NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
संस्कृति
फिल्में
कला
समाज
भारत
राजनीति
100 से ज़्यादा फिल्मकारों की भाजपा को वोट न देने की अपील
इन फिल्मकारों का मानना है कि भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए के शासनकाल में धुव्रीकरण और घृणा की राजनीति में बढ़ोतरी हुई है। दलितों, मुसलमान और किसानों को हाशिये पर धकेल दिया गया है। सांस्कृतिक और वैज्ञानिक संस्थानों को लगातार कमजोर किया जा रहा है और सेंसरशिप में बढ़ोतरी हुई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Mar 2019
film maker
image courtsey - the week

चुनावों के दौरान फिल्मी जगत का रवैया भी नज़र रखने लायक होता है। बाज़ार की चालाकियों को अपनाकर पैसा कमाने वाले ज्यादातर कलाकार चुनावों के दौरान परंपरागत पार्टियों में से किसी एक का हिस्सा बनते हैं। इनके लिए बोलते हैं, प्रचार करते हैं और गोलबंदी बनाने का काम करते हैं। लेकिन कुछ फिल्मकार ऐसे होते हैं जिन्हें बाजार की चालाकियों से कोई लेना देना नहीं होता। बाज़ार जिनपर रत्ती भर भी प्रभाव नहीं डालता। जिनका असल मकसद समाज की हक़ीक़त को दिखाना होता है। मानवीय संवेदनाओं का झकझोर कर एक संवेदनशील समाज बनाना होता है। ये चुपचाप अपना काम करते रहते हैं। ऐसे ही बहुत से कलाकार इन दिनों परेशान और बचैन हैं। वजह है देश के हालात। शायद यही वजह है कि ये अब खुलकर सामने आए हैं और चुनाव के संदर्भ में अपना स्टैंड साफ किया है। ऐसी ही 100 से अधिक फिल्मकारों ने जनता से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आगामी आम चुनावों में  वोट ना देने  की अपील की है।

अंग्रेजी अख़बार ‘द हिंदू’ में छपी ख़बर के मुताबिक 100 से अधिक फिल्म निर्माता, जिनमें अधिकांश स्वतंत्र फिल्म निर्माता हैं, लोकतंत्र बचाओ मंच के तहत एकजुट हुए हैं। उन्होंने लोगों से भाजपा को वोट न देने की अपील की है। इनमें आनंद पटवर्धन, एसएस शशिधरन, सुदेवन, दीपा धनराज, गुरविंदर सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, कबीर सिंह चौधरी, अंजलि मोंटेइरो, प्रवीण मोरछले देवाशीष मखीजा और फेस्टिवल के निर्देशक और संपादक बीना पॉप जैसे नामी फिल्मकार भी शामिल हैं। उन्होंने अपना यह बयान शुक्रवार को आर्टिस्ट यूनाइट इंडिया डॉट कॉम वेबसाइट पर डाला है।  

इनका मानना है कि भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए के शासनकाल में धुव्रीकरण और घृणा की राजनीति में बढ़ोतरी हुई है। दलितों, मुसलमान और किसानों को हाशिये पर धकेल दिया गया है। सांस्कृतिक और वैज्ञानिक संस्थानों को लगातार कमजोर किया जा रहा है और सेंसरशिप में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा और भी अन्य कारण हैं। फिल्म निर्माताओं का मानना है कि आगामी लोकसभा चुनाव में समझदारी से मतदान नहीं करेंगे तो फासीवाद हमें मुश्किल में डाल देगा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि 2014 में भाजपा सत्ता में आने के बाद से देश का धार्मिक रूप से धुव्रीकरण किया किया जा रहा है और सरकार अपने वादों को पूरा करने में पूरी तरह से विफल रही है। उनका आरोप है कि मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा हत्या) और गोरक्षा के नाम पर देश को सांप्रदायिकता के आधार पर बांटा जा रहा है। बयान में कहा गया है कि भाजपा देशभक्ति को तुरुप के इक्के की तरह इस्तेमाल कर रही है। कोई भी व्यक्ति या संस्था सरकार के प्रति थोड़ी सी भी असहमति जताता है तो उसे राष्ट्र विरोधी या देशद्रोही करार दिया जाता है। उन्होंने ये भी आरोप लगाया है कि भाजपा देशभक्ति को अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर रही है। साथ ही सशस्त्र बलों को अपनी रणनीति में शामिल करके राष्ट्र को युद्ध में उलझाने की कोशिश कर रही है।

filmmaker
over 100 filmkaker
anand patvardhan
vote against bjp
unite aganist facism
Dalit atrocities

Related Stories

आर्टिकल 15 : लेकिन राजा की ज़रूरत ही क्या है!

हमारा समाज भिन्न-भिन्न स्तरों पर महिलाओं और दलितों के खिलाफ पूर्वागृह रखता है - एक नया अध्ययन

'मॉडल' गुजरात में दलितों की बदतर जिंदगी


बाकी खबरें

  • तो इतना आसान था धर्म संसद को रोकना? : रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट
    सत्यम् तिवारी
    तो इतना आसान था धर्म संसद को रोकना? : रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट
    27 Apr 2022
    डाडा जलालपुर में महापंचायत/धर्म संसद नहीं हुई, एक तरफ़ वह हिन्दू हैं जो प्रशासन पर हिन्दू विरोधी होने का इल्ज़ाम लगा रहे हैं, दूसरी तरफ़ वह मुसलमान हैं जो सोचते हैं कि यह तेज़ी प्रशासन ने 10 दिन पहले…
  • Taliban
    स्टीफन नेस्टलर
    तालिबान: महिला खिलाड़ियों के लिए जेल जैसे हालात, एथलीटों को मिल रहीं धमकियाँ
    27 Apr 2022
    तालिबान को अफ़गानिस्तान पर नियंत्रण किए हुए आठ महीने बीत चुके हैं और इतने समय में ही ये देश समाचारों से बाहर हो गया है। ओलिंपिक में भाग लेने वाली पहली अफ़गान महिला फ्रिबा रेज़ाई बड़े दुख के साथ कहती हैं…
  • modi
    न्यूज़क्लिक टीम
    100 राजनयिकों की अपील: "खामोशी से बात नहीं बनेगी मोदी जी!"
    27 Apr 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में अभिसार डिप्लोमैट्स द्वारा प्रधानमंत्री को लिखी गयी चिट्ठी पर बात कर रहे हैं।
  • Stan swamy
    अनिल अंशुमन
    ‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण
    27 Apr 2022
    ‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’ पुस्तक इस लिहाज से बेहद प्रासंगिक है क्योंकि इसमें फ़ादर स्टैन स्वामी द्वारा सरकारों की जन-विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ लिखे गए चर्चित निबंधों का महत्वपूर्ण संग्रह किया गया है…
  • SHOOTING RANGE
    रवि शंकर दुबे
    लखनऊ: अतंर्राष्ट्रीय शूटिंग रेंज बना आवारा कुत्तों की नसबंदी का अड्डा
    27 Apr 2022
    राजधानी लखनऊ में बने अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग रेंज को इन दिनों आवारा कुत्तों की नसबंदी का केंद्र बना दिया गया है, जिस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License