NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
शामली: मॉब लिंचिंग का शिकार बना 17 साल का समीर!, 8 युवकों पर मुकदमा, एक गिरफ़्तार
क्या पश्चिमी यूपी ख़ासतौर से मुज़फ़्फ़रनगर और आसपास किसान आंदोलन के चलते बनी ऐतिहासिक हिन्दू-मुस्लिम एकता को एकबार फिर तोड़ने की कोशिशें की जा रही हैं। दरअसल यह सवाल इसलिए उठा है क्योंकि मुज़फ़्फ़रनगर के पड़ोसी ज़िले शामली में 17 साल के एक मुस्लिम युवक को कुछ युवकों ने मामूली विवाद में पीट-पीटकर मार डाला।
ज़ाकिर अली त्यागी
11 Sep 2021
मॉब लिंचिंग का शिकार बना 17 साल का समीर!, 8 युवकों पर मुकदमा दर्ज, एक गिरफ़्तार
समीर के लिए इंसाफ़ मांगते परिजन

साल 2013 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का ज़िला मुज़फ़्फ़रनगर एक अफ़वाह के चलते जल गया था। उस समय हुए सांप्रदायिक हमले या दंगें के ज़ख़्म आज तक नहीं भरे। देशभर में चल रहे किसान आंदोलन के चलते धीरे-धीरे फिर यहां एकता स्थापित हो रही है। अभी 5 सितंबर को मुज़फ़्फ़रनगर में हुई ऐतिहासिक किसान महापंचायत ने हिन्दू-मुस्लिम एकता का एक नया संदेश दिया जिससे सत्ता पक्ष तक में खलबली मच गई। शायद यही वजह है कि कुछ लोगों को यह एकता रास नहीं आ रही।

इस कड़ी में 17 साल के मुस्लिम युवक समीर की हत्या की घटना देखी जा सकती है। वजह और भी हो सकती हैं, लेकिन मूल में कहीं न कहीं इस इलाके की शांति और एकता को भंग करने की कोशिश ही मिलेगी।

पुलिस ने इस मामले में 8 युवकों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज किया है, फ़िलहाल एक आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

शामली के बनत कस्बा निवासी 17 वर्षीय समीर, झिंझाना में गाड़ी मैकेनिक की दुकान पर काम करता था। बीते बुधवार, 8 सितंबर की बात है, वो अपने छोटे भाई आसिफ़ चौधरी के साथ एक बस से घर लौट रहा था। परिजनों की मानें तो बस में भीड़ अधिक होने के कारण समीर की कोहनी, बस में यात्रा कर रहे बनत कस्बा निवासी वतन राज (पुत्र सोनपाल) के पेट मे लग गई, गुस्साए वतन राज ने अपने साथियों के साथ मिलकर समीर व उसके छोटे भाई को अगले दिन बस स्टैंड पर घेर लिया, और समीर को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी मौत ही हो गई।

मृतक समीर के साथ मौज़ूद उसके छोटे भाई आसिफ़ ने न्यूज़क्लिक के लिए बताया कि बस से उतरते समय एक युवक ने समीर को पकड़ लिया। उन्होंने समीर को पकड़ा और कई बार ऊपर उठाकर सर के बल सड़क पर पटक दिया। जिससे समीर बेहोश हो गया। गम्भीर चोटें आने के बाद वे समीर को अधमरा छोड़कर फ़रार हो गए।

आसिफ़ ने आगे बताया ''मैं शोर मचाता रहा और भीड़ भी जमा हुई, लेकिन जब हमलावार भाग गए तब जाकर लोग मदद के लिए आगे बढ़े। उनकी मदद से मैं अपने भाई को अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।''

समीर के ताऊ ने आगे की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा "जानकारी होने के बाद हम लोग घटनास्थल पर पहुंचे। समीर को पीटने वाले सभी आरोपियों के नाम आसिफ़ के द्वारा मालूम हुए। आसिफ़ के अनुसार हमला करने वाले सभी आरोपी हिन्दू जाट थे''

