NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
जनवरी में फ़्रांस के हवाई हमले में माली में 19 निहत्थे नागरिक मारे गए : यूएन रिपोर्ट
फ़्रांस द्वारा मृतकों को "सशस्त्र विद्रोही" कहे जाने के दावे के बाद यूएन मिशन इन माली को इस घटना की जांच करनी पड़ी।
पीपल्स डिस्पैच
31 Mar 2021
F

संयुक्त राष्ट्र की एक जांच ने मंगलवार 30 मार्च को निष्कर्ष में पाया कि जनवरी महीने में शादी की एक पार्टी में फ्रांस के हवाई हमले में 19 निहत्थे नागरिक मारे गए। फ्रांस द्वारा ये दावा किया गया था कि यह शादी का समारोह नहीं था और जो लोग मारे गए थे वे आतंकी समूह से जुड़े सशस्त्र विद्रोही थे। इस दावे के बाद यूनाइटेड नेशन मिशन इन माली( एमआईएनयूएसएमए) ने इस जांच को किया था।

सैकड़ों लोगों से साक्षात्कार के आधार पर इस जांच के निष्कर्ष में सामने आया है कि बाउंटी नाम के एक गांव में शादी की एक पार्टी थी जिस पर फ्रांसीसी हवाई जहाजों ने हमला किया था। इस हमले में 22 लोग मारे गए थे और इनमें से केवल तीन लोगों के पास हथियार थे। माना जाता है कि हथियारबंद लोग कथित तौर पर अल-कायदा से लिंक रखने वाले कातिबा सरमा से जुड़े थे।

हालांकि, शादी की इस पार्टी में 100 से अधिक लोग मौजूद थे और उनमें से अधिकांश नागरिक थे "जो अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत सुरक्षा दिए गए लोग" हैं और इस हमले ने फ्रांस द्वारा शत्रुता के आचरण के स्वीकृत सिद्धांतों का उल्लंघन किया। रिपोर्ट में इन बिंदुओं का खुलासा किया गया 

फ्रांस की सेना ने दावा किया था कि उसने 3 जनवरी को हमले में लगभग 30 "विद्रोही लड़ाके" को मार डाला था। इसने विद्रोही लड़ाकों की भीड़ बताते हुए शादी पार्टी के दावों से इंकार किया था। इसी को लेकर एमआईएनयूएसएमए ने जांच की 

25 मार्च को इसी तरह के हवाई हमले में फ्रांसीसी वायु सेना ने उत्तरी माली में छह नागरिकों को मार डाला था।

20 लाख से अधिक की आबादी वाले एक पश्चिम अफ्रीकी देश माली ने सेना के साथ राजनीतिक अशांति का एक और दौर देखा है जहां सेना अक्सर देश के शासन में हस्तक्षेप करती है।

फ्रांस ने तुआरेग क्षेत्र में उत्तरी प्रांतों की मुक्ति के लिए आंदोलन शुरु होने के बाद 2013 से देश में अपने हजारों सैनिकों (5000 से अधिक) को तैनात किया है। साल 2015 में देश के मध्य भागों में एक अलग विद्रोह शुरू हुआ।

फ्रांस का दावा है कि ये विद्रोह अल-कायदा से संबद्ध सशस्त्र आतंकवादी समूहों द्वारा शुरु किए गए हैं। हालांकि, स्थानीय स्रोत इस दावे के उलट है और बताता है कि ये विद्रोह माली में केंद्रीय सरकारों द्वारा इस क्षेत्र में लोगों की उपेक्षा का परिणाम है। इन सरकारों ने फ्रांस और अन्य औपनिवेशिक शक्तियों के साम्राज्यवादी हितों का निर्माण किया है जो देश की प्राकृतिक संसाधनों में रुचि रखते थे।

 


बाकी खबरें

  • अरुण कुमार त्रिपाठी
    विचार: योगी की बल्ले बल्ले, लेकिन लोकतंत्र की…
    27 Mar 2022
    अंतरराष्ट्रीय पूंजी ने आधुनिक किस्म के हिंदुत्व के साथ एक तालमेल बिठा लिया है। अब इसे मनुवादी कहना और ब्राह्मणवादी कहना एकदम से सटीक नहीं बैठता। इसमें सत्ता में भागीदारी का पूरा इंतजाम किया गया है।
  • international
    न्यूज़क्लिक टीम
    रूस-यूक्रेन युद्धः क्या चल रहा बाइडन व पुतिन के दिमाग़ में
    26 Mar 2022
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने युक्रेन युद्ध के एक महीने होने के बाद चल रहे दांवों पर न्यूज़ क्लिक के एडिटर-इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ से बातचीत की। इसमें रूस की रणनीति के साथ-साथ…
  • रवि शंकर दुबे
    IPL 2022:  नए नियमों और दो नई टीमों के साथ टूर्नामेंट का शानदार आगाज़
    26 Mar 2022
    आईपीएल 2022 का आगाज़ हो चुका है, इस बार कई नियमों में बदलाव किए गए हैं तो लखनऊ और गुजरात की टीमों ने भी एंट्री मार ली है। ऐसे में क्रिकेट फैंस के लिए टूर्नामेंट बेहद रोचक होने वाला है।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या RSS योगी में देखता है मोदी का उत्तराधिकारी
    26 Mar 2022
    यूपी में दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक कद अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है. भारतीय जनता पार्टी-शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियो में अब उनकी बराबरी कराने वाला कोई नहीं!
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    रेलवे में 3 लाख हैं रिक्तियां और भर्तियों पर लगा है ब्रेक
    26 Mar 2022
    एक तरफ बेरोज़गार युवा दर-दर भटक रहे हैं वहीं दूसरी तरफ सरकारी विभागों में इतनी बड़ी संख्या में रिक्तियां, वह भी केवल एक विभाग में, चौंकाने वाली है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License