिया नगर के विभिन्न क्षेत्रों शाहीन बाग़, बटला हाउस और अन्य क्षेत्रों में पहुंच गए।

रविवार को सुबह के समय लोगों के प्रदर्शन में जाने की सुगबुगाहट देखी जा रही थी। दोपहर होते होते इलाक़े की सभी दुकानें बंद हो गई और स्थानीय लोग जिनमें दुकानदार भी शामिल थें वे प्रदर्शन स्थल की तरफ जाने लगे। इलाके से कई जुलूस निकाली गई जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। दवा को छोड़कर बाकी सारी दुकानें बंद थीं जिसके चलते रोज़मर्रा की वस्तुएं ख़रीदने के लिए स्थानीय लोग परेशान दिखे। कहीं-कहीं किराना की दुकान खुली मिली जिस पर लोग बड़ी तादाद में खड़ें होकर सामान लेने के लिए अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे थे।

होटल बंद होने से लोग परेशान

इस इलाक़े में बड़ी तादाद उन लोगों की भी है जो खाने पीने के लिए होटलों पर निर्भर हैं। इनमें छात्र, मज़दूर और अन्य लोग हैं जिनके परिवार गांव में रहते हैं। इनमें से ज़्यादातर लोगों के घर में खाना बनाने कोई इंतज़ाम नहीं है जिसके चलते वे खाना होटलों में खाते हैं। होटल बंद होने से लोग परेशान हुए। हालांकि अब हालात सामान्य हो रहे हैं।

एटीएम में पैसे नहीं

जोगाबाई और जोगाबाई एक्सटेंशन इलाक़े में विभिन्न बैंकों के लगभग 10-15 एटीएम है। रविवार दोपहर तक कुछ एटीएम में पैसे थे। नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर विरोध-प्रदर्शन के चलते यहां के एटीएम में पैसे नहीं डाले गए जिसके चलते लोग पैसा निकालने के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम जाते हुए दिखे।

ऑनलाइन सामानों की डिलीवरी रही बंद

जामिया नगर में हुई हिंसक झड़प को देखते हुए ई-कॉमर्स कंपनियों ने इस इलाक़े में सामानों को डिलीवरी नहीं की। इलाक़े के रहने वाले शहरोज बताते हैं, ‘मैंने शनिवार देर रात ऑनलाइन जैकेट बुक किया था जिसकी डिलीवरी रविवार को होनी थी जो मंगलवार तक नहीं हो पाई है।’

स्कूल रहे बंद

सीएए के ख़िलाफ़ तेज़ होते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली सरकार जामिया नगर सहित अन्य इलाक़ों की सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को सोमवार को बंद रखने का आदेश दिया था। जोगाबाई एक्सटेंशन के भी सभी स्कूल सोमवार को बंद रहे लेकिन कुछ प्राइवेट स्कूल को सुरक्षा के मद्देनज़र मंगलवार को भी बंद रखा गया।

गलियों में रही भीड़

प्रदर्शन में शामिल होकर लौटे लोग रविवार रात को जगह जगह पर समूह में बातचीत करते हुए खड़े दिखाई दिए। वे एनआरसी और सीएए को लेकर बात कर रहे थे। नाम न लेने की शर्त पर एक व्यक्ति कहते हैं, “नागरिकता संशोधन क़ानून पूरी तरह संविधान के ख़िलाफ़ है। अगर आप नागरिकता दे रहे हैं तो सभी धर्म के लोगों को दीजिए। किसी विशेष धर्म के लोगों को नागरिकता देना और विशेष धर्म के लोगों नागरिकता नहीं देना संविधान के ख़िलाफ़ है। नागरिकता देने का आधार धार्मिक नहीं होना चाहिए। हिंदुस्तान की आज़ादी में सभी धर्म के लोगों ने भाग लिया है। हर किसी का लहू शामिल है इस देश की मिट्टी में। हिंदुस्तान की एकता को बांटने की कोशिश नहीं होनी चाहिए और यह किसी भी हाल में सफल नहीं होने दी जाएगी। हर धर्म के लोग आपस में भाई हैं।”

हायर सेकेंड्री में पढ़ने वाले छात्र कहते हैं, “ये क़ानून लोगों को आपस में बांटकर शासन करने वाला क़ानून है। सरकार की पॉलिसी अंग्रेज़ों वाली है। आपस में लोगों को बांटकर ये शासन करना चाहती हैं। ये अपने मकसद में सफल नहीं हुए। सीएए का विरोध हर धर्म के लोग कर रहे हैं। इसमें सिर्फ मुस्लिम ही शामिल नहीं हैं। ये क़ानून संविधान के ख़िलाफ़ है इसलिए समझ रखने वाले लोग इसका विरोध कर रहे हैं और आगे भी उस वक्त तक करते रहेंगे जब तक इसे वापस नहीं ले लिया जाता है।”

CAA
CAB
NRC
Jamia
delhi police
Amit Shah
Narendra modi

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़


बाकी खबरें

  •  Punjab security lapse
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब में पीएम की "सुरक्षा चूक" पर पूरी पड़ताल!
    06 Jan 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे में आज अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे की। साथ ही वे नज़र डाल रहे हैं कि किस तरह मीडिया द्वारा किसानों को टारगेट किया जा रहा है
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेक : संबित ने जर्जर स्कूलों को सपा सरकार का बताया, स्कूल योगी सरकार के निकले
    06 Jan 2022
    एक बार फिर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्विटर पर फ़ेक न्यूज़ के ज़रिये विपक्ष पर निशाना साधने की कोशिश की है।
  • jnu
    रवि कौशल
    जेएनयू हिंसा के दो साल : नाराज़ पीड़ितों को अब भी है न्याय का इंतज़ार 
    06 Jan 2022
    ऐसा लगता है कि दिल्ली पुलिस की जांच भटक चुकी है। अब तक दोषियों की पहचान तक नहीं की जा सकी है।
  • punjab security
    शंभूनाथ शुक्ल
    'सुरक्षा चूक' की आड़ में राजनीतिक स्टंट?
    06 Jan 2022
    प्रधानमंत्री को एयरपोर्ट में पंजाब के अधिकारियों को दिए बयान से बचना चाहिए था। और जो कुछ करना था, वह सीधे गृह मंत्रालय के आला अधिकारी करते तो भविष्य में ऐसी किसी भी चूक से प्रशासन सतर्क रहते। तथा…
  • election
    सौरभ शर्मा
    यूपी: युवाओं को रोजगार मुहैय्या कराने के राज्य सरकार के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते हैं!
    06 Jan 2022
    लगभग 43 उम्मीदवारो को उत्तर प्रदेश में पिछले साल विभिन्न चिकित्सा विभागों द्वारा विभिन्न कोरोना लहरों के दौरान में रोजगार पर रखा गया था। बाद में इन्हें काम से मुक्त कर दिया गया। उन्होंने इस कदम के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License