NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार के 24 नए एमएलसी में 15 दाग़ी : एडीआर रिपोर्ट
नए एमएलसी में 63 फ़ीसदी पर आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं अर्थात 15 एमएलसी दाग़ी हैं जबकि सभी करोड़पति हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Apr 2022
bihar

हाल में बिहार में नवनिर्वाचित 24 एमएलसी को लेकर एडीआर ने रिपोर्ट जारी की है। एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक नए एमएलसी में 63 फीसदी पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं अर्थात 15 एमएलसी दागी हैं जबकि सभी करोड़पति हैं। इनकी औसत संपत्ति 75.63 करोड़ है। इनमें भाजपा के सात सदस्यों की औसत संपत्ति 49.86 करोड़, राजद के छह सदस्यों की औसत संपत्ति 23.50 करोड़ और जदयू के पांच सदस्यों की औसत संपत्ति 26.80 करोड़ रुपये है। वहीं जीत कर आए चार निर्दलीय सदस्यों की औसत संपत्ति 282.88 करोड़ रुपये है।

पार्टी आधार पर औसत संपत्ति

ज्ञात हो कि बिहार विधान परिषद के स्थानीय निकाय कोटे की 24 सीटों के लिए गत 4अप्रैल को मतदान हुआ। इसके बाद सात अप्रैल को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम जारी किए गए थे। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार 24 नए एमएलसी की औसत संपत्ति 75.63 करोड़ रुपये है।

आपराधिक पृष्ठभूमि

एडीआर ने नवनिर्वाचित एमएलसी के शपथ पत्रों का विश्लेषण कर अपनी रिपोर्ट गुरुवार को जारी की। इस रिपोर्ट के अनुसार 63 फीसदी एमएलसी पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 11 फीसदी पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं एक एमएलसी पर हत्या तथा चार पर हत्या के प्रयास का भी मामला दर्ज है।

पार्टी आधार पर औसत आपराधिक मामले

पार्टी के अनुसार इन एमएलसी पर आपराधिक मुकदमें की बात करें तो बीजेपी के 4, आरजेडी के 5, तथा जदयू के 3 एमएलसी पर आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। भाजपा के सात में तीन, राजद में छह में तीन और जदयू के पांच में तीन सदस्यों ने अपने उपर गंभीर आपराधिक मामले की जानकारी दी है।


नवनिर्वाचित एमएलसी की शैक्षणिक स्थिति

शिक्षा की बात की जाए तो 58 फीसदी अर्थात 14 सदस्यों ने स्नातक या उससे अधिक पढ़ाई की है। 38 फीसदी अर्थात 9 सदस्यों ने आठवीं से बारहवीं तक की शिक्षा हासिल की है। नवनिर्वाचित सदस्यों में से एक ने केवल साक्षर होने की बात बताई है। मधुबनी से जीतकर आईं अंबिका गुलाब यादव साक्षर हैं, जबकि कटिहार से भाजपा के जीते अशोक कुमार अग्रवाल और भोजपुर से जदयू के जीते राधाचरध सेठ आठवीं पास हैं। वहीं पूर्णिया के दिलीप कुमार जायसवाल और सहरसा से जीते राजद के अजय कुमार सिंह पीएचडी डिग्रीधारी हैं।

तीन महिलाओं ने जीत दर्ज की

13 फीसदी अर्थात तीन सदस्य महिलाएं चुनाव जीत कर आई हैं। 24 में 16 सदस्यों ने अपने पेशे में व्यवसाय का उल्लेख किया है।

सदस्यों के पेशे

मधुबनी से जीत कर आईं अंबिका गुलाब यादव ने खुद को हाउस वाइफ बताया है। वहीं, भागलपुर से जीते जदयू के विजय कुमार सिंह ने समाज सेवा, मुजफ्फरपुर से जीते दिनेश सिंह ने खेती और मकान किराये को अपना पेशा बताया है। दरभंगा से जीते भाजपा के सुनील चौधरी ने व्यवसाय में राजनीति, रोहतास से जीते भाजपा के संतोष कुमार सिंह ने विधान परिषद के पूर्व सदस्य होने, समस्तीपुर से जीते भाजपा के तरुण कुमार ने समाजसेवा और मकान किराया, पूर्णिया से जीते भाजपा के दिलीप कुमार जायसवाल ने एमजीएम मेडिकल काॅलेज, किशनगंज में प्राइवेट नाैकरी करने की जानकारी दी है।

सदस्यों की औसत आयु

उम्र की बात की जाए तो 62 फीसदी अर्थात 15 सदस्यों की उम्र 50 से ऊपर और 38 फीसदी अर्थात नौ सदस्यों की उम्र 50 से कम है।

Bihar
MLCs in Bihar
ADR Report
Member of Legislative Council
criminal candidates

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी


बाकी खबरें

  • Moscow
    एम. के. भद्रकुमार
    भारत ने खेला रूसी कार्ड
    06 Nov 2021
    पुतिन की दिल्ली यात्रा से कुछ हफ्ते पहले इस महीने के अंत में मास्को में रूसी-भारतीय "2+2" मंत्रिस्तरीय की पहली बैठक घटनापूर्ण या महत्वपूर्ण होने वाली है क्योंकि यह वाशिंगटन में मंत्रिस्तरीय यूएस-…
  • Dalit-Adivasi education
    राज वाल्मीकि
    महामारी से कितनी प्रभावित हुई दलित-आदिवासी शिक्षा?
    06 Nov 2021
    हाल ही में नेशनल कैंपेन ऑन दलित ह्यूमन राइट्स  ने दलित आदिवासियों की शिक्षा पर एक अध्ययन किया। इस अध्ययन में अपेक्षा से अधिक दुखद तथ्य सामने आए हैं।
  • lakshwdeep
    अयस्कांत दास
    भारत में सबसे कम जेल में रहने की दर होने के बावजूद लक्षद्वीप को पांचवीं जेल की आवश्यकता क्यों है?
    06 Nov 2021
    पूरे देश में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तुलना में लक्षद्वीप में जेल में रह रहे कैदियों की तादाद सबसे कम 6 फीसदी है। इसकी तुलना में दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश में जेल अधिभोग दर क्रमशः 174.9…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 10,929 नए मामले, 392 मरीज़ों की मौत
    06 Nov 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.43 फ़ीसदी यानी 1 लाख 46 हज़ार 950 हो गयी है।
  • brick workers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: ईंट-भट्ठा उद्योग के बंद होने से संकट का सामना कर रहे एक लाख से ज़्यादा श्रमिक
    06 Nov 2021
    बशीरहाट के ईंट-भट्ठों को फिर से खोलने की अपनी मांग को लेकर बड़ी संख्या में भट्ठा मज़दूर मंगलवार को उत्तर 24 परगना ज़िला प्रशासन कार्यालय पहुंचे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License