NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
स्वाज़ीलैंड में लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शनों में 24 लोगों की मौत, 70 से अधिक घायल
सैन्य कार्रवाई के बावजूद शहरी और ग्रामीण स्वाज़ीलैंड के लोग अफ़्रीका के अंतिम निरंकुश सम्राट के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतर रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
01 Jul 2021
स्वाज़ीलैंड में लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शनों में 24 लोगों की मौत, 70 से अधिक घायल

लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों पर राजा मस्वाती तृतीय की सेना द्वारा क्रूर कार्रवाई के चलते 29 और 30 जून को स्वाज़ीलैंड में कम से कम 24 लोग मारे गए। ये प्रदर्शनकारी अफ्रीका के अंतिम निरंकुश सम्राट के शासन को चुनौती दे रहे हैं। मस्वाती कथित तौर पर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच 28 जून की रात को देश छोड़कर भाग गए।

दमनात्मक कार्रवाई से मरने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना है क्योंकि कई घायलों की हालत नाजुक है। इसके अलावा, इंटरनेट बंद होने के कारण जानकारी की अनउपलब्धता के चलते मौतों की संख्या को कम आंका जा सकता है। इसकी आड़ में सुरक्षा बलों द्वारा हिंसा जारी है। रिपोर्टों में कहा गया है कि सुरक्षा बलों ने लोगों के घरों में घुसकर कई हमले किए हैं।

संसद या जनता के प्रति जवाबदेही के बिना स्वाज़ीलैंड की अधिकांश अर्थव्यवस्था पर काबिज राजा की संपत्तियों और व्यवसायों को नष्ट करने के इस अभियान के एक हिस्से के रूप में मत्सफा के युवाओं ने सुपरमार्केट, ट्रक आदि को आग के हवाले कर दिया। लोकतंत्र समर्थक आंदोलन ने शांतिपूर्ण मार्च पर हिंसक पुलिस कार्रवाई के बाद देश भर में अपनी रणनीति को तेज किया जिसमें लोगों ने संसद के अपने संबंधित सदस्यों के कार्यालयों में मांगों की याचिकाएं दीं।

इस संसद के ऊपरी सदन के दो-तिहाई सदस्य और निचले सदन के 10% से अधिक सदस्य सीधे राजा द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। राजा के आदेश पर अपने-अपने क्षेत्रों को प्रशासित करने वाले प्रमुखों द्वारा मंजूर वे लोग शेष सीटों के लिए अलग अलग चुनाव लड़ सकते हैं न कि किसी भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के रूप में जिसे 1973 से देश में प्रतिबंधित कर दिया गया है। राजा जब चाहे संसद को भंग करने की शक्ति भी रखता है।

मदुदुज़ी बैसेडे मबुज़ा और मदुदुज़ी सिमेलाने दो ऐसे मुखर लोकतंत्र समर्थक सांसद हैं जो कथित तौर पर भूमिगत हैं और राजा द्वारा उनकी गिरफ्तारी के आदेश के बाद से वे पुलिस से छिपते रहे हैं। पुलिस ने कथित तौर पर इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया जिसके बाद सेना को इस काम को अंजाम देने का निर्देश दिया गया।

swaziland
King Msawati
Swaziland Protest

Related Stories

स्वाज़ीलैंड में अभूतपूर्व लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों से अफ़्रीका के अंतिम सम्राट परेशान


बाकी खबरें

  • bihar
    अनिल अंशुमन
    बिहार शेल्टर होम कांड-2’: मामले को रफ़ा-दफ़ा करता प्रशासन, हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
    05 Feb 2022
    गत 1 फ़रवरी को सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो ने बिहार की राजनीति में खलबली मचाई हुई है, इस वीडियो पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान ले लिया है। इस वीडियो में एक पीड़िता शेल्टर होम में होने वाली…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    सत्ता में आते ही पाक साफ हो गए सीएम और डिप्टी सीएम, राजनीतिक दलों में ‘धन कुबेरों’ का बोलबाला
    05 Feb 2022
    राजनीतिक दल और नेता अपने वादे के मुताबिक भले ही जनता की गरीबी खत्म न कर सके हों लेकिन अपनी जेबें खूब भरी हैं, इसके अलावा किसानों के मुकदमे हटे हो न हटे हों लेकिन अपना रिकॉर्ड पूरी तरह से साफ कर लिया…
  • beijing
    चार्ल्स जू
    2022 बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के ‘राजनयिक बहिष्कार’ के पीछे का पाखंड
    05 Feb 2022
    राजनीति को खेलों से ऊपर रखने के लिए वो कौन सा मानवाधिकार का मुद्दा है जो काफ़ी अहम है? दशकों से अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने अपनी सुविधा के मुताबिक इसका उत्तर तय किया है।
  • karnataka
    सोनिया यादव
    कर्नाटक: हिजाब पहना तो नहीं मिलेगी शिक्षा, कितना सही कितना गलत?
    05 Feb 2022
    हमारे देश में शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, फिर भी लड़कियां बड़ी मेहनत और मुश्किलों से शिक्षा की दहलीज़ तक पहुंचती हैं। ऐसे में पहनावे के चलते लड़कियों को शिक्षा से दूर रखना बिल्कुल भी जायज नहीं है।
  • Hindutva
    सुभाष गाताडे
    एक काल्पनिक अतीत के लिए हिंदुत्व की अंतहीन खोज
    05 Feb 2022
    केंद्र सरकार आरएसएस के संस्थापक केबी हेडगेवार को समर्पित करने के लिए  सत्याग्रह पर एक संग्रहालय की योजना बना रही है। इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के उसके ऐसे प्रयासों का देश के लोगों को विरोध…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License