NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली: नगर निगम के डीबीसी कर्मचारियों के वेतन में कटौती, टर्मिनेशन की भी धमकी  
बॉर्डर सील होने के कारण और परिवहन की व्यवस्था न होने की वजह से कुछ कर्मचारी दिल्ली में आकर ड्यूटी नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन उन्हें सुविधा देने की बजाय नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 May 2020
DBC

दिल्ली नगर निगम के डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) कर्मचारी एकबार फिर से सरकार की अनदेखी का शिकार हुए हैं। एक तो बिना किसी सुरक्षा के न्यूनतम वेतन पर कोरोना महामारी में सबसे आगे होकर लड़ते हैं। यहाँ तक कि इन्हें कई-कई महीने वेतन भी नहीं दिया जाता है। और उसमें में भी कटौती की जा रही और टर्मिनेशन की धमकी दी जा रही है।

एक तरफ तो सरकार द्वारा कहा गया था कि किसी भी कर्मचारी की लॉकडाउन के समय में तनख्वाह न काटी जाए, लेकिन निगम के डीबीसी कर्मचारियों द्वारा मेहनत करने के बाद भी उनकी तनख्वाह काट ली गई। इसको लेकर कर्मचारियों की यूनियन ‘एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन’ ने विरोध किया और सभी कर्मचारियों को पूरा वेतन देने को कहा है।

 आपको बता दें कि इन कर्मचारियों को 13 से 14 हजार वेतन मिलता है जो कि दिल्ली का न्यनतम वेतन है। इस महीने कई कर्मचारियों के वेतन में कटौती हुई है। किसी को 5 हज़ार तो किसी को 9 हज़ार की राशि दी गई है। इन्हें इस महीने जो वेतन मिला है वो मार्च महीने का है जबकि अप्रैल का महीना भी बीत चुका है। ये कर्मचारी करीब 25 सालों से काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों का कहना है कि वेतन इतना कम है कि इससे घर का गुजरा करना बहुत मुश्किल होता है। आज इस संकट के विभाग को साथ देना चाहिए था वह हमको डरा धमका रही है और साथ में टर्मिनेट करने का आदेश और चेतावनी भी जारी की जा रहा है।

 डीबीसी के कई कर्मचारी दिल्ली के बाहर जैसे गुड़गांव,फरीदाबाद और नोएडा जैसे इलाकों में, और कुछ तो हरियाणा के और भी दूर-दराज़ के इलाकों से आते हैं। लेकिन बॉर्डर सील होने के कारण और परिवहन की व्यवस्था न होने की वजह से ये कर्मचारी दिल्ली में आकर ड्यूटी नहीं कर पा रहे हैं, इसी को देखते हुए विभाग ने इन पर कार्रवाई करने का निर्णय किया।

इस पर कर्मचारियों का कहना है कि दिल्ली से बाहर से आने वाले लॉकडाउन की वजह से अपने घरों से निकलना और यहां पहुंचना दूभर हो रहा है। कैसे हम दिल्ली आकर काम करें। इनमें से अधिकतर कर्मचारी बसों और ट्रेनों से सफ़र कर दिल्ली आते थे लेकिन अभी सबकुछ बंद है।

कर्मचारियों के मुताबिक उन्होंने विभाग से कई बार कहा कि वो उनका दिल्ली में रहने या परिवहन का प्रबंध करे। लेकिन निगम प्रशासन ने ऐसा कुछ नहीं किया और अब बार-बार धमकी भरे नोटिस देकर नौकरी से निकालने की बात कर रहा है।

एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन ने कहा कि ऐसे कर्मचारी पूरी दिल्ली में 30 से 40 हैं, जो बहार से आते हैं। उन्होंने बताया कि साउथ दिल्ली में आज ग्रीन पार्क जोन की तनख्वाह जारी की गई जो मार्च की थी उसमें उनकी तनख्वाह काट दी गई साथ ही अन्य निगम और ज़ोन ने भी इस तरह का आदेश दिया हैं कि उनकी तनख्वाह काट दी जाए और साथ-साथ उन को टर्मिनेट भी कर दिया जाए।

एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने बताया कि उन्हें पग-पग पर मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है जबकि वे विभाग से कई बार इस विषय पर बातचीत कर चुके हैं लेकिन वो उनकी मदद के बजाय और मुश्किल खड़ी कर रहा है।

इन कर्मचारियों की ड्यूटी अभी सरकार ने कोरोना के संदिग्ध मरीजों की जांच और निगरानी, के साथ ही कोरोना हॉटस्पाट इलाकों में जागरूकता अभियान जैसे कामो में लगाई है। इस दौरान कई बार इन कर्मचारियों ने शिकायत की कि इन्हें PPE किट नहीं दिया जा रहा है। कई जगह तो स्थिति इतनी खराब है कि इन्हें मास्क और ग्लब्स तक नहीं दिए जाते हैं। इस सबके बाद भी यह लोग लगातार काम कर रहे हैं।

 

इससे कर्मचारियों में भरी रोष है। एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष देवानंद शर्मा का कहना है कि यह हमारा दुर्भाग्य ही तो है कि हमारा निगम प्रशासन और हमारे नेतागण हमारे किसी भी तरीके से साथ नहीं दे रहे हैं। न तो हमारी जीवन सुरक्षा और हमारे परिवार की सुरक्षा और साथ में जो दूर से आने वाले साथी जो यूपी और हरियाणा बॉर्डर पार से आने वाले कर्मचारी हैं जो कुल 30 से 40 कर्मचारी हैं। न उनको कोई सुविधा दे पा रहा है। इस अवस्था में कर्मचारियों का वेतन काट जाना दुःखद है। 

 

DBC workers
DBC
MCD
Delhi
Wage Cut
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत


बाकी खबरें

  • भाषा
    कांग्रेस की ‘‘महंगाई मैराथन’’ : विजेताओं को पेट्रोल, सोयाबीन तेल और नींबू दिए गए
    30 Apr 2022
    “दौड़ के विजेताओं को ये अनूठे पुरस्कार इसलिए दिए गए ताकि कमरतोड़ महंगाई को लेकर जनता की पीड़ा सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं तक पहुंच सके”।
  • भाषा
    मप्र : बोर्ड परीक्षा में असफल होने के बाद दो छात्राओं ने ख़ुदकुशी की
    30 Apr 2022
    मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को घोषित किया गया था।
  • भाषा
    पटियाला में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहीं, तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला
    30 Apr 2022
    पटियाला में काली माता मंदिर के बाहर शुक्रवार को दो समूहों के बीच झड़प के दौरान एक-दूसरे पर पथराव किया गया और स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को हवा में गोलियां चलानी पड़ी।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    बर्बादी बेहाली मे भी दंगा दमन का हथकंडा!
    30 Apr 2022
    महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक विभाजन जैसे मसले अपने मुल्क की स्थायी समस्या हो गये हैं. ऐसे गहन संकट में अयोध्या जैसी नगरी को दंगा-फसाद में झोकने की साजिश खतरे का बड़ा संकेत है. बहुसंख्यक समुदाय के ऐसे…
  • राजा मुज़फ़्फ़र भट
    जम्मू-कश्मीर: बढ़ रहे हैं जबरन भूमि अधिग्रहण के मामले, नहीं मिल रहा उचित मुआवज़ा
    30 Apr 2022
    जम्मू कश्मीर में आम लोग नौकरशाहों के रहमोकरम पर जी रहे हैं। ग्राम स्तर तक के पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर जिला विकास परिषद सदस्य अपने अधिकारों का निर्वहन कर पाने में असमर्थ हैं क्योंकि उन्हें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License