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कोविड-19
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दिल्ली में जारी ऑक्सीजन संकट के बीच जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 मरीज़ों की मौत
ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर अस्पतालों में हाहाकार मचा हुआ है। अस्पतालों पर हद से ज्यादा दबाव है जहां छोटे-बड़े अस्पताल अगले कुछ घंटों के लिए सीमित आपूर्ति से काम चला रहे हैं।
भाषा
24 Apr 2021
Jaipur Golden Hospital

नयी दिल्ली: ऑक्सीजन की कमी को लेकर पैदा हुए गंभीर संकट के बीच दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 अत्यंत बीमार मरीजों की ऑक्सीजन नहीं मिलने से मौत हो गयी।

गंभीर रूप से बीमार कोविड मरीजों की जान बचाने के लिए ऑक्सीजन बहुत अहम है।

राष्ट्रीय राजधानी और उसके आस-पास के अस्पताल पिछले कुछ दिनों से हर कुछ घंटों पर सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर मदद की गुहार लगाते हैं और ऑक्सीजन का भंडार समाप्त होने की जानकारी देते हैं। महाराजा अग्रसेन अस्पताल ने इस संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है।

शहर के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित अस्पतालों में से एक गंगाराम अस्पताल में 25 मरीजों की मौत के एक दिन बाद अदालत ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह ऑक्सीन आपूर्ति बाधित होने का एक भी मामला बताए। अदालत ने कहा, “हम उस व्यक्ति को लटका देंगे।”

दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने अत्यंत बीमार कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी संबंधी महाराजा अग्रसेन अस्पताल की याचिका पर कहा, “हम किसी को भी नहीं बख्शेंगे।”

जयपुर गोल्डन अस्पताल में रात भर में 20 मरीजों के दम तोड़ देने की खबरों के बीच अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ डी के बलूजा ने पीटीआई-भाषा को बताया, “भंडार कम होने की वजह से ऑक्सीजन का दबाव घट गया है।”

उन्होंने कहा कि अस्पताल में करीब 200 मरीज भर्ती हैं और उनके पास 10 बजकर 45 मिनट पर केवल आधे घंटे की ऑक्सीजन शेष थी।

अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में भर्ती करीब 200 मरीजों में से 80 प्रतिशत मरीज ऑक्सीजन पर हैं। करीब 35 मरीज आईसीयू में हैं।

सर गंगाराम अस्पताल में अधिकारी एक दिन पहले की त्रासदी को दोबारा होने से रोकने के लिए संघर्ष करते दिखे। अस्पताल को हर दिन 11,000 घन मीटर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है जिसमें से महज 200 घन मीटर ऑक्सीजन बची थी जब सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर 1.5 टन ऑक्सीजन लेकर एक टैंकर पहुंचा।

अस्पताल के प्रमुख डी एस राणा ने कहा, “ मरीज परेशान हैं। हमें लोगों को खुद ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर आते देख दुख हो रहा है। अस्पताल सभी अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों से संपर्क कर चुका है और कर रहा है लेकिन कोई मदद नहीं मिल रही। सैकड़ों कॉल की गई, कोई फोन नहीं उठा रहा।

एक अधिकारी ने कहा, “हम सामान्य दबाव से आधे पर ऑक्सीजन चला रहे हैं। यह 1.5 टन ऑक्सीजन दो घंटे तक चलेगी। यह स्थिति बहुत खौफनाक है।”

ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर अस्पतालों में हाहाकार मचा हुआ है। अस्पतालों पर हद से ज्यादा दबाव है जहां छोटे-बड़े अस्पताल अगले कुछ घंटों के लिए सीमित आपूर्ति से काम चला रहे हैं।

अस्पतालों के बाहर भी निराशाजनक दृश्य देखने को मिल रहे हैं जहां एंबुलेंसों की कतार लगी हुई, परेशान रिश्तेदार मरीजों को भर्ती करने की गुहार लगा रहे हैं, मरीजों की सांसें उखड़ रही हैं और अस्पताल अपने दरवाजे पर खड़ी आपातकालीन स्थितियों से निपटने की कोशिशें कर रहे हैं।

सरोज सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक पी के भारद्वाज ने कहा, “हमने मरीजों को बता दिया है कि हमारे पास ऑक्सीजन की कमी है। हम बैक अप से काम चल रहे हैं। कुछ पता नहीं क्या होगा। पिछले 44 घंटे से रिफिल नहीं मिली है।”

उन्होंने कहा, “हम मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भर्ती होने की सलाह दे रहे हैं। मरीजों को पता है कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैं।’’

अधिकारियों ने बताया कि तुगलकाबाद इलाके में स्थित बत्रा अस्पताल को भंडार समाप्त होने के तुरंत बाद दिल्ली सरकार से ऑक्सीजन की आपातकालीन आपूर्ति मिली।

अस्पताल के कार्यकारी निदेशक सुधांशु बनकाटा ने कहा कि सुबह नौ बजे अस्पताल में ऑक्सीजन समाप्त हो गई थी।

उन्होंने कहा, “हमें अभी-अभी दिल्ली सरकार से आपात आपूर्ति प्राप्त हुई है। यह अगले डेढ़ घंटे तक चलेगी। हमारा आपूर्तिकर्ता फोन नहीं उठा रहा है।”

अस्पताल में करीब 350 मरीज भर्ती हैं जिनमें से 265 कोरोना संक्रमित हैं और 30 आईसीयू में हैं।

शालीमार बाग के फोर्टिस अस्पताल ने भी हताश होकर अपील की है।

अस्पताल ने प्रधानमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य को टैग करते हुए 12:28 पर ट्वीट किया, “एसओएस फोर्टिस शालीमार बाग में ऑक्सीजन खत्म हो रही है। मरीजों की जान खतरे में है। हम बैक अप पर काम कर रहे हैं। सुबह से आपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं। हम फिलहाल नये मरीज भर्ती नहीं कर रहे हैं। तत्काल सहायता का अनुरोध है।”

दक्षिणी दिल्ली के बड़े अस्पताल, मूलचंद ने सुबह सात बजकर पांच मिनट पर कहा कि उनके पास दो घंटे से भी कम की ऑक्सीजन बची है।

उसने ट्वीट किया, “हम सभी मुख्य अधिकारियों के नंबर पर फोन कर चुके हैं लेकिन बात नहीं हो पा रही है। 135 से ज्यादा कोविड मरीज जीवनरक्षक प्रणाली पर हैं।”

गुड़गांव के मैक्स अस्पताल ने भी कहा कि उसके पास ऑक्सीजन खत्म हो रही है।

लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल के चिकित्सा निदेशक सुरेश कुमार ने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन का भंडार आठ घंटे तक चलेगा।

दिल्ली में शुक्रवार को कोविड-19 के 24,331 नये मामले सामने आए और 348 लोगों की मौत हुई जबकि संक्रमण की दर 32.43 प्रतिशत हो गई है।

शहर में 11 दिन के भीतर 2,100 लोगों की घातक वायरस के चलते मौत हुई है।

उच्च न्यायालय ने शनिवार को केंद्र से पूछा कि दिल्ली के लिए आवंटित प्रतिदिन 480 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति कब होगी।

यह सवाल तब पूछा गया जब दिल्ली सरकार ने कहा कि उसे पिछले कुछ दिनों से प्रतिदिन 380 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिल रही है जबकि शुक्रवार को महज 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली।

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