NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
दिल्ली : एमसीडी के आश्वासन के बाद डीबीसी कर्मियों की हड़ताल ख़त्म
दिल्ली में लगभग 35,000 ऐसे कर्मचारी हैं जो पूरे साल घर-घर जाकर चेक करते हैं कि कहीं कोई मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसे बीमारियों का स्रोत तो नहीं है। लेकिन लंबे समय से उन्हें अपने मूलभूत अधिकार और अपने कर्मचारी होने के अस्तित्व के लिए सड़कों पर संघर्ष करना पड़ रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Jan 2020
dbc

सीआईटीयू के बैनर तले 6 जनवरी से हड़ताल कर रहे डीबीसी कर्मचारियों की मांगें मान ली गईं हैं, जिसके बाद उन्होंने अपनी हड़ताल ख़त्म कर दी है।

दिल्ली में लगभग 35,000 ऐसे कर्मचारी हैं जो पूरे साल घर-घर जाकर चेक करते हैं कि कहीं कोई मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसे बीमारियों का स्रोत तो नहीं है। इसके साथ ही इनके स्रोतों को समाप्त भी करते हैं। लेकिन लंबे समय से उन्हें अपने मूलभूत अधिकार और अपने कर्मचारी होने के अस्तित्व के लिए सड़कों पर संघर्ष करना पड़ रहा है।

 

एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी संघ 24 सालों से काम कर रहे हैं। 3500 डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) हड़ताल पर हैं। ये कर्मचारी अपनी नौकरी को पक्का किए जाने और तब तक समान काम के लिए समान वेतन इत्यादि की मांग कर रहे हैं। इतनी ठंड के बावजूद ये कर्मचारी 6 जनवरी से लगातार रात-दिन दिल्ली के एमसीडी हेड ऑफिस यानी सिविक सेंटर पर धरने पर डटे हुए थे। मंगलवार 14 जनवरी को निगम के आला अधिकारियों द्वारा उनकी मांगे माने जाने के बाद अपनी हड़ताल खत्म कर दी।

यूनियन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि 24 सालों से जो दरवाजा बंद था उसके पार जाने का समय आ गया। हमारी जो जो मांगे मानी गईं वह इस प्रकार हैं-

]1. करुणामूलक (अनुकंपा) आधार पर 14 फाइलें रुकी हुई थीं। उनमें फरवरी अंत तक सभी को नौकरी दी जाएगी।
2. 4 दिसंबर 2019 को उच्च न्यायालय का 54 डीबीसी ने केस डाला था जिसके आधार पर बेलदार बराबर का ग्रेड-पे देने का ऑर्डर था। जो सिर्फ 54 लोगों पर अप्लाई होना था उसको आपकी यूनियन में सभी 3500 डीबीसी पर अप्लाई करने के लिए निगम को बाध्य किया जो कानूनी सलाह के लिए भेज दिया गया।
3. डिपार्टमेंट में सभी को दीपावली बोनस 6908 रुपये दिया जाता और हम सबको 1184 रुपये। उसे डिपार्टमेंट में कानूनन आधार पर हम सभी को बराबर दिया जाने पर कहा गया जिस पर लीगल डाक्यूमेंट्स भी दे दिए गए हैं।
4. 16 सितंबर 2019 को हुई मीटिंग इन नॉर्थ और साउथ और ईस्ट के साथ हुई उसी के आधार पर फरवरी अंत तक सबकी सीनियरिटी ली जाएगी और पोस्ट में कन्वर्ट करने के लिए कहा गया है।

यूनियन ने कहा कि हम 6 जनवरी से एक होकर लड़ रहे थे यह उसी का नतीजा है जो प्रशसन को हमरे सामने झुकना पड़ा। यूनियन के अध्यक्ष मदनपाल ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए मांगे माने जाने पर ख़ुशी तो ज़ाहिर की। इसके साथ ही उन्होंने कहा हम निगम के उस नुकसान को अपने काम से पूरा करेंगे जो इस हड़ताल से हुआ है। लेकिन इसके साथ ही चेतावनी भी दी की अगर हम कर्मचारियों के साथ धोखा हुआ तो हम फिर से अंदोलन करेंगे। 

 

 

 

 

DBC workers
DBC
Delhi
MCD
CITU

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • bose
    प्रबीर पुरकायस्थ
    मोदी सरकार और नेताजी को होलोग्राम में बदलना
    28 Jan 2022
    बोस की सच्ची विरासत को उनकी होलोग्राफिक छवि के साथ खत्म कर देना : बिना किसी सार और तत्व के प्रकाश तथा परछाइयों का खेल। यह लगातार मोदी सरकार की वास्तविक विरासत बनती जा रही है!
  • Taliban
    एम. के. भद्रकुमार
    पश्चिम ने तालिबान का सहयोजन किया 
    28 Jan 2022
    अफगानिस्तान में हो रही घटनाओं पर प्रतिबिंबों की श्रंखला में इस बार के लेख में इंगित  किया गया है कि कैसे पश्चिमी राजनयिकों और तालिबान अधिकारियों के एक कोर ग्रुप के बीच ओस्लो में हुए तीन दिवसीय…
  • up elections
    महेश कुमार
    यूपी चुनाव: पश्चिमी यूपी के लोग क्यों भाजपा को हराना चाहते हैं?
    28 Jan 2022
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है और किसान आंदोलन का गढ़ है। चर्चा से तो लगता है कि लोग बदलाव चाहते हैं।
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः योगी का दावा ग़लत, नहीं हुई किसानों की आय दोगुनी
    28 Jan 2022
    सदन में कृषि मंत्री का लिखित जवाब और नेशनल सैंपल सर्वे दोनों ही बताते हैं कि यूपी के किसानों की आय में 2015-16 की अपेक्षा मात्र 3 रुपये मासिक की वृद्धि हुई है।
  • covid
    डॉ. ए.के. अरुण
    बजट 2022-23: कैसा होना चाहिए महामारी के दौर में स्वास्थ्य बजट
    28 Jan 2022
    कुछ अपवादों को छोड़ दें तो 85 फ़ीसद अस्पताल और उपचार केन्द्र धन के अभाव में महज़ ढाँचे के रूप में खड़े हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License