समीर के ताऊ ने आगे कहा ''सभी हमलावर दबंग हैं, जो आये दिन कमज़ोर व्यक्तियों को पीटते रहते हैं। कुछ आरोपी हाल ही में जेल से रिहा होकर आये हैं। इसलिए मैं दावे से कह सकता हूं कि पुलिस सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड जानती है। यह सभी लोग शहर का माहौल ख़राब करना चाहते हैं, लेकिन हमने समीर के शव को लेकर कोई हंगामा नहीं किया। क्योंकि हम माहौल ख़राब करके उनके मक़सद को पूरा नही करना चाहते हैं। हम पुलिस स्टेशन गये और सभी आरोपियों के ख़िलाफ़ नामज़द FIR दर्ज कराई है।''

घर में कमाने वाला अकेला था समीर

समीर के पिता की 2 साल पहले कैंसर से मौत हो चुकी है, जिस वजह से समीर कम उम्र से ही कमाने लगा था। उसकी कमाई से ही घर चलता था। समीर के ताऊ का कहना है कि इस मामले में सरकार से समीर के परिवार को मुआवजा देने की अपील करूँगा"

आरोपियों का पक्ष

जब हमने आरोपियों के परिजनों से इस मामले की जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क करने की कोशिश की, तो पड़ोसियों ने बताया कि पुलिस की दबिश के कारण आरोपियों के परिजन घरों से फ़रार हैं, इसलिए हमारा आरोपियों के परिजनों से संपर्क नही हो सका।

पुलिस का क्या कहना है

आदर्श मंडी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर सुनील ने बताया "समीर अपने काम से लौट रहा था, 8 युवकों ने उसे पकड़ा और पीटा, ज़्यादा चोट लगने के कारण युवक की मौत हो गई। हमने इस मामले में 8 युवकों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया है जिसमें वरदान चौधरी नाम के आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है, आगे बाक़ी के आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जायेगा।''

जब हमने इंस्पेक्टर सुनील नेगी से आरोपियों के विरुद्ध दर्ज पिछले आपराधिक मामलों की जानकारी मांगी तो नेगी ने जानकारी देने से इनकार करते हुए हमें बताया कि जांच का विषय है जांच के बाद ही कुछ बता सकते हैं।

ज़ाकिर अली स्वतंत्र पत्रकार हैं

UttarPradesh
shamli
mob lynching
Shamli Lynching
muzaffarnagar
kisan andolan
Hindu-Muslim Unity
Religion and Politics
UP police
Yogi Adityanath

Related Stories

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!


बाकी खबरें

  • एम.ओबैद
    एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे
    26 Apr 2022
    चयनित शिक्षक पिछले एक महीने से नियुक्ति पत्र को लेकर प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन मांग पूरी न होने पर अंत में आमरण अनशन का रास्ता चयन किया।
  • अखिलेश अखिल
    यह लोकतांत्रिक संस्थाओं के पतन का अमृतकाल है
    26 Apr 2022
    इस पर आप इतराइये या फिर रुदाली कीजिए लेकिन सच यही है कि आज जब देश आज़ादी का अमृतकाल मना रहा है तो लोकतंत्र के चार प्रमुख स्तम्भों समेत तमाम तरह की संविधानिक और सरकारी संस्थाओं के लचर होने की गाथा भी…
  • विजय विनीत
    बलिया पेपर लीक मामला: ज़मानत पर रिहा पत्रकारों का जगह-जगह स्वागत, लेकिन लड़ाई अभी बाक़ी है
    26 Apr 2022
    "डबल इंजन की सरकार पत्रकारों को लाठी के जोर पर हांकने की हर कोशिश में जुटी हुई है। ताजा घटनाक्रम पर गौर किया जाए तो कानपुर में पुलिस द्वारा पत्रकारों को नंगाकर उनका वीडियो जारी करना यह बताता है कि…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जन आंदोलनों के आयोजन पर प्रतिबंध अलोकतांत्रिक, आदेश वापस लें सरकार : माकपा
    26 Apr 2022
    माकपा ने सवाल किया है कि अब जन आंदोलन क्या सरकार और प्रशासन की कृपा से चलेंगे?
  • ज़ाहिद खान
    आग़ा हश्र काश्मीरी: गंगा-ज़मुनी संस्कृति पर ऐतिहासिक नाटक लिखने वाला ‘हिंदोस्तानी शेक्सपियर’
    26 Apr 2022
    नाट्य लेखन पर शेक्सपियर के प्रभाव, भारतीय रंगमंच में महत्वपूर्ण योगदान और अवाम में उनकी मक़बूलियत ने आग़ा हश्र काश्मीरी को हिंदोस्तानी शेक्सपियर बना दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License