NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं 363 सांसद, विधायक, दोषसिद्धि से हो जाएंगे अयोग्य: एडीआर
चुनाव सुधारों के लिए काम करने वाले संगठन एडीआर और ‘नेशनल इलेक्शन वाच’ ने 2019 से 2021 तक 542 लोकसभा सदस्यों और 1,953 विधायकों के हलफनामों का विश्लेषण किया है।
भाषा
24 Aug 2021
आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं 363 सांसद, विधायक, दोषसिद्धि से हो जाएंगे अयोग्य: एडीआर
'प्रतीकात्मक फ़ोटो' साभार: The Indian Express

नयी दिल्ली: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने कहा है कि कुल 363 सांसद, विधायक आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं और दोषसिद्धि होने पर जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत उन्हें अयोग्य करार दिया जाएगा।

केंद्र और राज्यों में 39 मंत्रियों ने भी जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा आठ के तहत दर्ज आपराधिक मामलों की घोषणा की है। कानून की धारा आठ की उप-धाराएं (1), (2) और (3) में प्रावधान है कि इनमें से किसी भी उप-धारा में उल्लिखित अपराध के लिए दोषी व्यक्ति को दोषसिद्धि की तारीख से अयोग्य घोषित किया जाएगा और उनकी रिहाई के बाद से छह साल की और अवधि के लिए वह अयोग्य बना रहेगा।

चुनाव सुधारों के लिए काम करने वाले संगठन एडीआर और ‘नेशनल इलेक्शन वाच’ ने 2019 से 2021 तक 542 लोकसभा सदस्यों और 1,953 विधायकों के हलफनामों का विश्लेषण किया है। एडीआर के मुताबिक 2,495 सांसदों, विधायकों में से 363 (15 प्रतिशत) ने घोषणा की है कि उनके खिलाफ कानून में सूचीबद्ध अपराधों के लिए अदालतों द्वारा आरोप तय किए गए हैं। इनमें 296 विधायक और 67 सांसद हैं।

एडीआर ने कहा कि राजनीतिक दलों में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में ऐसे सांसदों, विधायकों की संख्या सबसे अधिक 83 है। कांग्रेस में 47 और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में 25 ऐसे सांसद, विधायक हैं। एडीआर के मुताबिक 24 मौजूदा लोकसभा सदस्यों के खिलाफ कुल 43 आपराधिक मामले लंबित हैं और 111 मौजूदा विधायकों के खिलाफ कुल 315 आपराधिक मामले 10 साल या उससे अधिक समय से लंबित हैं।

जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 8 (1), (2) और (3) के तहत सूचीबद्ध अपराध गंभीर, जघन्य प्रकृति के हैं। बिहार में 54 विधायक ऐसे हैं, जो इस तरह के गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, इसके बाद केरल में ऐसे 42 विधायक हैं। एडीआर ने अपनी नयी रिपोर्ट में कहा कि चार केंद्रीय मंत्री और राज्यों में 35 मंत्री हैं, जिन्होंने आपराधिक मामलों की सूचना दी है।

MLAs criminal cases
MPs/MLAs
Political leader
Congress
BJP
TMC
ADR

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन की वजह से घर-घर चक्कर काट रहे हैं गृह मंत्री : धर्मेंद्र मलिक
    29 Jan 2022
    जाटलैंड यानी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन ने कितनी बदली है तस्वीर, क्या चलेगा भाजपा का सांप्रदायिक कार्ड, इस पर वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बात की भारतीय किसान यूनियन के अहम चेहरे और मीडिया…
  • uttarpradesh
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: जिसके सर होगा पूर्वांचल का हाथ, वही करेगा यूपी में राज!
    29 Jan 2022
    देश का सबसे बड़ा सियासी सूबा उत्तर प्रदेश हर बार यही सोचता है कि इस बार तो विकास पर चुनाव होंगे, लेकिन गाड़ी आकर आखिरकार जातिवाद पर ही अटक जाती है, ऐसे में पूर्वांचल का जातीय समीकरण हर बार राजनीतिक…
  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड 2022: क्या खदबदा रहा है पहाड़ के भीतर, पहाड़ की सियासत, पहाड़ के सवाल
    29 Jan 2022
    सन् 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर बना उत्तराखंड राज्य आज तक अपनी तकदीर नहीं बदल पाया। हर बार इस आशा में सरकार बदलता है कि शायद इस बार अच्छा होगा...लेकिन इसके अच्छे दिन नहीं आते। भाजपा और कांग्रेस…
  • GANDHI JI
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: टीवी स्टूडियो में गांधी जी के साथ महाबहस
    29 Jan 2022
    बापू मुस्कुरा के बोले— मुझे तो इतने साल पहले मारा जा चुका है। फिर आप मुझे मारने के लिए अब क्यों परेशान हो रहे हैं?
  • Bundelkhand
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपीः योगी सरकार के 5 साल बाद भी पानी के लिए तरसता बुंदेलखंड
    29 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश को बुंदेलखंड स्पेशल पैकेज के तहत जितना पैसा दिया गया उसका 66% यानी 1445.74 करोड़ रुपये का इस्तेमाल पानी का संकट दूर करने के लिए किया गया लेकिन स्थिति नहीं बदली।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License