NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
उत्तर भारत में इस साल बाढ़ से 1900 लोगों की मौत, 30 लाख से अधिक विस्थापित: रिपोर्ट
ब्रिटेन के संगठन ‘क्रिस्चन एड’ की रिपोर्ट के मुताबिक चक्रवात फोनी जैसी भीषण मौसमीय घटनाओं से 10 अरब डालर का नुकसान हुआ और देश भर में एक करोड़ पेड़ उखड़ गए।
भाषा
27 Dec 2019
north India flood

नई दिल्ली: उत्तर भारत में इस वर्ष बाढ़ से 1900 लोगों की मौत हो गई और 30 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि मौसम से जुड़ी इस प्रकार की घटनाएं जलवायु परिवर्तन के कारण हैं।

ब्रिटेन के एक संगठन ‘क्रिस्चन एड’ ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट जारी की जिसमें कहा गया है कि चक्रवात फोनी जैसी भीषण मौसमीय घटनाओं से 10 अरब डालर का नुकसान हुआ और देश भर में एक करोड़ पेड़ उखड़ गए।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘चक्रवात फोनी 20 वर्षों में भारत में आया सबसे शक्तिशाली तूफान था। यह तूफान दो से चार मई 2019 में भारत और बांग्लादेश पहुंचा। इसके असर से 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।’

रिपोर्ट में कहा गया, ‘मई और जून में एशिया में 28 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ। चक्रवात फोनी भारत और बांग्लादेश में आया, चीन के कुछ हिस्सों में 60 साल की तुलना में अधिकतम बारिश हुई वहीं उत्तर भारत में मजबूत मॉनसून से अनेक हिस्सों में बाढ़ आई जिसमें 1900 लोग मारे गए।’

रिपोर्ट में कहा गया, ‘इसका एक कारण यह है कि ऐसा वातावरण जो गर्म हो वह अधिक जल वाष्प ग्रहण कर सकता है। दुनिया में अभी तक तापमान एक डिग्री सेल्सियस बढ़ा है।’

इसने कहा कि उत्तर भारत में आंधी तूफान सामान्य से 50 प्रतिशत बढ़े हैं और इसकी अवधि 80 प्रतिशत लंबी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, ‘भारत में अधिक अप्रत्याशित और अत्यधिक बारिश की प्रवृत्ति उस बात को दर्शाती है जिसका पर्यावरणविदों ने अनुमान लगाया था कि जलवायु परिवर्तन के कारण ये घटनाएं होंगी। खासकर अगर उत्सर्जन में गिरावट नहीं आती तो। एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि अगर उत्सर्जन बढ़ता रहा तो इस सदी में मानसून की बारिश अधिक अप्रत्याशित हो जाएगी, यह 50 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी।’

रिपोर्ट के अनुसार चक्रवात फोनी ने 34 लाख लोगों को विस्थापित करने के अलावा भारत और बांग्लादेश में एक करोड़ पेड़ों को नुकसान पहुंचाया।

floods in north india
Cyclone
Monsoon
Christian Aid

Related Stories

अम्फान के बाद निसर्ग चक्रवात का संकट : महाराष्ट्र में हाई अलर्ट, नौसेना भी तैयार

चक्रवात ‘अम्फान’ से बंगाल में 80 लोगों की मौत, हज़ारों बेघर, एक लाख करोड़ से ज़्यादा के नुकसान का दावा

चक्रवाती तूफ़ान ‘अम्फान’ से प.बंगाल में 72 लोगों की मौत, ओडिशा में भी भारी तबाही

बंगाल, ओडिशा चक्रवात अम्फान की चपेट में, दो की मौत, 6.5 लाख हटाए गए

बाढ़ का क़हर : दिल्ली नोयडा, पंजाब के कई गाँव ख़तरे में

चक्रवाती तूफान वायु ने बदला अपना रास्ता लेकिन अभी भी खतरा बरक़रार


बाकी खबरें

  • Bihar Poisonous Liquor Case
    अनिल अंशुमन
    बिहार ज़हरीली शराब कांड: नहीं थम रहा मौत का सिलसिला, 16 नवंबर को समीक्षा करेगी सरकार
    12 Nov 2021
    ‘ताला लागल बा, पाला खुलल बा’ की तर्ज़ पर जारी है शराबबंदी: भाकपा माले ने विपक्षी महागठबंधन से एकजुट होकर राज्य सरकार को घेरने का किया आह्वान।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: भीख में कभी आज़ादी नहीं मिलती
    12 Nov 2021
    हालांकि कंगना रनौत का बयान बहुत बात करने लायक़ नहीं है, फिर भी पूछने वाले पूछ रहे हैं कि भीख में क्या मिलता है, जी!, सच तो ये है कि भीख़ में रोटी मिलना मुश्किल है, आप आज़ादी की बात करते हैं।
  • kisan
    रवि कौशल
    पंजाब के फ़िरोज़पुर में हमले के बाद बोले किसान : 'हमने दूसरा लखीमपुर होने से बचाया'
    12 Nov 2021
    किसानों ने शिरोमणि अकाली दल के दो नेताओं की गिरफ़्तारी की मांग के साथ विरोध प्रदर्शन करते हुए कई घंटों तक सड़क जाम रखी।
  • Swabhiman Yatra
    राज वाल्मीकि
    मिशन-2021 : सफाई कर्मचारियों की स्वाभिमान यात्रा के मायने
    12 Nov 2021
    मिशन-2021 का लक्ष्य है पूरे भारत से शुष्क शौचालय का ध्वस्तीकरण। इसके साथ ही गटर-सीवर-सेप्टिक टैंकों में होने वाली मौतों को रोकना।
  • pollution
    शंभूनाथ शुक्ल
    पराली और प्रदूषण: किसानों के सिर ठीकरा फोड़ने की साज़िश
    12 Nov 2021
    बहुत आसान है यह कह देना कि किसान चूँकि धान की पुआल (पराली) जलाते हैं, इसलिए दिल्ली पर स्मॉग छाया है। यानी शहरियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसान कर रहे हैं। इस तरह वे लोग साफ़ बच निकलते हैं जो शहरों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License