NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बसपा के 6 विधायकों ने की बगावत, राज्यसभा प्रत्याशी के नामांकन पर फर्जी हस्ताक्षर का लगाया आरोप
चार विधायकों ने राज्यसभा चुनाव के लिये पार्टी प्रत्याशी के नामांकन पत्र पर प्रस्तावक के तौर पर किये गये अपने हस्ताक्षरों को फर्जी बताते हुए बुधवार को पीठासीन अधिकारी को एक शपथपत्र दिया।
भाषा
28 Oct 2020
mayawati

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के छह विधायकों ने बगावत कर दी है। चार विधायकों ने राज्यसभा चुनाव के लिये पार्टी प्रत्याशी के नामांकन पत्र पर प्रस्तावक के तौर पर किये गये अपने हस्ताक्षरों को फर्जी बताते हुए बुधवार को पीठासीन अधिकारी को एक शपथपत्र दिया।

श्रावस्ती से बसपा विधायक असलम राइनी ने संवाददाताओं को बताया कि उनके और पार्टी विधायक असलम चौधरी, मुज्तबा सिद्दीकी और हाकिम लाल बिंद द्वारा पीठासीन अधिकारी को दिये गये शपथपत्र में कहा गया है कि राज्यसभा चुनाव के लिये बसपा के प्रत्याशी रामजी गौतम के नामांकन पत्र पर प्रस्तावक के तौर पर किये गये उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं।

उनके साथ विधायक सुषमा पटेल और हरिगोविंद भार्गव भी थे।

आगामी नौ नवम्बर को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिये नामांकन पत्रों की आज जांच की जा रही थी।

सूत्रों के मुताबिक पीठासीन अधिकारी इन बसपा विधायकों की शिकायत पर गौर करके उचित निर्णय लेंगे।

इस बीच, यह भी खबर आयी कि पीठासीन अधिकारी को शपथपत्र देने के बाद ये सभी बसपा विधायक समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्य मुख्यालय पहुंचे, जिसके बाद उनके सपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गयीं। हालांकि, विधायकों ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात होने से इनकार किया।

इलाहाबाद से बसपा विधायक मुज्तबा सिद्दीकी ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी में उनका कोई मान-सम्मान और सुनवाई नहीं रह गयी थी। उन्होंने कहा कि बसपा अध्यक्ष मायावती तो ठीक हैं, मगर पार्टी के समन्वयक बहुत परेशान करते हैं, जिससे तंग आकर उन्होंने यह कदम उठाया है।

उन्होंने सपा विधायक अखिलेश यादव से कोई मुलाकात होने से इनकार किया।

विधायक राइनी ने पत्रकारों से कहा कि वह 26 अगस्त को कोविड-19 से पीड़ित हो गये थे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेदांता अस्पताल में इलाज कराकर उनकी जान बचायी।

राइनी ने कहा कि इस बारे में उन्होंने एक वीडियो वायरल किया जो मेरी पार्टी की नेता और दल के लोगों को पसंद नहीं आया।

उन्होंने बसपा अध्यक्ष मायावती को बेकुसूर बताते हुए कहा कि हालात के लिये पार्टी के समन्वयक जिम्मेदार हैं और सिर्फ इसीलिये हमने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है।

राइनी ने कहा कि उनकी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात नहीं हुई।

हालांकि, बसपा विधायक सुषमा पटेल ने अखिलेश से मुलाकात की बात स्वीकार करते हुए पत्रकारों से कहा कि अखिलेश ने उन्हें बुलाया था। मगर वह इस बारे में कुछ नहीं बताना चाहतीं।

गौरतलब है कि पर्याप्त संख्याबल नहीं होने के बावजूद बसपा ने पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक और बिहार इकाई के प्रभारी रामजी गौतम को राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया है। गौतम ने गत सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल किया था।

उधर, सपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि बसपा के सभी छह विधायकों ने सपा अध्यक्ष अखिलेश से मुलाकात की है। लेकिन उन्होंने इस दौरान हुई बातचीत का ब्यौरा देने से यह कहते हुए मना कर दिया कि ‘अब मुलाकात हुई है तो कोई बात तो होगी ही।’ उन्होंने दावा किया कि बसपा के साथ—साथ सत्तारूढ़ भाजपा के भी कई विधायक सपा के सम्पर्क में हैं और वे किसी भी वक्त पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

BSP
MAYAWATI
6 BSP MLAs
AKHILESH YADAV

Related Stories

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

उत्तर प्रदेश विधानसभा में भारी बवाल

‘साइकिल’ पर सवार होकर राज्यसभा जाएंगे कपिल सिब्बल

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का समीकरण

27 महीने बाद जेल से बाहर आए आज़म खान अब किसके साथ?

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

सवर्णों के साथ मिलकर मलाई खाने की चाहत बहुजनों की राजनीति को खत्म कर देगी

सपा प्रतिनिधिमंडल को न, दूसरे दलों को हां... आख़िर आज़म का प्लान क्या है?

ख़बरों के आगे-पीछे: पंजाब पुलिस का दिल्ली में इस्तेमाल करते केजरीवाल


बाकी खबरें

  • International
    न्यूज़क्लिक टीम
    2021: अफ़ग़ानिस्तान का अमेरिका को सबक़, ईरान और युद्ध की आशंका
    30 Dec 2021
    'पड़ताल दुनिया भर' की के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने न्यूज़क्लिक के मुख्य संपादक प्रबीर पुरकायस्थ से बात की कि 2021 में अफ़ग़ानिस्तान ने किस तरह एक ध्रुवी अमेरिकी परस्त कूटनीति को…
  • Deen Dayal Upadhyaya Gorakhpur University
    सत्येन्द्र सार्थक
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप, शिक्षक और छात्र कर रहे प्रदर्शन
    30 Dec 2021
    गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर कुछ प्रोफेसर और छात्रों ने आरोप लगाया है कि “कुलपति तानाशाही स्वभाव के हैं और मनमाने ढंग से फ़ैसले लेते हैं। आर्थिक अनियमितताओं के संदर्भ में भी उनकी जाँच होनी…
  • MGNREGA
    सुचारिता सेन
    उत्तर प्रदेश में ग्रामीण तनाव और कोविड संकट में सरकार से छूटा मौका, कमज़ोर रही मनरेगा की प्रतिक्रिया
    30 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश में देश की तुलना में ग्रामीण आबादी की हिस्सेदारी थोड़ी ज़्यादा है। सबसे अहम, यहां गरीब़ी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों की संख्या देश की तुलना में कहीं ज़्यादा है। इस स्थिति में कोविड…
  • delhi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना पाबंदियों के कारण मेट्रो में लंबी लाइन बसों में नहीं मिल रही जगह, लोगों ने बसों पर फेंके पत्थर
    30 Dec 2021
    दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों के बाहर गुरुवार सुबह लगातार दूसरे दिन यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं।
  • AFSHPA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    नगा संगठनों ने अफस्पा की अवधि बढ़ाये जाने की निंदा की
    30 Dec 2021
    केंद्र ने बृहस्पतिवार को नगालैंड की स्थिति को ‘‘अशांत और खतरनाक’’ करार दिया तथा अफस्पा के तहत 30 दिसंबर से छह और महीने के लिए पूरे राज्य को ‘‘अशांत क्षेत्र’’ घोषित कर दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License