NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
भारत के 1.8 करोड़ प्रवासी रह रहे हैं दूसरे देशों में : संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट
रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), अमेरिका और सऊदी अरब में सबसे ज्यादा प्रवासी भारतीय हैं।
भाषा
16 Jan 2021
संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में सबसे ज्यादा, भारत के 1.8 करोड़ प्रवासी दूसरे देशों में रह रहे हैं। इसमें कहा गया है कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), अमेरिका और सऊदी अरब में सबसे ज्यादा प्रवासी भारतीय हैं।

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग (यूएन-डीईएसए) के जनसंख्या खंड द्वारा जारी रिपोर्ट ‘इंटरनेशनल माइग्रेशन 2020 हाईलाइट्स’ में कहा गया है कि दुनिया में सबसे ज्यादा प्रवासी भारतीय हैं और वे कई देशों में रह रहे हैं।

वर्ष 2020 में भारत के 1.8 करोड़ लोग दूसरे देशों में रह रहे थे। भारत के बाद मेक्सिको और रूस (दोनों 1.1 करोड़), चीन (एक करोड़) और सीरिया (80 लाख) के लोग दूसरे देशों में हैं।

दूसरे देशों में रह रहे भारतीयों की सबसे बड़ी आबादी संयुक्त अरब अमीरात (35 लाख), अमेरिका (27 लाख), सऊदी अरब (25 लाख) में रहती है।

रिपोर्ट में कहा गया कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, कुवैत, ओमान, पाकिस्तान, कतर और ब्रिटेन में भी प्रवासी भारतीयों की अच्छी खासी आबादी है।

United nations
UN report
Indian Migrants

Related Stories

मानवाधिकार संगठनों ने कश्मीरी एक्टिविस्ट ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग की

विश्व आदिवासी दिवस पर उठी मांग, ‘पेसा कानून’ की नियमावली जल्द बनाये झारखंड सरकार

दुनिया में हर जगह महिलाएँ हाशिए पर हैं!

खोरी गांव: मकानों को टूटने से बचाने के लिए यूनाइटेड नेशन को भेजा ज्ञापन

संयुक्त राष्ट्र खाद्य प्रणाली शिखर सम्मेलन: भारत पर इसका असर और नागरिक समाज के बहिष्कार का कारण

दुनिया की हर तीसरी महिला है हिंसा का शिकार : डबल्यूएचओ रिपोर्ट

उत्तराखंड में जरूरत पड़ने पर बचाव एवं राहत कार्यों में मदद देंगे : संरा महासचिव

वर्ल्ड फूड प्रोग्राम को मिले नोबेल शांति पुरस्कार का क्या अर्थ है?

ब्लॉग: क्या बच्चों के लिए 2020 उम्मीदों, सपनों और आकांक्षाओं के टूट जाने का साल है?

भारत में 2020 तक चार करोड़ 58 लाख महिलाएं हुई लापता: यूएन रिपोर्ट


बाकी खबरें

  • Anganwadi workers
    रौनक छाबड़ा
    हरियाणा: हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकार्ताओं के आंदोलन में अब किसान और छात्र भी जुड़ेंगे 
    08 Mar 2022
    आने वाले दिनों में सभी महिला कार्यबलों से सम्बद्ध यूनियनों की आस ‘संयुक्त महापंचायत’ पर लगी हुई है; इस संबंध में 10 मार्च को रोहतक में एक बैठक आहूत की गई है।
  • refugee crisis
    एपी
    रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 
    08 Mar 2022
    अमेरीका ने रूस से आयात होने वाले तेल पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानूनी मुहिम शुरू की, तो दूसरी तरफ जेलेंस्की ने रूस को चिकित्सा आपूर्ति मार्ग पर हुआ समझौता याद दिलाया।
  • राज कुमार
    गोवा चुनावः कौन जीतेगा चुनाव और किसकी बनेगी सरकार?
    08 Mar 2022
    इस बार भाजपा के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है क्योंकि तमाम विपक्षी दल भाजपा को हराने के लिए लड़े हैं और ये स्थिति कांग्रेस के पक्ष में जाती है।
  • privatization of railways
    सतीश भारतीय
    निजी ट्रेनें चलने से पहले पार्किंग और किराए में छूट जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं!
    08 Mar 2022
    रेलवे का निजीकरण गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर वजन लादने जैसा है। क्योंकि यही वर्ग व्यवसाय और आवाजाही के लिए सबसे ज्यादा रेलवे पर आश्रित है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की घटकर 50 हज़ार से कम हुई
    08 Mar 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 3,993 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.12 फ़ीसदी यानी 49 हज़ार 948 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License