NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
स्वास्थ्य
अंतरराष्ट्रीय
कोरोना संकट के दौरान 40 प्रतिशत देश छात्रों की सहायता करने में विफल रहे: यूनेस्को
यूनेस्को के आंकड़ों के अनुसार कोविड-19 फैलने की वजह से बंद किए गए शैक्षणिक संस्थानों के कारण 154 करोड़ छात्र गंभीर रूप से प्रभावित हुए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 Jun 2020
 यूनेस्को

नई दिल्ली: यूनेस्को की वैश्विक शिक्षा निगरानी (जीईएम) रिपोर्ट 2020 के अनुसार विश्व में अल्प और मध्यम आय वाले कम से कम चालीस प्रतिशत देश कोविड-19 से उपजे संकट के कारण लागू लॉकडाउन में स्कूल बंद रहने के दौरान छात्रों को पढ़ने का उचित माध्यम उपलब्ध कराने में नाकाम रहे। मंगलवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट के चौथे संस्करण में यह भी कहा गया कि विश्व भर में दस प्रतिशत से भी कम देशों में ऐसे कानून हैं जो शिक्षा में पूर्ण समावेश सुनिश्चित करते हैं।

जीईएम रिपोर्ट के निदेशक मनोस अंतोनिनिस ने कहा, “कोविड-19 ने हमें अपनी शिक्षा व्यवस्था के बारे में फिर से सोचने का अवसर दिया है। लेकिन विविधता का स्वागत करने वाली और उसका मोल समझने वाली दुनिया में हम रातोंरात नहीं पहुंच सकते। सभी बच्चों को एक ही छत के नीचे पढ़ाने और ऐसा वातावरण विकसित करने में अंतर है जहां बच्चा अच्छे से पढ़ सके। लेकिन कोविड-19 ने हमें सिखाया है कि यदि हम सोचें तो चीजों को अलग तरह से भी किया जा सकता है।”

रिपोर्ट में कहा गया कि शिक्षा व्यवस्था अमूमन छात्रों की विशेष जरूरतों को पूरा करने में असफल रहती है। रिपोर्ट में कहा गया, “विश्व के केवल 41 देशों में आधिकारिक रूप से सांकेतिक भाषा को मान्यता दी गई है और दुनियाभर के स्कूल इंटरनेट की सुविधा के अधिक आग्रही हैं बजाय इसके कि वे विकलांग छात्रों को सीखने का माध्यम उपलब्ध करा सकें। साढ़े तैंतीस करोड़ लड़कियां ऐसे स्कूलों में गईं जहां उन्हें पानी, साफ सफाई उपलब्ध नहीं था।”

जीईएम रिपोर्ट एक स्वतंत्र दल द्वारा तैयार की गई है और इसे यूनेस्को ने प्रकाशित किया है। रिपोर्ट में कहा गया, “कम और मध्यम आय वाले लगभग आधे देशों ने विकलांग बच्चों की शिक्षा के बारे में पर्याप्त आंकड़े एकत्रित नहीं किए।”

यूनेस्को के आंकड़ों के अनुसार कोविड-19 फैलने की वजह से बंद किए गए शैक्षणिक संस्थानों के कारण 154 करोड़ छात्र गंभीर रूप से प्रभावित हुए।

समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ 

Coronavirus
COVID-19
Online Education
Corona and Student
UNESCO

Related Stories

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

पूर्वोत्तर के 40% से अधिक छात्रों को महामारी के दौरान पढ़ाई के लिए गैजेट उपलब्ध नहीं रहा

कोरोना लॉकडाउन के दो वर्ष, बिहार के प्रवासी मज़दूरों के बच्चे और उम्मीदों के स्कूल

कर्नाटक: वंचित समुदाय के लोगों ने मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों, सूदखोरी और बच्चों के अनिश्चित भविष्य पर अपने बयान दर्ज कराये

लॉकडाउन में लड़कियां हुई शिक्षा से दूर, 67% नहीं ले पाईं ऑनलाइन क्लास : रिपोर्ट

शिक्षा बजट: डिजिटल डिवाइड से शिक्षा तक पहुँच, उसकी गुणवत्ता दूभर

शिक्षा बजट पर खर्च की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? 

विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में, नयी हकीकत को स्वीकार करना होगा: रिपोर्ट

ऑनलाइन शिक्षा में विभिन्न समस्याओं से जूझते विद्यार्थियों का बयान

उत्तराखंड में ऑनलाइन शिक्षा: डिजिटल डिवाइड की समस्या से जूझते गरीब बच्चे, कैसे कर पाएंगे बराबरी?


बाकी खबरें

  • समीना खान
    हिजाब बनाम परचम: मजाज़ साहब के नाम खुली चिट्ठी
    12 Apr 2022
    यहां मसला ये है कि आंचल, घूंघट, हिजाब, नक़ाब हो या बिकनी, हमेशा से पगड़ी के फ़ैसले इन सब पर भारी रहे हैं। इसलिए अब हमें आपके नज़रिए में ज़रा सा बदलाव चाहिए। जी! इस बार हमें आंचल भी चाहिए और आज़ादी भी…
  • ज़ाहिद खान
    सफ़दर भविष्य में भी प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे
    12 Apr 2022
    12 अप्रैल, सफ़दर हाशमी जयंती और ‘राष्ट्रीय नुक्कड़ नाटक दिवस’ पर विशेष।
  • jnu
    न्यूज़क्लिक टीम
    ‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र
    11 Apr 2022
    जेएनयू में रविवार को हुई हिंसा के बाद विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र अपना विरोध जताने के लिए दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुँचे जहाँ उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया. छात्रों की बड़ी माँग थी कि पुलिस…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU में अब नॉन वेज को लेकर विवाद? ऐसे बनोगे विश्वगुरु ?
    11 Apr 2022
    न्यूज़चक्र के आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा JNU में हुए ABVP द्वारा राम नवमी के दिन मांसाहारी खाना खाने पर छात्रों की पिटाई की खबर पर चर्चा कर रहे हैं और वह भारत में तेज़ी से बढ़ रहे…
  • मुकुंद झा
    जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए
    11 Apr 2022
    घटना के विरोध में दिल्ली भर के छात्र सड़क पर उतरे। छात्र, पुलिस मुख्यालय पर विरोध जताने के लिए एकत्रित हुए परन्तु पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को अस्थायी हिरासत में ले लिया और चाणक्यपुरी, संसद मार्ग…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License